Russia-Ukraine War: तनाव कम करने की जर्मनी की अपील को ठुकराते हुए रूस ने यूक्रेन पर जबरदस्त हवाई हमला किया है. अधिकारियों के मुताबिक, रविवार की रात हुए इस रूसी हमले में दो लोगों की मौत हो गई. यह कार्रवाई मॉस्को द्वारा नाटो (NATO) के खिलाफ तनाव घटाने की जर्मन अपील को खारिज करने के कुछ ही घंटों बाद हुई. यह कूटनीतिक गतिरोध तब सामने आया जब संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक सत्र के इतर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उनके जर्मन समकक्ष के बीच एक बैठक हुई. साल 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण सैन्य आक्रमण के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली आमने-सामने की बातचीत थी. हालांकि, रूस ने इस मुलाकात को खास अहमियत नहीं दी और जर्मनी की शांति अपील को नजरअंदाज कर दिया. दोनों देशों के बीच हालिया हफ्तों में रिश्ते बेहद कड़वे हो चुके हैं.
दोनों देशों के बीच हवाई युद्ध लगातार तेज
पिछले महीने जर्मनी के लीपज़िग एयरपोर्ट पर विस्फोटक लदे ड्रोन से हमले की एक नाकाम कोशिश हुई थी, जिसका सीधा आरोप बर्लिन ने क्रेमलिन पर लगाया था. इस बीच, सीमा पर जमीनी हालात जस के तस बने हुए हैं, लेकिन आसमान में दोनों पक्षों के बीच हवाई युद्ध लगातार तेज हो रहा है और इसके फिलहाल थमने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं. लेकिन मॉस्को ने हाल के महीनों में अपने पड़ोसी देश पर क्रूज़ और बैलिस्टिक मिसाइलों, शक्तिशाली ग्लाइड बमों और जेट-पावर्ड ड्रोनों से जोरदार हमले किए हैं. वहीं, कीव के लंबी दूरी तक मार करने वाले ड्रोनों ने रूस की तेल रिफाइनरियों और कारोबारों को निशाना बनाया है. यूक्रेन की इमरजेंसी सर्विस के मुताबिक, कीव में रात के समय एक रूसी ड्रोन के गैर-आवासीय इमारत से टकराने के बाद एक व्यक्ति मृत पाया गया.
मॉस्को ने कूटनीतिक मुलाकात को नहीं दी अहमियत
इमरजेंसी सर्विस ने बताया कि एक और ड्रोन एक मंजिला गाड़ी मरम्मत की दुकान से टकराया, जिससे लगी आग बुझाने के लिए फायरफाइटर्स को रविवार सुबह तक मशक्कत करनी पड़ी. स्थानीय मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख ओलेह किपर के अनुसार, रूसी सेना ने शनिवार रात से रविवार के बीच यूक्रेन के दक्षिणी ओडेसा इलाके पर कई बार हमले किए. इस इलाके में देश का मुख्य काला सागर बंदरगाह भी है. इन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. न्यूयॉर्क में हुई बैठक के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इसे ज़्यादा अहमियत नहीं दी. यह बैठक जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के अनुरोध पर बुलाई गई थी.
नाटो ने की हमले की निंदा
लावरोव ने कहा कि वाडेफुल ने बस रूस की निंदा करने वाले अपने आधिकारिक रुख को ही दोहराया. कहा कि आप खुद तय कर सकते हैं कि इसे बातचीत माना जाए या नहीं. जर्मन प्रतिनिधिमंडल के एक अधिकारी के अनुसार, वाडेफुल ने बेहतर रिश्ते बनाने की इच्छा जताई, लेकिन कहा कि इसके लिए रूस के नेतृत्व की ओर से यूक्रेन में युद्ध खत्म करने की सच्ची इच्छाशक्ति की ज़रूरत है. संयुक्त राष्ट्र के ज़्यादातर सदस्य देशों ने बार-बार मॉस्को के हमले की निंदा की है. क्रेमलिन इस युद्ध को विशेष सैन्य अभियान बताता है, जिसका मकसद रूस की सुरक्षा और रूसी भाषा बोलने वालों के अधिकारों को सुनिश्चित करना है.
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