Syria News : सीरिया ने तय किया है कि वह अंदरूनी मामलों को लेकर थोड़ा आत्मनिर्भर होना चाहता है और अन्य मुद्दे को लेकर सीरियाई अधिकारी जल्द पेरिस में एक बातचीत करने वाला है. साथ ही वह इजराइल की सेना को भी अपने देश से हटाने की मांग कर सकता है.
Syria News : सीरिया और इजराइल के बीच में तनाव कम करने को लेकर दोनों देशों के अधिकारी अमेरिका की मध्यस्थता में पेरिस में जल्द बातचीत करेंगे. एक सीरियाई अधिकारी ने सोमवार को कहा कि सीरिया पक्ष के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री असद अल-शिबानी और जनरल इंटेलिजेंस निदेशालय के प्रमुख हुसैन सलामेह करेंगे. अधिकारी ने आगे कहा कि बातचीत में सीरिया का मुख्य मकसद साल 1974 के एक अलगाव समझौते को फिर सक्रिय करना है, जिसने दक्षिणी सीरिया में संयुक्त राष्ट्र द्वारा गश्त वाला बफर जोन स्थापित किया था और इजराइली सेना की भी वापसी को पक्का करना चाहता है, जिसने बीते साल इस बफर जोन पर कब्जा कर लिया था.
इजराइल के साथ नहीं करना सीरिया कोई टकराव
साल 2024 में सीरिया के वर्तमान अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शारा के नेतृत्व वाले विद्रोहियों ने एक तेज हमले में देश के लंबे समय से सत्तावादी नेता बशर असद को सत्ता से हटा दिया था. वहीं, अल-शारा ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इजराइल के साथ ठकराव करने का उसका कोई इरादा नहीं है. इसी बीच इजराइल को नई इस्लामी नेतृत्व वाली सरकार पर शक था और उसने तुरंत बफर जोन पर कंट्रोल करने के लिए कदम उठाया था. यही वजह है कि सीरियाई मिलिट्री ठिकानों पर सैकड़ों हवाई हमले किए और बफर जोन के बाहर गांवों पर भी हमला किया. इन सभी परिस्थिति को लेकर इजराइल ने कहा कि उसकी मौजूदगी अस्थायी है ताकि असद समर्थक बचे हुए लोगों को और आतंकियों को पूरी तरह से खत्म किया जा सके. साथ ही इजराइली सीमाओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके.
सेना हटाने का नहीं दिया कोई संकेत
फिलहाल के लिए इजराइल ने ये संकेत नहीं दिया है कि वह अपनी सेना सीरिया से कब हटाएगा. दोनों देशों के बीच में सुरक्षाव समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत पिछले साल रुक गई थी. इसी कड़ी में सीरियाई अधिकारी ने कहा कि बातचीत के नए दौर में दमिश्क से जल्द ही इजराइली सैनिकों को हटाने की मांग करेगा. इसके साथ ही एक आपसी समझौते के तहत सीरिया की संप्रभुता को बनाए रखा जाए और आंतरिक मामलों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप न किया जाए. दूसरी तरफ इजराइली अधिकारियों ने इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. इसके अलावा सीरिया में मौजूद अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने प्रवक्ता की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.
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