Home अंतरराष्ट्रीय बांग्लादेश में हुई हिंसा को लेकर UN की रिपोर्ट में आए चौंकाने वाले आंकड़े, प्रदर्शन में 650 लोगों की हुई मौत

बांग्लादेश में हुई हिंसा को लेकर UN की रिपोर्ट में आए चौंकाने वाले आंकड़े, प्रदर्शन में 650 लोगों की हुई मौत

by Nishant Pandey 17 August 2024, 2:20 PM IST (Updated 1 September 2025, 3:30 PM IST)
17 August 2024, 2:20 PM IST (Updated 1 September 2025, 3:30 PM IST)
बांग्लादेश में हुई हिंसा को लेकर UN की रिपोर्ट में आए चौंकाने वाले आंकड़ें, प्रदर्शन में 650 लोगों की हुई मौत

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हुई हिंसा को लेकर UNHCR की रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मारे गए लोगों में ज्यादातर प्रदर्शनकारी, राहगीर, पत्रकार और कई सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं.

17 August, 2024

Bangladesh Violence: बांग्लादेश (Bangladesh) में आरक्षण विरोधी आंदोलन के बीच प्रदर्शनकारियों की ओर से की गई हिंसा में 650 लोगों की मौत हुई है. इस बात का खुलासा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने अपनी एक प्रारंभिक रिपोर्ट में किया है. UNHCR की रिपोर्ट में कहा गया है कि 16 जुलाई से 4 अगस्त के बीच करीब 400 लोगों की मौत हुई, जबकि 5 और 6 अगस्त के बीच विरोध प्रदर्शनों की नई लहर के बाद करीब 250 लोगों की मौत हुई.

रिपोर्ट में मौतों की संख्या आंकी गई कम

UNHCR की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 7 से 11 अगस्त के बीच कई मौतें हुईं, जिनमें हिंसा में लगी चोटों के लिए अस्पताल में उपचार के दौरान मरने वाले लोग भी शामिल हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि मारे गए लोगों में ज्यादातर प्रदर्शनकारी, राहगीर, पत्रकार और कई सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं. जबकि हजारों प्रदर्शनकारी और राहगीर घायल हुए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि मौतों की संख्या कम आंकी गई है क्योंकि बांग्लादेश में कर्फ्यू और इंटरनेट बंद होने के कारण कहीं आने जाने की पाबंदी है. इसलिए मौतों की संख्या की गिनती करने में बाधा आ रही है. रिपोर्ट में दावा किया गया कि हिंसा के दौरान सुरक्षा बलों ने स्थिति पर काबू पाने के लिए अनावश्यक बल का इस्तेमाल किया है. इसको लेकर स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है.

नौकरियों में आरक्षण को लेकर शुरू हुआ था प्रदर्शन

बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली को लेकर छात्र नेताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था. छात्रों ने शेख हसीना सरकार से मांग की थी कि सरकार इस फैसले को वापस ले. सरकार के इस फैसले को लेकर बांग्लादेश में छात्र नेताओं ने जमकर प्रदर्शन किया था. इस फैसले को वापस ना लेना शेख हसीना की कुर्सी के लिए मुसीबत बन गया. आखिरकार शेख हसीना को अंत में अपने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

यह भी पढ़ें : भारत का सबसे भरोसेमंद हिंदी न्यूज़ चैनल, बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ और ताज़ा अपडेट

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?