Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच बीते पांच महीने से जारी संघर्ष अब और गहराता जा रहा है. इस तनाव की एक बड़ी वजह दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है, जिसे ईरान ने बंद कर रखा है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समुद्री मार्ग पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने यहां से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलने की भी बात कही है. इसी बीच ट्रंप के एक बयान से हलचल मच गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक नक्शा साझा किया है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की जगह ‘Trump Strait’ नाम लिखा हुआ दिखाई दे रहा है.
ईरान ने किया अमेरिकी प्रस्ताव को खारिज
डोनाल्ड ट्रंप ने ये कदम उस वक्त उठाया है जब ईरान ने सात-दिवसीय फ्रेमवर्क प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. इस प्रस्ताव का मकसद इस अहम समुद्री गलियारे को फिर से खोलना और परमाणु बातचीत को दोबारा शुरू करना था. डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान कभी भी परमाणु शक्ति संपन्न देश नहीं बन पाएगा. उन्होंने इस पर शक जताया कि तेहरान उनकी को शर्तों को मानेगा या नहीं? द वाशिंगटन पोस्ट के हवाले से बताया गया है कि ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका द्वारा फिर से बमबारी अभियान शुरू करने की पूरी संभावना है.
शर्तें पूरी होने पर आवाजाही सामान्य होगी
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा था कि अगर वाशिंगटन तेहरान की शर्तों को मान लेता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य आवाजाही सात दिनों के भीतर बहाल कर दी जाएगी. प्रस्तावित शर्तों में अमेरिका से ईरान के बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को खत्म करने और लेबनान समेत अन्य क्षेत्रों में युद्धविराम करने की बात कही गई है. अरागची ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि अगर प्रस्ताव की सभी शर्तें पूरी हो जाती हैं तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दिया जाएगा. साथ ही 7 दिनों के भीतर आवाजाही भी बहाल कर दी जाएगी.
प्रभावी ढंग से कर रखी है नाकेबंदी
इस बयान के सामने आने के बाद ट्रंप ने पहले होर्मुज को अमेरिकी इलाका घोषित करने के विचार को बेहतरीन विचार बताया था. उन्होंने कहा था कि वाशिंगटन अपनी जारी नाकेबंदी के जरिए होर्मुज को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करता है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि मुझे इसे अपना विचार घोषित करना पसंद है और इस समुद्री गलियारे पर वाशिंगटन का पूरा नियंत्रण है. साथ ही अभी तक हमारी नाकेबंदी भी सफल रही है. वहीं, द वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, युद्ध से पहले दुनिया भर में व्यापार होने वाले तेल और गैस का करीब पांचवां हिस्सा इसी रणनीतिक जलमार्ग से होकर गुजरता था.
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