US Strike: पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के ऐलान के बाद अमेरिका का ‘नारकोटेररिस्ट’ के खिलाफ ऑपरेशन जारी है. ताजा मामला पूर्वी प्रशांत महासागर में कथित रूप से ड्रग्स तस्करी के आरोप में एक नाव पर हमले का है. जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अमेरिकी सेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग्स की तस्करी के आरोपी एक नाव पर हमला किया. हमला होते ही नाव में आग लग गई. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग बच गए.
जानकारी के मुताबिक, अमेरिका का ट्रंप प्रशासन लैटिन अमेरिका में कथित तस्करों के खिलाफ अपना महीनों से चल रहा अभियान जारी रखे हुए है. इसमें अभी तक 208 लोगों की मौत हो चुकी है और वहीं कई लोग घायल हुए हैं.
हमला होते ही आग की लपटों में नाव
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी प्रशांत महासागर और कैरेबियन सागर में हमलों के संबंध में सेना के अधिकांश बयानों की तरह, अमेरिकी दक्षिणी कमान ने कहा कि उसने ज्ञात तस्करी मार्गों के साथ कथित मादक पदार्थों के तस्करों को निशाना बनाया. अमेरिकी सेना ने इस बात का कोई सबूत नहीं दिया कि पोत में नशीले पदार्थों की ढुलाई हो रही थी. सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में एक नाव पानी में चलती हुई दिखाई दे रही है, तभी उस पर हमला होता है और वह आग की लपटों में घिर जाती है. दक्षिणी कमान ने कहा कि उसने “बचे हुए लोगों की खोज और रेस्क्यू सिस्टम को सक्रिय करने के लिए अमेरिकी तटरक्षक बल को तुरंत सूचित किया.”
आलोचकों ने नावों पर होने वाले हमलों की समग्र वैधता (overall legality) के साथ-साथ उनकी प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए हैं, इसका एक कारण यह है कि कई घातक ओवरडोज के लिए जिम्मेदार फेंटानिल आमतौर पर मैक्सिको से सड़क मार्ग से अमेरिका में तस्करी करके लाया जाता है, जहां इसका उत्पादन चीन और भारत से आयातित रसायनों के साथ किया जाता है.
अब तक 208 लोगों की मौत
अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका लैटिन अमेरिका में ड्रग कार्टेल के साथ सशस्त्र संघर्ष में है और उन्होंने इन हमलों को अमेरिका में ड्रग्स के फ्लो को रोकने और अमेरिकियों की जान लेने वाले घातक ओवरडोज को रोकने के लिए एक आवश्यक कदम बताया है. लेकिन उनके प्रशासन ने “नारकोटेररिस्ट” को मारने के अपने दावों का समर्थन करने के लिए बहुत कम सबूत पेश किए हैं.
बता दें कि ट्रंप प्रशासन द्वारा सितंबर की शुरुआत में “नारकोटेररिस्ट” कहे जाने वाले लोगों को निशाना बनाना शुरू किया गया था. इस ताजा हमले के बाद, अमेरिकी सेना द्वारा नावों पर किए गए हमलों में मारे गए लोगों की संख्या कम से कम 208 हो गई है. जानकारी के अनुसार, पेंटागन की निगरानी संस्था ने मई में कहा था कि वह इस बात की जांच करने की योजना बना रही है कि क्या अमेरिकी सेना ने हमलों को अंजाम देते समय एक स्थापित टारगेटिंग फ्रेमवर्क का पालन किया था.
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News Source: PTI
