Home Top News मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, बोले- यह मेरा नहीं, 1.4 अरब देशवासियों का है गौरव

मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान, बोले- यह मेरा नहीं, 1.4 अरब देशवासियों का है गौरव

by Sanjay Kumar Srivastava 30 August 2026, 4:55 PM IST (Updated 30 August 2026, 4:58 PM IST)
30 August 2026, 4:55 PM IST (Updated 30 August 2026, 4:58 PM IST)
PM मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान , बोले-यह मेरा नहीं, 1.4 अरब देशवासियों का गौरव है

Uzbekistan Award: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को उज़्बेकिस्तान के प्रतिष्ठित ‘ओली दराजली दोस्तलिक’ सम्मान से नवाज़ा गया. उन्होंने यह सम्मान भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच मज़बूत रिश्तों को समर्पित किया. इस मौके पर मोदी ने कहा कि यह 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान है. मोदी व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और कनेक्टिविटी जैसे कई क्षेत्रों में संबंध मज़बूत करने के लिए दो दिन की यात्रा पर उज़्बेकिस्तान में हैं. प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव ने दिया. मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि ओली दराजली दोस्तलिक सम्मान पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं. मैं इसे भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच मज़बूत रिश्तों को समर्पित करता हूं.

दोस्ती को मिली नई ऊंचाई

मोदी ने कहा कि उज़्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित होना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि भारत के लोग इस सम्मान के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द ‘दोस्तलिक’से अच्छी तरह वाकिफ़ हैं. उन्होंने कहा कि भारत में शायद ही कोई ऐसा परिवार हो जहां दिन में सौ बार ‘दोस्तलिक’ शब्द न बोला जाता हो. आज आपने सचमुच इसके असली अर्थ को सामने रखा है. ‘दोस्तलिक’ का मतलब है दोस्ती. यह शब्द भारत और उज़्बेकिस्तान के रिश्तों की भावना को बहुत खूबसूरती से जाहिर करता है. मोदी ने कहा कि यह अवॉर्ड मिलना उनका निजी सम्मान नहीं, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों का सम्मान है.

PM ने जताया राष्ट्रपति का आभार

उन्होंने कहा कि सभी भारतीयों की ओर से, मैं उज़्बेकिस्तान के लोगों, वहां की सरकार और अपने प्यारे दोस्त, राष्ट्रपति का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं. मैं इस सर्वोच्च सम्मान को पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं और इसे हमारे दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी दोस्ती और हमारी साझा विरासत को समर्पित करता हूं. इससे पहले, मोदी ने मिर्ज़ियोयेव के साथ बातचीत की, जिसके बाद भारत और उज़्बेकिस्तान ने अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया. प्रधानमंत्री 31 अगस्त-1 सितंबर को होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ताशकंद से किर्गिस्तान जाएंगे.

5 अरब अमेरिकी डॉलर तक व्यापार का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच बातचीत के बाद भारत और उज़्बेकिस्तान ने रविवार को अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने और यूरेनियम की लंबी अवधि तक सप्लाई के लिए एक ढांचा तैयार करने पर सहमति जताई. बातचीत में व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, अहम खनिजों, खनन, रक्षा और सुरक्षा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (जिसमें UPI भी शामिल है) और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया. विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दोनों पक्षों ने 2030 तक सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया है.

कई समझौतों का हुआ आदान-प्रदान

अभी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार का कुल मूल्य 1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है. इसमें कहा गया है कि दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग के बढ़ते दायरे और गहराई को देखते हुए अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया. दोनों नेताओं की मौजूदगी में कई क्षेत्रों से जुड़े समझौतों का आदान-प्रदान हुआ, जिनमें माइनिंग, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन और आयुर्वेद जैसे क्षेत्र शामिल हैं. इसके अलावा उज़्बेकिस्तान में बौद्ध स्थलों ‘फयाज़ तेपा’ और ‘कारा तेपा’ के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए एक ‘लेटर ऑफ़ इंटेंट’ (इरादा पत्र) पर भी सहमति बनी.

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News Source: PTI

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