Yemen Attack: यमन की राजधानी सना के पास शनिवार को भीषण हवाई हमले में 25 लोग मारे गए और 30 घायल हो गए. घायलों में ज़्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं. हूती प्रवक्ता अनीस अल-असबाही ने इन हमलों के लिए सऊदी अरब को ज़िम्मेदार ठहराया है. ईरान समर्थित हूती, जिसका सना और देश के उत्तरी व पश्चिमी हिस्सों पर नियंत्रण है और दक्षिण व पूर्व में मौजूद उसके सऊदी समर्थित विरोधियों के बीच लड़ाई तेज़ हो गई है. हूती अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को दक्षिणी यमन के एक बाज़ार में हुए हवाई हमले में 30 लोग मारे गए थे. इस हमले के लिए हूती और यमन की सऊदी समर्थित सेना, दोनों ने एक-दूसरे को ज़िम्मेदार ठहराया था.
यमन एक बार फिर गृहयुद्ध की चपेट में
सना से लगभग 15 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हूती नियंत्रित क्षेत्र में स्थित इस कृषि प्रधान गांव में घरों का मलबा बिखरा पड़ा था, जबकि सैकड़ों लोग पास के खेतों में छिपे हुए थे. अल-असबाही ने बताया कि हमले में कम से कम 25 लोग मारे गए हैं. उन्होंने बताया कि हमलों में तबाह हुए घरों के मलबे के नीचे अभी भी आम नागरिक दबे हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बाद में हुए हमलों में उन आपातकालीन कर्मियों को भी निशाना बनाया गया, जो मलबे से जीवित बचे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे. फुटेज में धूल से ढका एक घायल व्यक्ति दिखाई दिया, जिसने बचाव कर्मियों वाली नारंगी जैकेट पहनी हुई थी. लड़ाई फिर से शुरू होने से यह डर पैदा हो गया है कि यमन एक बार फिर गृहयुद्ध की विभीषिका में धकेल दिया जाएगा.
अब तक 150,000 लोग मारे गए
यह गृहयुद्ध एक दशक से भी अधिक समय से चल रहा है और इसने दुनिया की सबसे भीषण मानवीय आपदाओं में से एक को जन्म दिया है. इस युद्ध की शुरुआत 2014 में हुई, जब हूती विद्रोहियों ने उत्तर से आगे बढ़कर राजधानी पर कब्ज़ा कर लिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया. सऊदी अरब ने सरकार के समर्थन में एक गठबंधन बनाया और कई वर्षों तक हवाई हमले किए. इन हमलों में आम नागरिकों की मौत के कारण सऊदी अरब को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस युद्ध में कम से कम 150,000 लोग मारे गए हैं. इसके अलावा, बड़ी संख्या में लोगों की मौत भूख और बीमारियों के फैलने से हुई है.
सऊदी अरब के जहाजों को निशाना बना रहा हूती
कई वर्षों तक देश में नियंत्रण रेखाओं (फ्रंट लाइन्स) में कोई खास बदलाव नहीं आया. 2022 में एक युद्धविराम समझौता हुआ था. हालांकि, गर्मियों के दौरान यह शांति भंग हो गई, जब हूती विद्रोहियों ने नए हमले शुरू कर दिए. उनका कहना है कि उन्होंने ऐसा सऊदी अरब द्वारा उनके इलाके की लगातार नाकेबंदी के जवाब में किया है. विद्रोहियों ने तेजी से आगे बढ़ते हुए यमन के लाल सागर तट के बड़े हिस्से और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में रणनीतिक द्वीपों पर कब्ज़ा कर लिया. साथ ही, उन्होंने सऊदी अरब पर अपने हमले तेज कर दिए हैं, जिनमें तेल और सैन्य बुनियादी ढांचे के साथ-साथ लाल सागर में जहाजों को भी निशाना बनाया जा रहा है.
ताइज शहर के आसपास लड़ाई जारी
इस बीच, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा है कि वह हूती-नियंत्रित इलाकों में हवाई हमले कर रहा है, जिसका लक्ष्य विद्रोहियों का सैन्य बुनियादी ढांचा है. ज़मीनी स्तर पर सबसे भीषण लड़ाई ताइज शहर के आसपास हो रही है. यह दक्षिण में स्थित एक रणनीतिक शहर है जो सरकार के नियंत्रण में है, लेकिन अब हूती विद्रोहियों ने इसे चारों तरफ से घेर लिया है. इससे वहां के आम नागरिकों के लिए पहले से ही खराब मानवीय स्थिति और भी बदतर हो गई है. हूती विद्रोहियों द्वारा शहर में लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने के कारण वहां के निवासी पीने के पानी और भोजन जैसी बुनियादी ज़रूरतों को जुटाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
ओमान तट पर कमर्शियल जहाज पर हमला, एक और भारतीय की मौत, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
