Amitabh Bachchan: अब अगर मेगा स्टार अमिताभ बच्चन के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल उनकी सहमति के बिना किया गया तो उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है. दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों पर अपना अंतिम फैसला सुना दिया है. दिल्ली उच्च न्यायालय के जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने महानायक अमिताभ बच्चन द्वारा दायर मुकदमे पर अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए उनके ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा की है. कोर्ट ने कई संस्थाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अज्ञात व्यक्तियों (जॉन डो/अशोक कुमार) को बच्चन की बिना अनुमति के उनके नाम, तस्वीर, आवाज या उनकी पहचान से मिलती-जुलती किसी भी चीज का व्यावसायिक इस्तेमाल करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है.
अमिताभ बच्चन की बड़ी कानूनी जीत
अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की पहचान के व्यावसायिक उपयोग को नियंत्रित करने का अधिकार ‘राइट टू पब्लिसिटी’ (प्रचार का अधिकार) के तहत आता है. कोर्ट ने पाया कि अमिताभ बच्चन के नाम और तस्वीरों का अनधिकृत इस्तेमाल करके लोगों को भ्रमित किया जा रहा था, जिससे ऐसा प्रतीत होता था कि अभिनेता खुद इन उत्पादों का समर्थन कर रहे हैं. इस मुकदमे में ‘अमिताभ बच्चन वीडियो कॉल’ नामक मोबाइल ऐप, ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के नाम पर चल रही फर्जी लॉटरी, उनकी तस्वीर वाली GK क्विज़ बुक, टी-शर्ट, पोस्टर और उनके नाम से जुड़े डोमेन शामिल थे. हाई कोर्ट ने इस आदेश को अज्ञात उल्लंघनकर्ताओं (John Does) के खिलाफ भी लागू करने की अनुमति दी है.
बिग बी की पहचान का हो रहा था दुरुपयोग
अदालत ने माना कि इंटरनेट और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए उनकी पहचान का अज्ञात रूप से दुरुपयोग करने का एक सिलसिला चल रहा है, जिनकी पहचान तुरंत मुमकिन नहीं है. इसके साथ ही, कोर्ट ने अमिताभ बच्चन को यह छूट भी दी है कि भविष्य में उनकी पहचान का कोई नया अनधिकृत दुरुपयोग होने पर वे कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं. प्रतिवादियों में से चार रजत नागी, मनोज पब्लिकेशन्स, टमाटिना और महेश पटेल ने बच्चन के साथ मामले को सुलझा लिया और उनके प्रचार (पब्लिसिटी) तथा निजता (प्राइवेसी) के अधिकारों को स्वीकार कर लिया.
अभिनेता की तस्वीर वाली क्विज बुक का प्रकाशन बंद
समझौते के तहत एक प्रतिवादी ने ‘अमिताभ बच्चन वीडियो कॉल’ एप्लिकेशन को हटाने पर सहमति जताई, जबकि दूसरे ने अभिनेता की तस्वीर वाली सामान्य ज्ञान (जनरल नॉलेज) क्विज़ बुक का प्रकाशन बंद कर दिया. एक अन्य प्रतिवादी ने उनके नाम, तस्वीर और हुबहू रूप (लाइकनेस) वाले पोस्टर बेचना बंद कर दिया और ‘amitabhbachchan.in’ डोमेन के मालिक ने बताया कि डोमेन को हटा दिया गया है. समझौता करने वाले प्रतिवादियों ने यह वचन दिया कि वे भविष्य में बच्चन की स्पष्ट अनुमति के बिना उनके नाम, तस्वीर, आवाज़, हुबहू रूप या उनके व्यक्तित्व के किसी अन्य पहलू का उपयोग नहीं करेंगे.
News Source: ANI
