Home Top News आस्था, आत्मगौरव और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का महापर्व है दीपोत्सव, घरों में भी जलाएं दीप

आस्था, आत्मगौरव और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का महापर्व है दीपोत्सव, घरों में भी जलाएं दीप

by Rajeev Ojha 7 November 2026, 4:07 PM IST
7 November 2026, 4:07 PM IST
आस्था, आत्मगौरव और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का महापर्व है दीपोत्सव: CM योगी

Deepotsav: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपोत्सव आस्था, आत्मगौरव और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का महापर्व है. दीपक केवल मिट्टी का पात्र नहीं, बल्कि चेतना का जागरण है. उन्होंने 10वें दीपोत्सव की प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए अपील की कि जब श्रीराम जन्मभूमि पर दीप जले, तब आप सभी अपने-अपने घर-आंगन में भी दीप जलाएं. मुख्यमंत्री ने बताया कि आज पावन, पुण्यसलिला मां सरयू की गोद में बसी धर्मनगरी श्री अयोध्या धाम अलौकिक उल्लास, गौरव और भक्ति के महाकुंभ ‘दिव्य दीपोत्सव’ हेतु पूर्ण रूप से सज्जित है. वर्षों की प्रतीक्षा और करोड़ों सनातनी आस्थाओं का यह पावन प्रतिफल पुनः लाखों दीपों की स्वर्णिम आभा बनकर अंधकार पर प्रकाश, सत्य और धर्म की शाश्वत विजय का उद्घोष करने जा रहा है. अवधपुरी का कण-कण आज आह्लादित है, स्पंदित है.

धर्म, मर्यादा और आलोक के इस महापर्व के बनें साक्षी

मुख्यमंत्री ने इस दिव्य-भव्य आयोजन की गरिमा बढ़ाने पधार रहे उपराष्ट्रपति, विभिन्न मित्र देशों के राजदूत, उच्चायुक्त, राजनयिक एवं देश-विदेश से पधारे समस्त विशिष्ट अतिथियों, पूज्य साधु-संतों व रामभक्तों का प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि समता, समरसता, सांस्कृतिक एकात्मता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के इस पावन पर्व में आप सभी का सान्निध्य इस दीपोत्सव को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाएगा. आइए, धर्म, मर्यादा और आलोक के इस महापर्व के साक्षी बनें.

ज्योति जलाने से विदा हो जाता है अंधकार

मुख्यमंत्री ने दीपक को केवल मिट्टी का पात्र नहीं, बल्कि चेतना का जागरण बताया. उन्होंने लिखा कि वह युगों से हमें सीख दे रहा है कि अंधकार से लड़ना नहीं होता, केवल एक ज्योति जलानी होती है और अंधकार विदा हो जाता है. मुख्यमंत्री ने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आगमन के हर्षोल्लास में सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम में आयोजित होने वाला पावन दीपोत्सव इसका साक्षात दर्शन कराता है. आज हम सभी मां सरयू को साक्षी मानकर प्रभु श्रीराम की प्राणों से प्रिय नगरी में 10वां दीपोत्सव मनाने जा रहे हैं.

सनातन सत्य के उद्घोष का मनाएं उत्सव

मुख्यमंत्री ने अपनी भावना भी प्रेषित की कि अयोध्या का दीपोत्सव हमारी आस्था, आत्मगौरव और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का महापर्व है. जब श्रीराम जन्मभूमि पर दीप जले, तब आप अपने-अपने घर-आंगन में भी दीप जलाएं. आइए, सनातन सत्य के उद्घोष का उत्सव मनाएं.

ऐतिहासिक संकल्प की सिद्धि का साक्षी है यह दशक

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में पुण्यसलिला सरयू के तट पर प्रज्ज्वलित संकल्प की एक लौ ने आज भारत के सांस्कृतिक गौरव को वैश्विक पटल पर नई पहचान और प्रतिष्ठा प्रदान की है. श्री अयोध्या धाम में दीपोत्सव का यह ऐतिहासिक दशक केवल दीपों की जगमगाहट और विश्व कीर्तिमानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रभु श्रीराम की नगरी के त्रेतायुगीन वैभव, सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण और राष्ट्र के आत्मगौरव की पुनर्स्थापना का स्वर्णिम अध्याय बना है.

राम की पैड़ी पर प्रज्ज्वलित लाखों दीपों ने अंधकार को दूर करने के साथ आस्था, अंत्योदय और स्थानीय स्वावलंबन की नई ज्योति भी प्रज्वलित की है. यह गौरवशाली दशक उस ऐतिहासिक संकल्प की सिद्धि का साक्षी है, जिसने सदियों की प्रतीक्षा को भव्य यथार्थ में बदलते हुए अयोध्या को उसकी सांस्कृतिक पहचान और गौरव के साथ पुनः प्रतिष्ठित किया.

प्रभु श्रीराम के आदर्शों को करें आत्मसात

मुख्यमंत्री ने अपील की कि दीपोत्सव के इस गौरवशाली 10वें संस्करण पर हम सब प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें. ऐसा रामराज्य, जहां विकास का प्रकाश समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन तक पहुंचे और आस्था, समरसता एवं सेवा की यह सनातन ज्योति युगों-युगों तक आलोकित होती रहे.

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