Home Lifestyle बिहार में बैसाखी बन जाती है ‘सतुआन’, इस दिन खाते हैं सत्तू की ये स्पेशल डिश, जानें संस्कृति और सेहत से जुड़ा महत्व

बिहार में बैसाखी बन जाती है ‘सतुआन’, इस दिन खाते हैं सत्तू की ये स्पेशल डिश, जानें संस्कृति और सेहत से जुड़ा महत्व

by Neha Singh
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Satuan Dishes (

Satuan Dishes: बिहार में 14 अप्रैल को ‘सतुआन’ मनाया जाता है. इस दिन लोग सत्तू को स्पेशल तरीके से खाते हैं. चलिए जानते हैं बिहार में इसे कैसे मनाया जाता है और इसका सेहत क्या संबंध है.

14 April, 2026

बैसाखी के त्योहार बिहार में ‘सतुआन’ के रूप में मनाया जाता है. यह त्योहार सिर्फ संस्कृति ही नहीं, बल्कि सेहत से भी जुड़ा है. इस दिन रबी फसलों की कटाई होती है. सतुआन के दिन सूर्य मीन से मेष की राशि में प्रवेश करते हैं. इस दिन को पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु समेत अन्य कई राज्यों में नए साल की शुरुआत मानते हैं. वहीं बिहार में इसका अलग महत्व है. बिहार में 14 अप्रैल को ‘सतुआन’ मनाया जाता है. इस दिन लोग सत्तू को स्पेशल तरीके से खाते हैं. चलिए जानते हैं बिहार में इसे कैसे मनाया जाता है और इसका सेहत क्या संबंध है.

सतुआन का महत्व

माना जाता है कि सूर्य जब मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब से प्रचंड गर्मी की शुरुआत होती है, इसलिए शरीर को ठंडा रखने के लिए बिहार में लोग सत्तू खाते हैं. इसलिए इस त्योहार को सतुआन या सुतआनी कहा जाता है. इसके अलावा सतुआन का त्योहार कृषि और मौसम के बदलाव से भी जुड़ा है. इस दिन रबी की फसलों की कटाई की जाती है. मौसम बदलने के साथ-साथ हमारे खानपान में भी बदलाव आता है. सतुआन के दिन तरह-तरह की सत्तू की डिश बनाई जाती है और सत्तू का आटा बनाकर उसे कच्चा भी खाया जाता है. यह खाने में सादा और सेहत के लिए बहुत ही पौष्टिक होता है.

बिहार में बनती है सत्तू की ये स्पेशल डिशज

सत्तू को चोखा- सत्तू का चोखा बनाना बहुत ही आसान रेसिपी है. सत्तू में नमक, नींबू का रस और थोड़ा सा सरसों का तेल मिलाएं. अब थोड़ा पानी डालकर इसे अच्छी तरह गूंथ लें. इस गुंथे हुए आटे की तरह बनाएं. आपका मसालेदार सत्तू चोखा तैयार है. सत्तू की इस डिश को कटे हुए प्याज, मिर्च और आम के अचार के साथ खाया जाता है. यह न सिर्फ टेस्टी होता है, बल्कि प्रोटीन से भी भरपूर होता है और शरीर को ठंडक देता है.

सत्तू शरबत– सतुआन पर सत्तू का शरबत भी बनाया जाता है. सत्तू को पानी में घोलने के बाद, बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, काला नमक, नींबू, भुना जीरा पाउडर और धनिया के पत्ते डाले जाते हैं. इसमें पानी ज्यादा मिलाया जाता है जूस की तरह पतला बनाया जाता है. गर्मियों में यह शरीर को ठंडा रखता है.

छाछ- सतुआन में छाछ भी बनाई जाती है. इसे डाइजेशन के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. कुछ लोग इसे सीधे पीते हैं, जबकि दूसरे इसे सत्तू के साथ मिलाकर एक नेचुरल ड्रिंक बनाते हैं. यह दोनों तरह से फायदेमंद है.

आम का टिकोरा- सतुआन के दिन आम का टिकोरा भी लोग बहुत चाव से खाते हैं. इसे बनाने के लिए छोटे-छोटे आम को धोकर छील लिया जाता है. इसमें लाल मिर्च, नमक, नींबू का रस और भुना हुआ जीरा पाउडर डालकर अच्छे से मिलाएं. तैयार है आपका आम टिकोरा. सत्तू के चोखे के साथ यह बहुत स्वादिष्ट लगता है.

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