Home Lifestyle दुनिया की Mango Capital कहलाता है भारत का ये शहर, यहां की हवा में भी घुली रहती है आम की मिठास

दुनिया की Mango Capital कहलाता है भारत का ये शहर, यहां की हवा में भी घुली रहती है आम की मिठास

by Preeti Pal 28 May 2026, 11:10 AM IST (Updated 28 May 2026, 11:58 AM IST)
28 May 2026, 11:10 AM IST (Updated 28 May 2026, 11:58 AM IST)
दुनिया की Mango Capital कहलाता है भारत का ये शहर, यहां की हवा में भी घुली रहती है आम की मिठास

Mango Capital: गर्मियों का मौसम आते ही सबसे ज्यादा इंतजार जिस चीज का होता है, वो है रसीले और मीठे आमों का. आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि भारतीयों के इमोशन्स का हिस्सा है. आमरस, शेक, आइसक्रीम, कुल्फी या सीधे काटकर खाने का मजा, हर अंदाज में आम लोगों का दिल जीत लेता है. यही वजह है कि आम को फलों का राजा भी कहा जाता है. भारत में कई जगहों पर आम की खेती होती है, लेकिन एक ऐसा शहर भी है जिसे दुनिया की मैंगो कैपिटल यानी आमों की राजधानी कहा जाता है. ये जगह है उत्तर प्रदेश का मलिहाबाद. लखनऊ के पास बसा छोटा सा कस्बा मलिहाबाद अपनी खास आम की खेती के लिए दुनियाभर में फेमस है. यहां के बागों में उगने वाले आमों की खुशबू और मिठास लोगों को दीवाना बना देती है.

इंटरनेशनल पहचान

खासकर दशहरी आम ने मलिहाबाद को इंटरनेशनल पहचान दिलाई है. कहा जाता है कि यहां दशहरी आम की खेती नवाबी दौर से चली आ रही है. टाइम के साथ ये इलाका भारत के सबसे बड़े आम उत्पादक क्षेत्रों में शामिल हो गया. मलिहाबाद की मिट्टी और यहां का मौसम आम की खेती के लिए एकदम परफेक्ट है. यही वजह है कि यहां उगने वाले आम स्वाद और क्वालिटी में एक नंबर होते हैं. वैसे, यहां सिर्फ दशहरी ही नहीं, बल्कि कई शानदार किस्मों के आम पैदा होते हैं. इनमें लंगड़ा, चौसा, सफेदा और अम्रपाली जैसी वैरायटी भी शामिल हैं. हर आम का स्वाद अलग और खास होता है, जो लोगों को बार-बार यहां के आम खाने पर मजबूर कर देता है.

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200 साल पुरानी विरासत

अगर मलिहाबाद के सबसे फेमस आम की बात करें, तो दशहरी आम इसमें सबसे आगे है. इसकी मिठास, पतला छिलका, बिना रेशों वाला गूदा और शानदार खुशबू इसे खास बनाते हैं. दिलचस्प बात ये है कि दशहरी आम का ओरिजनल पेड़ आज भी मलिहाबाद में मौजूद है. इस पेड़ की उम्र करीब 200 साल बताई जाती है. यही पेड़ इस इलाके की पहचान और सबसे बड़ी विरासत है. लंगड़ा आम की बात करें तो इसका स्वाद हल्का खट्टा-मीठा होता है. पकने के बाद भी इसका कलर हरा ही रहता है. वहीं, चौसा आम बहुत रसीला और मीठा होता है. सफेदा आम अपने बड़े साइज और मुलायम गूदे के लिए पसंद किया जाता है. वहीं, अम्रपाली आम का गहरा नारंगी गूदा और तेज स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है.

आम और संस्कृति

मलिहाबाद में आम सिर्फ खेती नहीं, बल्कि यहां की संस्कृति और पहचान का हिस्सा है. यहां पीढ़ियों से परिवार आम के बाग संभालते आ रहे हैं. गर्मियों के मौसम में पूरा इलाका आम की खुशबू से महक उठता है. सड़कों पर आम से भरे ट्रक दिखाई देते हैं. बाजारों में भारी भीड़ रहती है और देशभर से बिजनेसमैन यहां आम खरीदने पहुंचते हैं. कई जगहों पर आम फेस्टिवल भी होते हैं, जहां लोग अलग-अलग किस्मों के आमों का स्वाद लेते हैं.

विदेश में चर्चा

मलिहाबाद के आम सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी खूब पसंद किए जाते हैं. यहां से आम कई देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं. यही वजह है कि ये छोटा सा कस्बा दुनिया के मैंगो मैप पर अपनी खास जगह बना चुका है. हालांकि, भारत के अलावा पाकिस्तान, थाईलैंड और मेक्सिको जैसे देश भी आम की खेती के लिए जाने जाते हैं. लेकिन मलिहाबाद की पहचान सबसे अलग है. यहां की सदियों पुरानी परंपरा, बड़े-बड़े आम के बाग और दशहरी आम की पॉपुलैरिटी इसे दुनिया की मैंगो कैपिटल का दर्जा दिलाती है. ऐसे में अगर आप भी आम के असली स्वाद का एक्सपीरियंस करना चाहते हैं, तो जिंदगी में एक बार मलिहाबाद के आम जरूर चखिए. यकीन मानिए, इसका स्वाद लंबे टाइम तक याद रहेगा.

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