Home Top News ट स्पीच मामले में अब्बास अंसारी को कोर्ट से राहत, सजा पर लगाई रोक; विधायकी हुई बहाल

ट स्पीच मामले में अब्बास अंसारी को कोर्ट से राहत, सजा पर लगाई रोक; विधायकी हुई बहाल

by Live Times 20 August 2025, 5:00 PM IST
20 August 2025, 5:00 PM IST
Abbas Ansari News

Abbas Ansari News : उत्तर प्रदेश स्थित मऊ सदर सीट से विधायक रहे अब्बास अंसारी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल डिविजन बेंच ने फैसला सुनाया है.

Abbas Ansari News : उत्तर प्रदेश स्थित मऊ सदर सीट से विधायक रहे अब्बास अंसारी की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल डिविजन बेंच ने फैसला सुनाया है. ऐसे में अब्बास अंसारी को राहत मिली है. इस दौरान न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने हेट स्पीच मामले में उनकी सजा पर रोक लगा दी गई है और उनकी विधानसभा सदस्यता बहाल कर दी है. आज लंंच के बाद से यह फैसला सुनाया गया है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था.

अब्बास को मिली थी सजा

बता दें कि कोर्ट ने अब्बास को 2 साल की सजा सुनाई थी और 3000 रुपये का जुर्माना लगाया था. MPMLA कोर्ट के फैसले के खिलाफ अब्बास ने जिला अदालत का भी रुख किया लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई. जिसके बाद वह हाईकोर्ट पहुंचे. साल 2022 के चुनाव में अब्बास और उनका परिवार वैसे तो समाजवादी पार्टी में था लेकिन सुभासपा से साथ अलायंस में मऊ सदर सीट ओम प्रकाश राजभर की अगुवाई वाली पार्टी को गई थी. जिसके बाद यहां से अब्बास ने चुनाव लड़ा था.

अधिकारियों को दी थी धमकी

गौरतलब है कि 3 मार्च, 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान अब्बास अंसारी ने अधिकारियों को चुनावी जनसभा में देख लेने की धमकी दी थी. इसके बाद से 4 मार्च, 2022 को अब्बास अंसारी, उनके भाई उमर अंसारी और 150 लोगों के खिलाफ हेट स्पीच देने के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी.

यह भी पढ़ें: PM Modi Visit: पीएम का टारगेट बिहार, 22 अगस्त को करेंगे गयाजी का दौरा; देंगे करोड़ों की सौगात

इस दौरान अब्बास ने अपने भाषण में अधिकारियों का हिसाब-किताब करने की बात कही थी. चुनाव आयोग ने उनके इस बयान का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की थी. इसके बाद से अब्बास के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. इस मामले में 31 मई, 2025 को सीजेएम कोर्ट ने अब्बास को दो साल की सजा और 3 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी. लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जा सकती है.

यह भी पढ़ें: Bill In Lok Sabha : Online Gaming Bill लोकसभा में पेश, क्यों जरूरी है ये विधेयक?

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?