Home Latest News & Updates आज से दिल्ली में AI महासंगम शुरू, गूगल CEO से लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति तक ये दिग्गज लेंगे हिस्सा, जानें डिटेल्स

आज से दिल्ली में AI महासंगम शुरू, गूगल CEO से लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति तक ये दिग्गज लेंगे हिस्सा, जानें डिटेल्स

by Neha Singh 16 February 2026, 10:11 AM IST (Updated 17 February 2026, 11:13 AM IST)
16 February 2026, 10:11 AM IST (Updated 17 February 2026, 11:13 AM IST)
AI Impact Summit 2026

AI Impact Summit 2026: भारत पूरे ग्लोबल साउथ का पहला एआई समिट होस्ट करने जा रहा है. यह AI इम्पैक्ट समिट दिल्ली के भारत मंडपम में 16-20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें दुनिया के टेक दिग्गज और 7 देशों के राष्ट्रपति शामिल होंगे.

Table of Content

  • आज शाम को उद्घाटन
  • इन देशों के राष्ट्रपति होंगे शामिल
  • टेक CEO की ‘पावर लिस्ट’
  • समिट क्यों ज़रूरी है
  • बड़ी बातें
  • AI का भविष्य
  • भारत की AI रूलबुक
  • ग्लोबल साउथ को AI के बड़े लेवल पर लाना
  • भारत के AI स्टार्टअप

16 February, 2026

भारत AI इम्पैक्ट समिट होस्ट करने वाला है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ग्लोबल लीडर्स और इंडस्ट्री के बड़े नामों का एक हाई-प्रोफाइल लोगों का महासंगम होगा. 16-20 फरवरी तक बड़े ‘भारत मंडपम’ में होने वाला यह समिट, पॉलिसीमेकर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स को ऐसे समय में एक साथ लाएगा जब देश अपने AI एजेंडा को तय करने की होड़ में हैं. इस समिट के जरिए भारत का उद्देश्य अपने गहरे टैलेंट पूल को दिखाना, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ाना, साथ ही खुद को दुनिया के लिए जिम्मेदार, स्केलेबल और इनक्लूसिव AI सॉल्यूशंस के एक मुख्य आर्किटेक्ट के तौर पर स्थापित करना.

पीएम आज शाम को करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी आज शाम को भारत मंडपम में एआई समिट का उद्घाटन करेंगे. पीएम ने एक्स पोस्ट में लिखा- आज से भारत दिल्ली के भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट होस्ट कर रहा है. मैं इस समिट के लिए दुनिया भर के लीडर्स, इंडस्ट्री के कैप्टन्स, इनोवेटर्स, पॉलिसीमेकर्स, रिसर्चर्स और टेक के शौकीनों का दिल से स्वागत करता हूं. समिट की थीम है सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय या सभी के लिए कल्याण, सभी के लिए खुशी, जो ह्यूमन-सेंट्रिक प्रोग्रेस के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने के हमारे साझा कमिटमेंट को दिखाता है.

इन देशों के राष्ट्रपति होंगे शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुलावे पर, कई ग्लोबल लीडर AI इम्पैक्ट समिट में शामिल होने वाले हैं, जिनमें ब्राज़ील के प्रेसिडेंट लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा, फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों, एस्टोनिया के प्रेसिडेंट अलार्स करिस, स्लोवाकिया के प्रेसिडेंट पीटर पेलेग्रिनी, श्रीलंका के प्रेसिडेंट अनुर कुमारा दिसानायके, सर्बिया के प्रेसिडेंट एलेक्जेंडर वुसिक, और स्विट्जरलैंड के प्रेसिडेंट गाय पारमेलन शामिल हैं. इन देशों के हेड की मौजूदगी AI एजेंडा के आस-पास हाई-लेवल इंटरनेशनल एंगेजमेंट और दिलचस्पी को दिखाती है. 45 से ज़्यादा देशों के मिनिस्टीरियल डेलीगेशन इस समिट में हिस्सा लेंगे. UN सेक्रेटरी जनरल और कई इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन के सीनियर अधिकारी भी बातचीत में शामिल होंगे. प्रधानमंत्री मोदी समिट को संबोधित करेंगे, एक्सपो का दौरा करेंगे और CEOs के साथ करीब से बातचीत करेंगे.

टेक CEO की ‘पावर लिस्ट’

इस समिट में CEO की एक ब्लॉकबस्टर लाइनअप है, जिसमें सुंदर पिचाई (Google के CEO), सैम ऑल्टमैन (OpenAI के CEO), डेमिस हसाबिस (DeepMind Technologies के CEO), डारियो अमोदेई (Anthropic के CEO), ब्रैड स्मिथ (Microsoft के प्रेसिडेंट) और कई दूसरे नाम शामिल हैं. इन असरदार टेक आवाज़ों की एक ही छत के नीचे मौजूदगी समिट की कार्यवाही को ग्लोबल टेक चर्चाओं के लिए सेंटर ऑफ़ ग्रेविटी बना देती है ऑडियंस फ्रंटियर AI लैब्स (OpenAI, Anthropic) और लीडिंग प्लेयर्स (Microsoft, Google) पर संकेतों और कंपनी से जुड़े अपडेट्स और घोषणाओं के लिए कड़ी नज़र रखेगी. स्वदेशी मॉडल बनाने वाले भारतीय स्टार्टअप फाउंडर्स समिट स्टेज शेयर करेंगे, जो AI स्टैक में देश की बढ़ती भूमिका को हाईलाइट करेगा.

समिट क्यों ज़रूरी है

पहले के ग्लोबल आयोजनों, जिसमें UK का ब्लेचले पार्क में AI सेफ्टी समिट (2023), सियोल समिट (2024), और पेरिस मीट (2025) शामिल हैं – में फ्रंटियर रिस्क, सेफ्टी गार्डरेल और वॉलंटरी कमिटमेंट पर काफी ज़ोर दिया गया था, भारत AI के डेवलपमेंटल असर और रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशन को सामने लाने के लिए लेंस को बड़ा कर रहा है जो इकोनॉमिक ग्रोथ, सोशल इनक्लूजन और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ा सकते हैं. संक्षेप में, पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस. भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक का आर्किटेक्ट है, जिसे ग्लोबल पहचान मिली है, और यह एक तेज़ी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम का घर है. इंडियाAI मिशन के कंप्यूट कैपेसिटी, डेटासेट और स्किलिंग के लिए पुश के सपोर्ट से, यह समिट सही सेफगार्ड के साथ तेज़ी से इनोवेशन को बैलेंस करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने की नई दिल्ली की स्ट्रैटेजी का संकेत देगा. दुनिया भर की सरकारें, ग्लोबल टेक इंडस्ट्री के बड़े नाम, रिसर्चर, स्टार्टअप, स्टूडेंट और नागरिक भविष्य की एक झलक पाने के लिए हाई-वोल्टेज चर्चा में शामिल होंगे और यह भी देखेंगे कि AI के दौर में भविष्य कैसा दिखेगा.

बड़ी बातें

ग्लोबल नॉर्थ और ग्लोबल साउथ के प्रतिनिधियों की को-चेयर में सात थीमैटिक वर्किंग ग्रुप, AI कॉमन्स, भरोसेमंद AI टूल्स, शेयर्ड कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर और AI इस्तेमाल के मामलों के सेक्टर-स्पेसिफिक कलेक्शन के प्रस्ताव सहित ठोस नतीजे पेश करेंगे. पांच दिनों में 700 से ज़्यादा पावर-पैक्ड सेशन प्लान किए गए हैं, जिनमें AI सेफ्टी, गवर्नेंस, एथिकल इस्तेमाल, डेटा प्रोटेक्शन और सॉवरेन AI के लिए भारत के अप्रोच पर बात होगी, जिसमें स्ट्रेटेजिक सेक्टर के लिए स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल का डेवलपमेंट भी शामिल है. समिट में इस बात पर गहराई से बात की जाएगी कि AI प्रोफेशन और इंडस्ट्री पर कैसे असर डाल रहा है, बदलते जॉब मार्केट के लिए नई स्किल की जरूरतें क्या हैं, और किसानों, छोटे बिज़नेस और लोगों को सपोर्ट करने में AI की भूमिका क्या है.

AI का भविष्य

जैसे-जैसे ऑटोमेशन इंडस्ट्रीज़ को नया आकार दे रहा है, वर्कफ़ोर्स की तैयारी पर भी ध्यान दिया जाएगा भारत में दुनिया के सबसे युवा वर्कफ़ोर्स में से एक है, जहां 65 परसेंट से ज़्यादा आबादी 35 साल से कम उम्र की है, जिससे देश को नए दौर में काफ़ी फ़ायदा मिलता है. अच्छी डेमोग्राफ़िक प्रोफ़ाइल को देखते हुए, टेक-सैवी टैलेंट बेस को AI-ड्रिवन इंडस्ट्रीज़ के लिए ट्रेन और अडैप्ट किया जा सकता है, जिससे इनोवेशन, डिजिटल सर्विसेज़ और भविष्य के लिए तैयार नौकरियों के लिए एक आधार तैयार होगा. हाल के महीनों में, टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव आया है, यहाँ तक कि घबराहट भी हुई है, इस चिंता के बीच कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स में तरक्की पारंपरिक आउटसोर्सिंग और सॉफ़्टवेयर सर्विसेज़ मॉडल को बिगाड़ सकती है. आने वाले दिनों में चर्चाओं में रीस्किलिंग पहल, AI-फ़ोकस्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम और भारत के बड़े IT सर्विसेज़ सेक्टर पर इसके बड़े असर पर खास तौर पर चर्चा होने की संभावना है.

भारत की AI रूलबुक

AI से बने कंटेंट और लेबलिंग के बारे में IT नियमों और FAQs में हालिया बदलाव इस समय इंडस्ट्री में चर्चा का बड़ा मुद्दा है, साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और AI टूल प्रोवाइडर्स की जवाबदेही भी बढ़ रही है. यह समिट डीपफेक और AI गलत जानकारी से निपटने के लिए भारत के तरीके के बारे में जानकारी देगा. EU के रेगुलेशन वाले AI एक्ट या US के मार्केट पर आधारित तरीके के उलट, भारत ने इनोवेशन-फर्स्ट तरीके को चुना है और असल में इसकी वकालत भी की है. एक डेवलपमेंट-फर्स्ट मॉडल जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं में फायदे बढ़ाने पर फोकस करता है. आईटी सचिव एस कृष्णन “हर समाज और हर देश की चिंताएं अलग-अलग होती हैं कि नेगेटिव असर कहां हो सकता है और इसलिए हमें यह समझने की ज़रूरत है कि AI को रेगुलेट करने का हमारा तरीका उन खास स्थितियों पर निर्भर करेगा जिनमें हम खुद को पाते हैं. अगर हमें कानून बनाने और रेगुलेट करने की ज़रूरत है, तो हम इसे जल्दी कर सकते हैं और इसे इस तरह से कर सकते हैं जिससे इनोवेशन पर असर न पड़े. कृष्णन ने कहा, “इसलिए हम कहते हैं कि इनोवेशन-फर्स्ट ही हमारा तरीका है, जब ज़रूरत होगी तो हम रेगुलेट करने के लिए तैयार हैं, और जहां तक ​​हो सकेगा, हम मौजूदा कानून और रेगुलेशन का इस्तेमाल करेंगे.”

ग्लोबल साउथ को AI के बड़े लेवल पर लाना

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026, ग्लोबल साउथ में होस्ट किया जाने वाला पहला ग्लोबल AI समिट होगा. भारत ने डिजिटल पॉलिसी फोरम में लगातार डेवलपिंग इकॉनमी की आवाज़ को आगे बढ़ाया है. यह समिट AI रिसोर्स तक सभी की पहुंच और सही नियम बनाने पर ज़ोर देगा. UPI और आधार जैसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से अपनी पहचान बनाने के बाद, अब ध्यान इस बात पर है कि देश इस शानदार विरासत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में कैसे आगे बढ़ा सकता है और बड़े पैमाने पर ज़िम्मेदार AI के लिए ग्लोबल बेंचमार्क कैसे सेट कर सकता है. होस्ट भारत को उम्मीद है कि यह इवेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े खास मुद्दों पर आम सहमति बनाएगा, खासकर इनक्लूजन एजेंडा और AI रिसोर्स के डेमोक्रेटाइजेशन पर ज़ोर देगा. एक जॉइंट डिक्लेरेशन, डेवलपिंग इकॉनमी में ज़िम्मेदार AI डिप्लॉयमेंट के लिए एक फ्रेमवर्क, या शेयर्ड रिसर्च और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक रोडमैप पर सबकी नज़र रहेगी.

भारत के AI स्टार्टअप

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारी में, फाउंडेशन मॉडल पिलर के तहत चुने गए 12 इंडियन AI स्टार्ट-अप्स ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक राउंडटेबल में हिस्सा लिया और अपने आइडिया और काम पेश किए. ये स्टार्टअप कई अलग-अलग एरिया में काम कर रहे हैं, जिनमें इंडियन लैंग्वेज फाउंडेशन मॉडल, मल्टीलिंगुअल LLM, स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-ऑडियो और टेक्स्ट-टू-वीडियो; ई-कॉमर्स, मार्केटिंग और पर्सनलाइज़्ड कंटेंट क्रिएशन के लिए जेनरेटिव AI का इस्तेमाल करके 3D कंटेंट; इंडस्ट्रीज़ में डेटा-ड्रिवन डिसीजन-मेकिंग के लिए इंजीनियरिंग सिमुलेशन, मटीरियल रिसर्च और एडवांस्ड एनालिटिक्स; हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स और मेडिकल रिसर्च, वगैरह शामिल हैं. जैसे-जैसे दुनिया AI के बदलाव लाने वाले वादे और डिसरप्टिव पोटेंशियल के डर की दोहरी सच्चाई से गुज़र रही है, इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 एक ग्लोबल लेवल के इवेंट से कहीं ज़्यादा है. भारत मंडपम में होने वाली बातचीत इस बात पर असर डालेगी कि आने वाले सालों में दुनिया भर में AI कैसे बनाया, कंट्रोल और डिप्लॉय किया जाएगा.

News Source: PTI

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