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सऊदी राजधानी में हवाई सेवा बहाल : हूती हमलों के बाद बंद हुआ एयरपोर्ट बुधवार से फिर शुरू

by Sanjay Kumar Srivastava 21 October 2026, 9:39 PM IST
21 October 2026, 9:39 PM IST
सऊदी राजधानी में हवाई सेवा बहाल: हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद बंद हुआ एयरपोर्ट बुधवार से फिर हुआ शुरू

Saudi Airlines: सऊदी राजधानी का हवाई अड्डा बुधवार (21 अक्टूबर) से फिर से चालू हो गया है. हूती विद्रोहियों के कई हमलों के बाद इसे बंद कर दिया गया था. जिससे कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद हो गई थीं. हालांकि बुधवार को वहां केवल सऊदी एयरलाइंस की उड़ानें ही संचालित हो रही थीं. इस अभूतपूर्व संकट से सऊदी अरब को अरबों डॉलर का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है. सऊदी अरब के सभी हवाई अड्डों पर रद्द होने वाली उड़ानों का प्रतिशत 46.4% तक पहुंच गया था.

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उड़ानों की संख्या सीमित

बुधवार को सऊदी अरब के मुख्य हवाई अड्डे पर कुछ विमानों ने उड़ान भरी और लैंडिंग की. इससे दो दिन पहले ही अधिकारियों ने एयरलाइनों को सूचित किया था कि वे पूर्व अनुमति लेकर अपना परिचालन फिर से शुरू कर सकती हैं.’फ्लाइटअवेयर’ के फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, बुधवार को ‘सउदिया’ और ‘फ्लाईनास’ की उड़ानें संचालित हो रही थीं. लुफ्थांसा और एयर फ्रांस जैसी प्रमुख एयरलाइनों ने नवंबर के मध्य तक अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं. इस महीने यमन के हूती विद्रोहियों ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई बार हमले किए थे, जिसके चलते 10 अक्टूबर को इसे बंद कर दिया गया था.

हूती विद्रोहियों ने ली हमले की जिम्मेदारी

हवाई यातायात में आई यह कमी सऊदी अरब के लिए लंबे समय तक आर्थिक संकट का कारण बन सकती है, जो हूती हमलों से हुए नुकसान से कहीं अधिक गंभीर हो सकते हैं. हूती विद्रोहियों ने हवाई अड्डे पर हमले की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने बिना किसी सबूत के दावा किया है कि सऊदी अरब इस हवाई अड्डे के जरिए सरकारी बलों को सैन्य उपकरण मुहैया कराता था.

टैंकर पर हुए हमले के बाद लगी आग

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (UKMTO) ने बुधवार को बताया कि ओमान के पास फारस की खाड़ी में एक टैंकर पर किसी अज्ञात वस्तु के टकराने से आग लग गई. संगठन के अनुसार, यह हमला ओमान के मुसन्दम प्रांत में बुखा तटीय शहर से 11 नॉटिकल मील पश्चिम में हुआ. UKMTO ने बताया कि आग बुझा दी गई है. टैंकर लंगर डाले हुए है और उस पर सवार सभी कर्मी सुरक्षित हैं. अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बीच, यह उन जहाजों पर हुआ ताजा हमला है जो ईरान के साथ तालमेल बैठाए बिना होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से गुजरने की कोशिश कर रहे थे.

हूती ड्रोन किए गए नष्ट

यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि सऊदी अरब की ओर भेजे गए पांच ड्रोन को पवित्र शहर मदीना के ऊपर रोककर नष्ट कर दिया गया. जुलाई के मध्य में हूती विद्रोहियों के साथ लड़ाई फिर से शुरू होने के बाद से, सऊदी अरब पर हुआ यह सबसे हालिया हमला है. यमनी विद्रोहियों ने सऊदी अरब में कई बार हमले किए हैं, जिनमें तेल प्रतिष्ठान और हवाई अड्डे शामिल हैं. इसके अलावा, यमन के भीतर भी उन्होंने सऊदी समर्थित यमनी बलों के साथ भीषण लड़ाई लड़ी है. इसके जवाब में, गठबंधन ने यमन में विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों (जिसमें राजधानी सना भी शामिल है) पर हमले किए. साथ ही, इस महीने की शुरुआत में यमनी सरकार द्वारा शुरू किए गए एक बड़े सैन्य अभियान को गठबंधन ने हवाई सुरक्षा (एयर कवर) भी प्रदान की.

सेना के कैंप से टकराई हूती मिसाइल

हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने बताया कि एक बैलिस्टिक मिसाइल यमन के अदन हवाई अड्डे के पास, खोर मक्सर जिले में स्थित एक सैन्य शिविर से टकराई.हूती विद्रोहियों का दावा है कि इस सैन्य शिविर में सऊदी के नेतृत्व वाली उन सेनाओं का कमांड सेंटर है, जो विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रही हैं. अदन में परिवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि हमले से पहले हवाई अड्डे से एक यात्री विमान उड़ान भर चुका था, और प्रस्थान हॉल (डिपार्चर हॉल) को खाली करा लिया गया था.

उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे पर कामकाज कुछ समय के लिए रोक दिया गया था और रनवे (टारमैक) को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी. यह दूसरी बार है जब हूती विद्रोहियों ने पिछले पांच दिनों में हवाई अड्डा परिसर के भीतर स्थित इस सैन्य शिविर को निशाना बनाने का दावा किया है. इस महीने में यह तीसरी ऐसी घटना है. अदन हवाई अड्डे के पास के इलाके में सरकारी कार्यालय भी हैं, जिनमें आंतरिक मंत्रालय और तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) के कार्यालय शामिल हैं.

यमन सरकार ने हूती विद्रोहियों को आतंकी सूची में किया शामिल

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने 135 लोगों, कंपनियों और जहाजों को अपनी आतंकवादी सूची में शामिल किया है. इसका मकसद हूती विद्रोहियों को मिलने वाली फंडिंग के स्रोतों को रोकना है. सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरियानी ने बुधवार को इस फैसले को एक महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आतंकवादी फंडिंग को रोकना और मिलिशिया के वित्तीय व व्यावसायिक नेटवर्क को खत्म करना है.

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इस सूची में हूती विद्रोहियों के साथ काम करने वाले बैंकर, सैन्य अधिकारी और वित्तीय अधिकारी शामिल हैं. इसमें पांच टैंकर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एक कंपनी भी शामिल है, जिस पर हूती विद्रोहियों को तेल की तस्करी करने का आरोप है. अल-एरियानी ने विदेशी देशों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से अपील की है कि वे यमन सरकार के साथ मिलकर काम करें ताकि हूती विद्रोहियों से जुड़े आतंकवादी फंडिंग नेटवर्क, मनी लॉन्ड्रिंग और ईरानी तेल की तस्करी का पता लगाया जा सके. हूती विद्रोहियों या सूची में शामिल लोगों और कंपनियों की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इन कदमों का हूती विद्रोहियों की आर्थिक स्थिति पर क्या असर पड़ेगा.

हूती मिसाइल हमले में मारे गए यमन के 75 नए रंगरूट

बुधवार को एक फुटबॉल मैदान में यमन के 75 सैनिकों का अंतिम संस्कार किया गया. ये सैनिक इस हफ्ते की शुरुआत में दक्षिणी यमन में हूती मिसाइल हमले में मारे गए थे. शबवा के गवर्नर अवद इब्न अल-वज़ीर और सरकार तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारी प्रांत की राजधानी अताक में हुए इस अंतिम संस्कार में शामिल हुए.सोमवार को शबवा प्रांत के अल-आलम सैन्य शिविर पर हुआ यह हमला, यमन के गृहयुद्ध में फिर से लड़ाई शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे घातक हमला था. इस हमले में 200 से ज़्यादा सैनिक घायल हो गए. अंतिम संस्कार के बाद एक बयान में इब्न अल-वज़ीर ने इस हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा दिलाने का वादा किया.

इराक ने ईरान से लगी सीमा किया बंद

इराकी अधिकारियों ने बुधवार को ईरान के साथ लगने वाले दक्षिण-पूर्वी सीमा मार्ग को अगली सूचना तक बंद कर दिया है. इराकी सरकार के दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को ‘अल-शीब’ सीमा मार्ग को बंद करने के पीछे तकनीकी कारण थे. यहां सुरक्षा कैमरे लगाए जाने हैं और तस्करी रोकने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाना है. नियमों के अनुसार, इन अधिकारियों ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर यह जानकारी दी. यह सीमा मार्ग दक्षिण-पूर्वी इराक के मैसान प्रांत को ईरान के खुज़ेस्तान (जो ईरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है) से जोड़ता है और यहां अक्सर काफी आवाजाही रहती है.

ड्रोन हमलों के कारण बंद था हवाई अड्डा

अक्टूबर 2026 में यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए घातक मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (KKIA) को पूरी तरह बंद कर दिया गया था. विशेष रूप से 10 अक्टूबर को हुए एक भीषण हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे, जिसके बाद सुरक्षा और परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने के लिए उड़ानों को निलंबित कर दिया गया.

अर्थव्यवस्था और विमानन क्षेत्र को भारी नुकसान

इस अभूतपूर्व संकट से सऊदी अरब को अरबों डॉलर का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है. विमानन विश्लेषण फर्म सिरियम के अनुसार, सऊदी अरब के सभी हवाई अड्डों पर रद्द होने वाली उड़ानों का प्रतिशत 46.4% तक पहुंच गया था. शुरुआती कुछ दिनों में ही अकेले रियाद, जेद्दा और दमाम हवाई अड्डों पर 1,500 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जिससे एयरलाइंस, टिकट रिफंड और एयरपोर्ट ऑपरेशंस को सीधे तौर पर करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ.

उड़ानों के रद्द होने से सऊदी अरब की ‘विजन 2030’ आर्थिक रणनीति को गहरा झटका

  • व्यापारिक गतिविधियां ठप: लुफ्थांसा, एयर फ्रांस और एयर इंडिया जैसी वैश्विक एयरलाइंस द्वारा उड़ानें रद्द किए जाने से कॉर्पोरेट यात्राएं पूरी तरह बंद हो गईं. देश के भीतर सरकारी कर्मचारियों और वैश्विक संगठनों (जैसे IMF) को ‘वर्क फ्रॉम होम’ का आदेश देना पड़ा.
  • निवेश और पर्यटन प्रभावित: सऊदी अरब को अपने वैश्विक निवेश मंच (फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव – FII) जिसे ‘डेजर्ट का दावोस’ कहा जाता है, उसे 2027 तक के लिए टालना पड़ा. इसके अलावा रियाद फैशन वीक, संगीत समारोह और रेड सी फिल्म फेस्टिवल जैसे बड़े आयोजन भी प्रभावित हुए. उमराह तीर्थयात्रियों के मार्ग बदलने और आपूर्ति शृंखला बाधित होने से वैश्विक व्यापारिक छवि पर प्रतिकूल असर पड़ा है.

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