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बैंकों की हड़ताल: देशभर में 4 लाख करोड़ का बैंकिंग कारोबार ठप, चेक क्लियरेंस और कैश निकासी रुकी

by Sanjay Kumar Srivastava
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बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल: देशभर में 4 लाख करोड़ का बैंकिंग कारोबार ठप, चेक क्लियरेंस और कैश निकासी रुकी

Bank Strike: देशभर में मंगलवार को बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल से करीब 4 लाख करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ.

Bank Strike: देशभर में मंगलवार को बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल से करीब 4 लाख करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ. हड़ताल से देश भर में कई स्थानों पर चेक क्लियरेंस, जमा और निकासी जैसी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने मंगलवार को पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल की थी. ​​अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले नौ यूनियनों के एक छत्र संगठन यूएफबीयू द्वारा की गई यह हड़ताल 23 ​​जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक के विफल होने के बाद हुई. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विभिन्न संघों के लगभग 8 लाख कर्मचारियों ने यूएफबीयू द्वारा किए गए हड़ताल के आह्वान में भाग लिया. अनुमानों के अनुसार, 4 लाख करोड़ रुपये के चेक क्लियरेंस में अटके रहे, नकद लेनदेन प्रभावित हुए और बिल ट्रेडिंग, बिल डिस्काउंटिंग और ट्रेडिंग पर असर पड़ा. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कई जगहों पर ट्रेजरी संचालन भी ठप रहा.

5-डे बैंकिंग की मांग

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन (एआईबीईए) के महासचिव सीएच वेंकटचलम और ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआईबीओसी) के महासचिव रूपम रॉय ने बताया कि दिसंबर 2023 में चर्चा के बाद यह सहमति बनी थी कि सोमवार से शुक्रवार तक दैनिक कार्य घंटे 40 मिनट बढ़ा दिए जाएंगे और शेष शनिवार को अवकाश घोषित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसे सरकार को विधिवत रूप से सिफारिश के तौर पर भेजा गया है, लेकिन दुर्भाग्य से पिछले दो वर्षों से इसकी मंजूरी लंबित है.हड़ताल से मध्य प्रदेश और झारखंड में भी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं और कई एटीएम में नकदी खत्म हो गई. देश भर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की अधिकांश शाखाएं पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद रहीं क्योंकि कर्मचारी और अधिकारी दोनों मंगलवार की हड़ताल में शामिल थे. नकद जमा, निकासी, चेक क्लियरेंस और प्रशासनिक कार्य जैसी सेवाएं सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) और कुछ पुराने निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में प्रभावित हुई हैं. हालांकि, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों में कामकाज काफी हद तक अप्रभावित रहने की उम्मीद है क्योंकि उनके कर्मचारी हड़ताली यूनियनों का हिस्सा नहीं थे. यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग सहित डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सुचारु रूप से चल रही थीं.

स्टॉक एक्सचेंजों को दे दी थी सूचना

बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज एसबीआई सहित कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने संभावित प्रभाव के बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित कर दिया था. एसबीआई ने शुक्रवार को एक नियामक फाइलिंग में कहा कि हम आपको सूचित करते हैं कि हालांकि बैंक ने हड़ताल के दिन अपनी शाखाओं और कार्यालयों में सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली हैं, फिर भी हड़ताल से बैंक के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना है. नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज़ (एनसीबीई) के महासचिव एल चंद्रशेखर के अनुसार, आज की हड़ताल की शानदार सफलता यह स्पष्ट संदेश देती है कि 5-दिवसीय बैंकिंग कोई विलासिता नहीं बल्कि एक आवश्यकता है, जो कार्य-जीवन संतुलन, कर्मचारी कल्याण और सतत बैंकिंग सेवाओं के लिए आवश्यक है. उन्होंने कहा कि देरी अस्वीकार्य है. बैंक कर्मचारी समझौतों के बावजूद भेदभाव किए जाने से बेहद नाराज हैं. इस पर मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के साथ हस्ताक्षरित 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान सहमति बनी थी, लेकिन सरकार की अधिसूचना का इंतजार है. वर्तमान में बैंक महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं.

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News Source: Press Trust of India (PTI)

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