Home Top News ‘सच्ची स्वतंत्रता’ पर भागवत का बयान, मचा घमासान, आलोचना और प्रदर्शन के बीच घिरी RSS

‘सच्ची स्वतंत्रता’ पर भागवत का बयान, मचा घमासान, आलोचना और प्रदर्शन के बीच घिरी RSS

by Live Times 15 January 2025, 6:15 PM IST (Updated 16 January 2025, 3:11 PM IST)
15 January 2025, 6:15 PM IST (Updated 16 January 2025, 3:11 PM IST)
RSS Chief Statement : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 'सच्ची स्वतंत्रता' बयान को लेकर हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उस बयान की आलोचना की है.

RSS Chief Statement : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के ‘सच्ची स्वतंत्रता’ बयान को लेकर हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उस बयान की आलोचना की है.

RSS Chief Statement : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के ‘सच्ची स्वतंत्रता’ बयान को लेकर हंगामा रुकने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को RSS प्रमुख मोहन भागवत की उस टिप्पणी की आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत की ‘सच्ची आजादी’ राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के दिन मिली थी. उन्होंने कहा कि जिन लोगों का स्वतंत्रता आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है, वे दूसरों के संघर्ष को कमतर आंक रहे हैं.

क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे?

मल्लिकार्जुन खरगे का ये बयान दिल्ली की कोटला रोड स्थित कांग्रेस के नए मुख्यालय के उद्घाटन के मौके पर आया है. इस मौके पर उन्होंने कहा कि RSS के लोग मानते हैं कि राम मंदिर के उद्घाटन के साथ ही आजादी मिल गई और उन्हें 1947 की आजादी याद नहीं है, क्योंकि उन्होंने इसके लिए लड़ाई नहीं लड़ी थी. उन्होंने आगे कहा कि उनके मुताबिक ये शर्म की बात है . भले ही हमें 1947 में स्वतंत्रता मिली, लेकिन वे इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने इसके लिए संघर्ष नहीं किया, जेल नहीं गए और इसलिए उन्हें याद नहीं है. उन्होने कहा कि कांग्रेस के लोग इसे याद करते हैं क्योंकि वे स्वतंत्रता के लिए मर गए और उन्होंने इसके लिए संघर्ष किया.

बयान के चलते हो रहे प्रदर्शन

यहां बता दें कि कांग्रेस की छात्र शाखा, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने बुधवार को RSS पर प्रतिबंध लगाने और उसके प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों, जिन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आवास तक मार्च करने की योजना बनाई थी ने कहा कि 2024 में राम मंदिर के अभिषेक के बाद भारत को सच्ची आजादी मिलने पर भागवत की हालिया टिप्पणी राष्ट्र-विरोधी थी. NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के नेतृत्व में मार्च नई दिल्ली में संगठन के मुख्यालय से शुरू हुआ.

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