BJP Himanta: असम के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा वोट नहीं चुराती, बल्कि लोगों का दिल जीतती है. सरमा ने शिमला में पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस न केवल EVM पर, बल्कि बैलेट पेपर पर भी चुनाव हार रही है, जैसा कि हाल ही में विभिन्न राज्यों के विधान परिषद चुनावों में देखा गया है. उन्होंने राहुल गांधी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस नेता उन्हीं ईवीएम का विरोध कर रहे हैं, जिनकी मदद से हिमाचल प्रदेश में उनकी सरकार सत्ता में आई थी.
सरमा का राहुल गांधी को खुला चैलेंज
उन्होंने राहुल गांधी को रायबरेली से जीत और लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती दी. उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में चुनाव जीतती है, तो वह ईवीएम को स्वीकार कर लेती है, लेकिन जब भी भाजपा जीतती है, तो वह चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल उठाने लगती है. असम के मुख्यमंत्री ने मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का पुरजोर बचाव किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय लोकतंत्र की शुचिता बनाए रखने के लिए सटीक मतदाता सूची का होना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि हर पात्र भारतीय नागरिक को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए. जो लोग इसके पात्र नहीं हैं, उनके नाम हटाने की प्रक्रिया कानून के अनुसार सख्ती से पूरी की जानी चाहिए.
अराजकता से नहीं, वोट से बदलती हैं सरकारें
भाजपा की पदयात्रा शिमला में पुराने लोकल बस स्टैंड के पास गुरुद्वारा साहिब पार्किंग से शुरू हुई. यह यात्रा विक्ट्री टनल और विधानसभा रोड से होते हुए चौड़ा मैदान (छोटा मैदान) पहुंची, जहां एक बड़ी जनसभा आयोजित की गई. इस सभा में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने लोगों को संबोधित किया. शर्मा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह भारत में अस्थिरता का माहौल बनाने के लिए बांग्लादेश और नेपाल की राजनीतिक घटनाओं का सहारा ले रही है. उन्होंने कहा कि भारत, बांग्लादेश नहीं है. भारत एक लोकतंत्र है, जहां सरकारें लोगों के वोट से बदलती हैं, न कि राजनीतिक दबाव या सड़क पर होने वाली अराजकता से.
अपनी संगठनात्मक कमियों को दूर करे कांग्रेस
1 नवंबर के महत्व का जिक्र करते हुए शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाया. उन्होंने दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में मारे गए हजारों सिखों को याद किया और कांग्रेस नेतृत्व से उनकी ऐतिहासिक जवाबदेही पर सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि चुनावी हार के लिए मतदान प्रणाली को दोष देने के बजाय, कांग्रेस को अपनी संगठनात्मक कमियों और पूरे न किए गए वादों पर गौर करना चाहिए. शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता को 2027 में कांग्रेस को एक निर्णायक लोकतांत्रिक जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए. भाजपा एक मजबूत जनादेश के साथ वापस आएगी और एक ऐसी सरकार बनाएगी जो सुशासन, विकास और जनता के प्रति जवाबदेही के लिए प्रतिबद्ध होगी.
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