Pilibhit Voter List: चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में अनियमितताओं को लेकर सख्त कदम उठाया है. आयोग ने दो चुनाव पंजीकरण अधिकारियों (ERO)/SDM मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा आयोग ने यह भी कहा है कि उनकी चार्जशीट समीक्षा के लिए आयोग के पास भेजी जाए. यह स्पष्ट किया है कि आयोग की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें बहाल नहीं किया जा सकेगा. यह मामला पीलीभीत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र संख्या 127 की मतदाता सूची में 10,470 प्रविष्टियों में कथित अनियमितताओं की जांच के बाद सामने आया.
चुनाव आयोग की सख्त कार्रवाई
शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को लिखे एक पत्र में आयोग ने निर्देश दिया कि ERO मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाए. उनकी चार्जशीट जांच के लिए चुनाव आयोग को सौंपी जाए. आयोग की पूर्व मंजूरी के बिना उन्हें बहाल नहीं किया जा सकता है. चुनाव आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि इन दोनों अधिकारियों और मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार के खिलाफ पहले से दर्ज FIR में ‘भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023’ की धारा 198 जोड़ी जाए. चुनाव आयोग ने कहा कि इन मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए. आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी अधिकारी के लिखित स्पष्टीकरण के आधार पर आयोग की सिफारिश पर शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही को बंद करने का विचार किया जाता है, तो ऐसा करने से पहले संबंधित अनुशासनात्मक प्राधिकरण को आयोग से परामर्श करना होगा.
कांग्रेस और SP ने उठाया था हेराफेरी का मामला
यह विवाद तब शुरू हुआ जब विपक्षी दलों, मुख्य रूप से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर का आरोप लगाया. इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे राज्य भर के मतदाता पंजीकरण केंद्रों पर काम करने वाले कंप्यूटर सहायकों की ECINET पोर्टल ID को निष्क्रिय (deactivate) कर दें. यह कदम पीलीभीत में लॉगिन क्रेडेंशियल्स के कथित दुरुपयोग की शिकायतों के बाद उठाया गया था. जिला निर्वाचन अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे अपने अधीन काम करने वाले कंप्यूटर सहायकों (ऑपरेटरों) की लॉगिन ID निष्क्रिय किए जाने के बाद संबंधित ERO से इसकी पुष्टि प्राप्त कर लें. यह कार्रवाई पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र में मतदाता प्रविष्टियों में कथित अनियमितताओं की जांच के बाद की गई है.
कंप्यूटर असिस्टेंट की सेवा खत्म करने का निर्देश
जांच में पता चला कि एक कंप्यूटर असिस्टेंट ने कथित तौर पर ECINET पोर्टल पर लॉग-इन आईडी का दुरुपयोग किया और 31 मई से 29 अगस्त के बीच मतदाता विवरण में बदलाव के लिए 13,779 ‘फॉर्म-8’ आवेदन दर्ज किए. इनमें से 10,470 आवेदनों को मंजूरी दे दी गई, जबकि 3,309 को खारिज कर दिया गया. हालांकि, कार्यालय में इन प्रविष्टियों से संबंधित कोई भी आवेदन पत्र या सहायक दस्तावेज नहीं मिले. लखनऊ में जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी विधानसभा क्षेत्रों में की गई कार्रवाई का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन करें और बिना किसी देरी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय को अनुपालन रिपोर्ट सौंपें. इसके अलावा CEO ने संबंधित फर्म को निर्देश दिया है कि वह पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र से जुड़े इस मामले में कथित तौर पर शामिल आउटसोर्स किए गए कंप्यूटर असिस्टेंट की सेवाएं तुरंत समाप्त कर दें.
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