Home Top News BJP करेगी वंदे मातरम् के सम्मान और गरिमा की रक्षा, चुनावी और संगठनात्मक रणनीति पर भी मंथन

BJP करेगी वंदे मातरम् के सम्मान और गरिमा की रक्षा, चुनावी और संगठनात्मक रणनीति पर भी मंथन

by Sanjay Kumar Srivastava 22 August 2026, 3:50 PM IST
22 August 2026, 3:50 PM IST
बीजेपी की बैठक में वंदे मातरम् के सम्मान पर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित, चुनावी और संगठनात्मक रणनीति पर भी मंथन

BJP Meeting: भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को वंदे मातरम् के सम्मान और उसकी ऐतिहासिक विरासत की रक्षा के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया. भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय नई दिल्ली में शनिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में राष्ट्रीय पदाधिकारियों और प्रदेश अध्यक्षों के साथ होने वाली तीन अहम बैठकों में से पहली बैठक खत्म हो गई. पहली बैठक में बीजेपी अध्यक्ष ने 17 अगस्त को घोषित नई टीम के पदाधिकारियों का औपचारिक परिचय के साथ-साथ कई मुद्दों पर चर्चा की. सूत्रों ने बताया कि शाम को सात बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी के नए पदाधिकारियों से पार्टी मुख्यालय में मुलाकात करेंगे.

कांग्रेस के फैसले की कड़ी निंदा

भारतीय जनता पार्टी ने 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 1937 के अपने प्रस्ताव को पुनः स्वीकार करते हुए कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वन्दे मातरम्’ के केवल प्रथम दो पदों के गायन को सीमित करने के निर्णय की कड़ी निंदा की. भाजपा वन्दे मातरम् को भारत का राष्ट्रीय गीत, भारत माता के प्रति श्रद्धा की अभिव्यक्ति, स्वतंत्रता संग्राम का मंत्र और भारत की राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक मानती है. इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि पार्टी पूर्ण वंदे मातरम् के सम्मान, गरिमा, विरासत और राष्ट्रीय स्वरूप की रक्षा करेगी. इसे भारत का राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत मानेगी. कहा कि राष्ट्रीय गीत को सांप्रदायिक दबाव, राजनीतिक तुष्टीकरण अथवा संकीर्ण वोट बैंक की राजनीति के अधीन करने के हर प्रयास का विरोध करेगी.

तुष्टीकरण की राजनीति का विरोध

बीजेपी कांग्रेस को स्मरण कराएगी कि उसकी कार्यसमिति का कोई प्रस्ताव भारत के संवैधानिक संस्थानों और संसद द्वारा बनाए गए कानूनों से ऊपर नहीं हो सकता. 1937 का राजनीतिक समझौता 1950 के संवैधानिक निर्णय और 2026 में संसद द्वारा बनाए गए कानून से ऊपर नहीं रखा जा सकता.पार्टी ने कहा कि जनता के सामने उस ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भ को उजागर करेगी, जिसमें वन्दे मातरम् के गायन को सीमित किया गया था, जिसमें मुस्लिम लीग की आपत्तियां तथा बाद में बढ़ती सांप्रदायिक और अलगाववादी मांगों की राजनीति शामिल थी. महात्मा गांधी के उस ऐतिहासिक कथन को जन-जन तक पहुंचाएगी, जिसमें उन्होंने वन्दे मातरम् को ‘साम्राज्यवाद-विरोधी नारा’ और ‘शुद्धतम राष्ट्रीय भावना’ से जुड़ा हुआ बताया था.

युवा पीढ़ी के बीच चलेगा जागरूकता अभियान

भाजपा ने कहा कि वह कार्यकर्ताओं के माध्यम से देशव्यापी अभियान चलाएगी, जिसके अंतर्गत वन्दे मातरम् का इतिहास, अर्थ, राष्ट्रीय महत्व और गौरवशाली विरासत भारत के हर कोने तक पहुंचाई जाएगी. पार्टी ने कहा कि विशेषकर युवा पीढ़ी के बीच जागरूकता का अभियान चलाया जाएगा, ताकि छह पदों वाले पूर्ण राष्ट्रीय गीत और उसके इतिहास को विस्मृति में न जाने दिया जाए तथा आने वाली पीढ़ियां समझ सकें कि वन्दे मातरम् के साथ भारत की स्वतंत्रता, संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र-जागरण की कितनी गहरी स्मृतियां जुड़ी हैं. बीजेपी ने कहा कि राजनीतिक सुविधा या तुष्टीकरण के लिए वन्दे मातरम् के सम्मान और विरासत से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. यह केवल किसी राजनीतिक दल से जुड़ा विषय नहीं है. यह भारत के सम्मान और उन असंख्य देशभक्तों की विरासत का प्रश्न है, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया.

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News Source: PTI

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