BRICS Parliamentary Forum: ब्रिक्स (BRICS) के 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे हैं. वे संसद भवन परिसर में भारत की संसद द्वारा आयोजित दो दिवसीय ’12वें ब्रिक्स संसदीय मंच’ (12th BRICS Parliamentary Forum) में हिस्सा ले रहे हैं. इस मंच का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष और मंच के चेयरमैन ओम बिरला ने भाषण देकर किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाद में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के आए हुए अध्यक्षों (Speakers) और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे. “जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को बढ़ावा देना” विषय पर आधारित यह उच्च-स्तरीय बहुपक्षीय मंच, लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिकों पर केंद्रित विकास एजेंडे और विधायी निकायों को संस्थागत रूप से मजबूत करने पर चर्चा को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा.
इन विषयों पर होगी चर्चा
दो दिवसीय इस सम्मेलन में चार उच्च-स्तरीय सत्र होंगे, जो मुख्य रूप से लचीलेपन, नवाचार , सहयोग और स्थिरता जैसे स्तंभों पर केंद्रित होंगे. इन चर्चाओं में संस्थागत क्षमता निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में विधायी निगरानी की बढ़ती भूमिका, उभरती डिजिटल तकनीकें और सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) जैसे विषय शामिल होंगे. मुख्य सत्रों के साथ-साथ, सदस्य और साझेदार देशों की अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी संसदीय समितियों के अध्यक्षों की एक विशेष बैठक भी होगी. इसमें संसदीय कूटनीति, क्षमता निर्माण और विधायी कार्यों से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर चर्चा की जाएगी.
64 देशों के साथ गठित ‘संसदीय मैत्री समूहों’ की बैठक
यह मंच प्रतिनिधियों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बातचीत को बढ़ावा देगा. इसके अलावा, 64 देशों के साथ गठित ‘संसदीय मैत्री समूहों’ (Parliamentary Friendship Groups) की बैठकें भी होंगी, ताकि वैश्विक संसदीय सहयोग को नई गति दी जा सके. इस प्रतिष्ठित मंच की मेजबानी करना भारत को एक रणनीतिक मंच प्रदान करता है, जिसके जरिए वह ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ा सकता है, बहुपक्षीय चुनौतियों का समाधान कर सकता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत कर सकता है.
चीन को सौंपी जाएगी अध्यक्षता
यह सम्मेलन 27 अक्टूबर को एक ‘संयुक्त बयान’ (Joint Statement) को औपचारिक रूप से अपनाए जाने के साथ संपन्न होगा. इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समापन भाषण देंगे और ब्रिक्स संसदीय मंच की अध्यक्षता औपचारिक रूप से चीन को सौंप दी जाएगी. इससे पहले 25 अक्टूबर को, दो दिवसीय फोरम से पहले, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रूस के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक की. लोकसभा सचिवालय ने बताया कि बैठक के दौरान, भारतीय और रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडलों ने वैश्विक मंचों पर सहयोग को मजबूत करने और आतंकवाद से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया.
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News Source: ANI
