Home Top News ‘झोला उठाकर जाने का समय करीब…’ : मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार

‘झोला उठाकर जाने का समय करीब…’ : मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार

by Sanjay Kumar Srivastava 8 November 2026, 6:26 PM IST
8 November 2026, 6:26 PM IST
'झोला उठाकर जाने का समय करीब...' : PM मोदी के 'दिमागी नक्सल' वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार

Congress Attack: कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पीएम अब साफ तौर पर परेशान, विचलित और हताश हैं और उनके सत्ता से विदा लेने का समय आ गया है. दरअसल, पीएम मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि हथियारबंद माओवादी तो खत्म हो गए हैं, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ राजनीतिक दलों व संगठनों में घुसकर लोगों को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भड़का रहे हैं. इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने तंज कसा कि अब प्रधानमंत्री का ‘झोला उठाकर जाने का समय’ करीब आ गया है.

कहा- मोदी वर्दी में भी करते हैं राजनीति

छत्तीसगढ़ के बस्तर में CRPF कैंप में सुरक्षाकर्मियों के साथ दिवाली मनाते हुए मोदी ने कहा कि हमें ऐसे तत्वों की पहचान करके उन्हें हराना होगा और देश को सुरक्षित रखना होगा. मोदी की यह परंपरा रही है कि वे त्योहार भारत के वर्दीधारी बहादुर जवानों के साथ मनाते हैं. कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दिवाली के दिन भी देश को अपनी ‘विशिष्ट अपशब्दों वाली शैली’ से नहीं बख्शा. रमेश ने ‘X’ पर लिखा कि उन्होंने एक बार फिर उन लोगों की बात की जिन्हें वे ‘दिमागी नक्सल’ कहते हैं. उन्होंने एक बेहद गंभीर और गैर-राजनीतिक मौके पर, सुरक्षा बलों की वर्दी पहनकर, अपने राजनीतिक विरोधियों पर तीखे हमले किए हैं.

विचलित और हताश हैं प्रधानमंत्री

उन्होंने सवाल किया कि यह सभी संस्थागत मानदंडों पर एक खुला प्रहार है, लेकिन क्या ऐसी बातों ने कभी इस व्यक्ति को रोका है? रमेश ने याद दिलाया कि 28 अप्रैल 2024 को उन्होंने कहा था कि जो लोग जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं, वे ‘शहरी नक्सल’ हैं. लेकिन बाद में, 30 अप्रैल 2025 को उन्होंने घोषणा की कि 2027 की जनगणना के हिस्से के रूप में जाति जनगणना भी कराई जाएगी. कांग्रेस नेता ने यह भी बताया कि सितंबर 2020 में, उन्होंने तीन ‘काले’ कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन करने वालों को ‘नक्सली विचारधारा’ का समर्थक बताया था, बाद में 19 नवंबर 2021 को उन्होंने उन्हीं कानूनों को वापस ले लिया. रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री साफ तौर पर परेशान, विचलित और हताश हैं. उनका ‘झोला उठाकर जाने का समय’ अब करीब आ गया है.

मोदी के बयान पर छिड़ा सियासी घमासान

छत्तीसगढ़ के बस्तर में अपनी टिप्पणी में, मोदी ने कहा कि सरकार ने ऐसे फैसले लिए, जिनसे नक्सलियों और अलगाववादियों की फंडिंग को बहुत बड़ा झटका लगा. सैन्य-शैली की कैमोफ्लाज वर्दी और टोपी पहने मोदी ने कहा कि माओवादी आतंक का खात्मा देश की सही नीतियों और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जीत है. उन्होंने कहा कि इन सफलताओं के बीच हमें एक और बात याद रखनी चाहिए कि नक्सली तो खत्म हो गए हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. हथियारों से लैस नक्सली जंगलों से तो गायब हो गए हैं, लेकिन ‘दिमागी नक्सलियों’ ने कई संगठनों पर कब्जा कर लिया है. उन्होंने आगे कहा कि आज भी, वे लोगों को देश के संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भड़का रहे हैं. उन्होंने कई राजनीतिक दलों और अलग-अलग संगठनों में पैठ बना ली है. हमें उनकी पहचान करके उन्हें हराना होगा और देश को सुरक्षित रखना होगा.

बस्तर में जवानों संग मोदी ने मनाई दिवाली : कहा- आंतरिक सुरक्षा मजबूत हो, तो बाहरी दुश्मन भी होते हैं नाकाम

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?