Delhi Protest: राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता हुए शामिल दिल्ली में INDIA ब्लॉक के नेताओं के सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए पैदल मार्च में भारी भीड़ उमड़ पड़ी. राहुल गांधी समेत विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने बस में सवार होकर मार्च करने के साथ-साथ पैदल मार्च भी किया. इस दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी विपक्षी गठबंधन के समर्थन में नजर आईं. मार्च में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से कांग्रेस के कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे. वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और प्रचार से जुड़े कार्यक्रमों को छोड़कर इस मार्च में शामिल हुए.
कोर्ट में INDIA ब्लॉक ने दायर की याचिका
लोकसभा में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आंदोलन और धरना प्रदर्शन जारी रहेंगे. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी हमारी है. अब देश को बचाना है तो सबसे पहले भाजपा को हटाना होगा. बीजेपी इलेक्शन कमीशन के साथ मिलकर देश में चुनाव लूटने का काम कर रही है. वह चाहती है कि देश में सत्ता में बनी रही और इसी तरह देश को खोखला करने का काम करती रही. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी फर्जी वोटर्स बनवाती है और फर्जी वोट डलवाने का काम करती है. हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं और इस देश में जो भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया है उसे हम अपनाने का काम करेंगे.
इन नेताओं ने दायर की याचिका
एसआईआर विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सौगत राय, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, संजय राउत, एमए बेबी, डी राजा, महुआ माझी, सुप्रिया सुले और ईटी मोहम्मद बशीर के नाम से रिट याचिका दाखिल की गई है. रिट याचिका में निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को प्रतिवादी बनाया गया है.
संविधान का संरक्षक सुप्रीम कोर्ट
दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह के तौर पर हटा दिया है. इस फैसले पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि वे डरे हुए हैं और जानते हैं कि वे ज़्यादा समय तक सत्ता में नहीं रहने वाले हैं. इसी बीच TMC की सागरिका घोष कहती हैं कि सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ी अदालत और संविधान का संरक्षक है. वोट देने का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है, लेकिन अब तक यह इसकी रक्षा करने में नाकाम रहा है. हम सुप्रीम कोर्ट से अपील करते हैं कि वह चुनाव आयोग की ओर से आंखें न मूंदे.
जानें क्या बोले INDIA ब्लॉक के नेता?
CPI नेता डी राजा कहते हैं कि दिल्ली ने ऐसा विरोध प्रदर्शन पहले कभी नहीं देखा. पूरे देश में लोगों में गुस्सा है. जिस तरह से ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने हुए हैं. वह लोगों को मंजूर नहीं है, क्योंकि उनके कार्यकाल में चुनाव आयोग ने संविधान द्वारा तय संवैधानिक संस्था के तौर पर काम नहीं किया है. इसीलिए लोग मांग कर रहे हैं कि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें हटाया जाना चाहिए. हम याचिका दायर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रहे है. इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि देश भर से लोग यहां आए हैं और दिल्ली ठप हो गई है. हम SIR और ‘वोट की चोरी’ के खिलाफ हैं. उन्होंने हरियाणा, असम और बिहार में इसी तरह वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की और चुनाव में धांधली की. अब वे पंजाब में भी ऐसा ही करने की तैयारी कर रहे हैं. इसीलिए लोग सड़कों पर उतरे हैं, ताकि यह पक्का किया जा सके कि हमारे वोट न हटाए जाएं.
हमारे डिवीज़न की सड़कें शामिल
INDIA ब्लॉक के मार्च के बीच ट्रैफिक के एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रभावित इलाकों में मंडी हाउस और हमारे डिवीज़न की सड़कें शामिल हैं. काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. हमने अपने पास मौजूद ज्यादा से ज्यादा फोर्स तैनात की है. ट्रैफिक को ठीक से कंट्रोल किया जा रहा है और हम उसी के हिसाब से एडवाइजरी जारी कर रहे हैं.
News Source: ANI
