Delhi Protest: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल एकजुट होकर सड़क पर उतर आए हैं. INDIA ब्लॉक के नेता राष्ट्रीय राजधानी में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया से सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकाल रहे हैं. मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस विरोध मार्च में विपक्षी गठबंधन में शामिल सभी दलों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी एक बस में सवार होकर मार्च में शामिल हुए. इस दौरान विपक्षी नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने मार्च को लेकर कहा कि यह बहुत आसान है। यह कोई विरोध मार्च नहीं है, बल्कि हम सिद्धांत के एक मामले को लेकर जा रहे हैं. सभी अलग-अलग राजनीतिक दल सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर करेंगे.
14 फैसले उनकी सहमति के बिना लिए गए
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने कहा कि बीजेपी की राजनीति देखिए कि आखिर में यह है क्या? यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे को खत्म करने की कोशिश है. उन्होंने इसे पहले ही बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है. दो चुनाव आयुक्त पहले ही बता चुके थे कि 14 फैसले उनकी सहमति के बिना लिए गए थे और ‘फॉर्म 6’ में बदलाव पूरी तरह गलत तरीके से किया गया था. इस बात को सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ किया था कि उनकी तरफ से ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया था. फिर भी मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाना चाहती है और देश के लोकतंत्र को पूरी तरह खत्म करना चाहती है. वे कहते हैं कि हमें अपने संस्थानों और देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाना चाहिए. लेकिन दुख की बात यह है कि उनकी इस दिशा में आगे बढ़ने की कोई मंशा नहीं है.
यह देश की जनता की लड़ाई
सुप्रीम कोर्ट तक चलने वाले मार्च में शामिल हुए कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि यह शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश की जनता की लड़ाई है और हम इसे लड़ रहे हैं. वहीं, कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे कहते हैं कि हम बहुत वाजिब सवाल पूछ रहे हैं. फॉर्म 6 को किसने मंजूरी दी? फॉर्म 7 की थोक छपाई और पहले से छपे फॉर्म किसके हैं? ज्ञानेश कुमार कहां छिपे हैं? जब किसी संवैधानिक संस्था का प्रमुख ही गायब हो, तो हमें सवाल पूछने ही होंगे. जो लोग जिंदा हैं, उन्हें वोटर लिस्ट में मृत दिखाया जा रहा है. खैर, हम इस पर काम कर रहे हैं, हम याचिका दायर करेंगे.
‘कांग्रेस का खुद का दिशाहीन नेतृत्व…’ कांग्रेस पर शिवराज सिंह का हमला; कही ये बात
जेल भेजने की मांग की जा सके
वहीं, CJI के बयान पर RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश सब कुछ जानते हैं और सही प्रक्रियाओं की ओर इशारा कर रहे हैं. वे इस मुश्किल और निराशाजनक समय में उम्मीद की किरण हैं. इसी बीच, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव कहते हैं कि यह शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि पूरे देश की मांग है. देश भर में लोग विरोध कर रहे हैं. दूसरी ओर सपा सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि यह मार्च सुप्रीम कोर्ट तक इसलिए निकाला जा रहा है ताकि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और उन्हें जेल भेजने की मांग की जा सके.
कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हुए
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि आज पूरा देश सड़कों पर है. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में देश भर से कांग्रेस कार्यकर्ता यहां जमा हुए हैं. हम सबकी बस एक ही मांग है कि सुप्रीम कोर्ट हमारी बात सुने. CEC ने जो किया है, वह गैर-कानूनी और असंवैधानिक है. उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा. हमारे दिखाए गए ‘वोट चोरी’ के सबूत साबित करते हैं कि हमें इस देश में लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़नी होगी. हम शांति से गांधीवादी तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं. लेकिन पुलिस युवाओं को पीट रही है. नेताओं को जेल में डाला जा रहा है. यह गलत है. मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट को हमारी बात सुननी चाहिए ताकि सही कदम उठाए जा सकें. CEC को इस पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है. यह सरकार खुद को बचाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है.
सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ रहा इंडिया गठबंधन का काफिला, बस से जा रहे राहुल-प्रियंका-खड़गे
