Home Latest News & Updates खरीफ सीजन में खाद की किल्लत से बढ़ी किसानों की चिंता, दिल्ली-NCR में यूरिया की कमी के आरोप

खरीफ सीजन में खाद की किल्लत से बढ़ी किसानों की चिंता, दिल्ली-NCR में यूरिया की कमी के आरोप

by Live Times 22 June 2026, 6:39 PM IST
22 June 2026, 6:39 PM IST
Farmers concerns fertilizer shortage during Kharif season

Shortage of Fertilizers : दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में खरीफ सीजन के दौरान यूरिया की उपलब्धता को लेकर किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है. गन्ने की बुवाई और धान की रोपाई के अहम दौर में किसान खाद के लिए लगातार सहकारी समितियों और खाद केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं. सरकार पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों की शिकायतें कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही हैं.

किसानों ने बताई वितरण व्यवस्था में खामिया

गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र के कादराबाद गांव स्थित बहुद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति में किसानों का गुस्सा उस समय सामने आया, जब खाद नहीं मिलने से नाराज किसानों ने हंगामा कर दिया. इस दौरान समिति से करीब 350 बोरी यूरिया उठाए जाने की घटना भी सामने आई. हालांकि, स्थानीय किसान इसे खाद की बढ़ती किल्लत और वितरण व्यवस्था में खामियों का नतीजा बता रहे हैं.

लाइव टाइम्स की ग्राउंड रिपोर्ट में कादराबाद स्थित सहकारी समिति का गोदाम लगभग खाली मिला. खाद लेने पहुंचे कई किसानों ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से समिति के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरत के मुताबिक यूरिया नहीं मिल रही है. किसानों का कहना है कि गन्ने और धान की फसल के लिए इस समय यूरिया बेहद जरूरी है और आपूर्ति में देरी का सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है.

कुछ लोगों को दी जा रही प्राथमिकता

किसानों ने आरोप लगाया कि खाद का वितरण सीमित मात्रा में किया जा रहा है और कुछ लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है. उनका कहना है कि मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है. वहीं, समिति के कर्मचारियों का दावा है कि क्षेत्र में खाद की कोई कमी नहीं है और जल्द ही यूरिया की नई खेप पहुंचने वाली है. कर्मचारियों के मुताबिक, खरीफ सीजन के कारण मांग अचानक बढ़ी है, जिसके चलते अस्थायी दबाव की स्थिति बनी है.

गाजियाबाद तक नहीं है सीमित समस्या

यह समस्या केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं है. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों से भी यूरिया की कमी और वितरण व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आई हैं. कई जगह किसानों ने प्रदर्शन कर प्रशासन से तत्काल आपूर्ति बढ़ाने की मांग की है. विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और एलएनजी आपूर्ति प्रभावित होने से यूरिया उत्पादन और आयात दोनों पर दबाव बढ़ा है. भारत अपनी यूरिया जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, जबकि घरेलू उत्पादन भी प्राकृतिक गैस पर निर्भर है.

क्या फसलें होगी प्रभावित?

दिल्ली-एनसीआर के ग्रामीण इलाकों में इस समय गन्ने, धान और सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है. ऐसे में समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों की लागत बढ़ने और फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है. सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर अब किसानों की बढ़ती नाराजगी में साफ दिखाई दे रहा है.

दिल्ली से खुशबू सिंह की रिपोर्ट

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