Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की सियासत में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना-UBT को भारी झटका लगा है. उद्धव गुट के 6 बागी सांसद अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं. वहीं, शिंदे गुट में शामिल होने वाले संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर हैं. इस दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि ऑपरेशन टाइगर अब पूरी तरह सफल हो गया.
औपचारिक रूप से हुआ विभाजन
उद्धव ठाकरे की नेतृत्व वाली पार्टी का अब औपचारिक रूप से विभाजन हो गया है. नई दिल्ली में शिवसेना-यूबीटी की संसदीय दल की एक अहम बैठक में शामिल नहीं होने के पांच दिन बाद वे शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना के एक कार्यक्रम में शामिल हो गए. इस दौरान एकनाथ शिंदे ने कहा कि अब मेरे पास तीन संजय हैं और उन्होंने 2022 की बगावत को भी याद किया. उस में समय पार्टी में 40 विधायकों ने बगावत करते हुए एकनाथ शिंदे का साथ दिया था.
VIDEO | Mumbai: Maharashtra Deputy CM Eknath Shinde (@mieknathshinde) recalls 2022 Shiv Sena rebellion, says ‘sixer’ hit as second phase begins 'to protect Hindutva ideals'.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 22, 2026
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/ymY2Ry9Cv8
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विचारधारा को बचाने के लिए संघर्ष किया
इस दौरान एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम हमेशा बालासाहेब ठाकरे की विचाराधारा को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. ये बगावत का बस दूसरा चरण है. अब यह सभी सांसद असली शिवसेना में शामिल हो गए हैं और अब बाला साहेब की विचारधारा को फॉलो करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि उनके साथ 6 टाइगर और मौजूद हैं. शिवसेना परिवार अब लगातार विस्तार ले रहा है.

वहीं, पत्रकारों से चर्चा करते हुए शिंदे ने कहा कि ये लोकसभा सदस्य अब उस असली शिवसेना में शामिल गए हैं जो दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की सीख को मानती है. चार साल पहले मैंने एक बड़ा कदम उठाया था और मैंने जबरदस्त छक्का मारा था.
शिवसेना-यूबीटी सांसद नहीं संभाल पा रही
इससे पहले विधायक मुरजी पटेल ने कहा कि शिवसेना-UBT अपने MPs तक को नहीं संभाल पाई है. बागी शिवसेना-यूबीटी सांसद ओम प्रकाश राजेनिंबालकर ने रविवार को शिवसेना में जाने के फैसले को सही ठहराया. उन्होंने कहा कि अगर सांसद और विधायक पावर की तरफ खींच रहे हैं तो सिर्फ ट्रेंड को फॉलो कर रहे हैं. विपक्षी सांसदों को विकासपथ के लिए फंड नहीं दिया जा रहा है. वह सिर्फ सांसद निधि पर ही निर्भर हैं.
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