Nepal Helpline Numbers: बुधवार को नेपाल में कुदरत का कहर बरपा. ग्लेशियर के ढहने से नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है. अब तक इस बाढ़ में कम से कम 165 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग लापता हैं, जिनमें 300 भारतीय भी शामिल हैं. बाढ़ की वजह से संचार कट गया है. संकट की इस स्थिति में भारत ने नेपाल को 10 टन राहत सामग्री भेजी है.
काठमांडू में भारतीय दूतावास और तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने प्रभावित भारतीयों और उनके रिश्तेदारों के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं. भारतीय दूतावास ने+977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 जारी किए हैं, जिनपर प्रभावित लोग संपर्क कर सकते हैं.
भारत ने भेजी मदद
भारत ने आज एयरक्राफ्ट के जरिए 10 टन जरूरी राहत सामग्री और मेडिकल सप्लाई नेपाल भेज रहा है. भारतीय वायुसेना ने एक्स पर एक पोस्ट में नेपाल को दी जा रही मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) के बारे में जानकारी दी. पोस्ट में लिखा है, “पड़ोसी दोस्त को सबसे पहले मदद करने वाले… भारत नेपाल नेपाल में आई भयानक बाढ़ के समय में IAF ने तेजी से एक C-130J एयरक्राफ्ट तैनात किया है जिसमें 10 टन जरूरी राहत सामग्री और मेडिकल सप्लाई है. C-17 और C-130 एयरक्राफ्ट से और हवाई मदद से और राहत सप्लाई पहुंचाई जाएगी, साथ ही बचाव और लोगों को निकालने के काम के लिए हेलीकॉप्टर भी रखे जाएंगे.”
Neighbours. Friends. First Responders. 🇮🇳🇳🇵
— Indian Air Force (@IAF_MCC) August 26, 2026
In response to the devastating flash floods in Nepal, the #IAF has swiftly deployed a C-130J aircraft carrying 10 tonnes of essential relief materials and medical supplies.
Additional air effort by C-17 and C-130 aircraft will… pic.twitter.com/pB8ZcRF1Id
तमिलनाडु
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु के 57 टूरिस्ट में से 37 का अभी पता नहीं चला है. खबर है कि टूरिस्ट हिमालय में एक मंदिर जा रहे थे. कोयंबटूर की संस्था, ईशा फाउंडेशन ने दावा किया कि इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद उसके 77 सदस्य लापता हैं. इसके फाउंडर सद्गुरु ने कहा, इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद किसी भी व्यक्ति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है.
पश्चिम बंगाल
एक अधिकारी ने बताया कि कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर कोलकाता से आया 32 लोगों का ग्रुप पश्चिम बंगाल के उन कई लोगों में से एक था, जिनका बुधवार को नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद पता नहीं चला. उन्होंने बताया कि 30 टूरिस्ट और दो टूर मैनेजर वाला यह ग्रुप 21 अगस्त को शहर से निकला था और अगले दिन नेपाल पहुंच गया. यह ग्रुप तिब्बत में जाने के लिए बुधवार सुबह रासुवागढ़ी पहुंचा. इसके सदस्य सुबह करीब 8.30 बजे इमिग्रेशन ऑफिस में थे, जब नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास वाले इलाके में अचानक आई बाढ़ आ गई. परिवार मदद के लिए (033) 24793311 या 9147890181 पर संपर्क कर सकते हैं.
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर
माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के कई लोग पड़ोसी देश में फंसे हुए हैं. किसान नेता राकेश टिकैत, जो अपने साथियों के साथ सड़क के रास्ते नेपाल गए थे, पोखरा में फंस गए हैं. उत्तर प्रदेश के कई लोगों के परिजनों से कहा गया है कि यदि राज्य का कोई व्यक्ति नेपाल में फंसा है या उसे किसी तरह की सहायता की जरूरत है तो वह राज्य के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर तत्काल संपर्क करें.
उत्तराखंड के लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण फंसे या प्रभावित हो सकने वाले लोगों के परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. अधिकारियों के अनुसार, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के नंबर 0135-2710334, 2710335, 2664314, 2664315, 2664316 और 8218867005 के अलावा लोग टोल-फ्री नंबर 1070 पर भी संपर्क कर सकते हैं. अधिकारियों ने कहा कि यदि उत्तराखंड का कोई व्यक्ति नेपाल में फंसा है या कोई व्यक्ति किसी के बारे में जानकारी देना चाहता है तो वह इन हेल्पलाइन नंबर के जरिए संपर्क कर सकता है.
महाराष्ट्र के लिए हेल्पलाइन नंबर
अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र के सात पर्यटक नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण फंसे हुए हैं और ताजा जानकारी के अनुसार उनमें से चार सुरक्षित हैं. उन्होंने बुधवार रात बताया कि अन्य तीन पर्यटकों से संपर्क करने के प्रयास जारी हैं. एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने चार पर्यटकों से संपर्क स्थापित कर लिया है. इनमें मुंबई और पुणे के दो-दो लोग शामिल हैं. उन्होंने कहा कि अधिकारी महाराष्ट्र के उन लोगों की सूची तैयार कर रहे हैं जिनके बाढ़ के कारण नेपाल में फंसे होने की आशंका है. मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि मंत्रालय में चौबीसों घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिससे टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1070 या +91-9321587143 पर संपर्क किया जा सकता है. लोग controlroom@maharashtra.gov.in. ईमेल के जरिए भी संपर्क कर सकते हैं.
केरलम सरकार ने शुरू किया हेल्पडेस्क
केरलम सरकार ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित राज्य के लोगों को आपात सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकारी संस्था ‘नॉर्का-रूट्स’ के माध्यम से एक हेल्पडेस्क शुरू किया है. ‘नॉर्का-रूट्स’ राज्य सरकार के अप्रवासी केरलमवासी मामलों के विभाग की कार्यकारी एजेंसी है. बयान में कहा गया कि जिन लोगों को सहायता की आवश्यकता है. वे ‘नॉर्का ग्लोबल कॉन्टैक्ट सेंटर’ के टोल-फ्री नंबर 18004253939 पर संपर्क कर सकते हैं या विदेश से +91-8802012345 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय ने नेपाल की यात्रा कर रहे मलयाली लोगों से संपर्क नहीं कर पा रहे परिवारों से 9447111844 या 9747132147 पर सूचना देने का आग्रह किया है.
सिक्किम के लिए हेल्पलाइन नंबर
सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) ने कहा, ‘‘सिक्किम के जिन लोगों के परिवार के सदस्य या रिश्तेदार इस समय नेपाल में हैं और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, उनसे अनुरोध है कि वे संबंधित जानकारी के साथ हेल्पलाइन नंबर 03592-201145, 03592-202461 और 03592-202256 पर संपर्क करें.”
ओडिशा के लिए हेल्पलाइन नंबर
अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा सरकार ने नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के कारण फंसे या परेशानी में पड़े राज्य के लोगों की सहायता के लिए नयी दिल्ली में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है और हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. एक सरकारी बयान में कहा गया कि हेल्पलाइन नंबर +91-7428135044, +91-8527580245 और 011-23012807 हैं. ओडिशा परिवार निदेशालय में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) प्रीतिश पांडा को इस काम के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है.
छत्तीसगढ़ के लिए हेल्पलाइन नंबर
अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण वहां फंसे राज्य के लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग सहायता और जानकारी के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन नंबर 1070 या +91-771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं.
नेपाल में कुदरत का कहर: जलप्रलय में 162 लोगों की मौत, 130 भारतीयों समेत सैंकड़ों लापता
News Source: PTI
