Home Top News RSS प्रमुख का बड़ा बयान: भारत की तरक्की रोकने के लिए अंदर-बाहर से रची जा रही साजिश

RSS प्रमुख का बड़ा बयान: भारत की तरक्की रोकने के लिए अंदर-बाहर से रची जा रही साजिश

by Sanjay Kumar Srivastava 17 June 2026, 3:44 PM IST
17 June 2026, 3:44 PM IST
RSS प्रमुख का बड़ा बयान: भारत की तरक्की रोकने के लिए अंदर-बाहर से रची जा रही साजिश

Mohan Bhagwat: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को बड़ा बयान दिया है.उन्होंने कहा कि देश की तरक्की को रोकने के लिए भारत के अंदर और बाहर झूठी बातें और खबरें फैलाई जा रही हैं. उन्होंने उदयपुर में महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि भारत की तरक्की का विरोध करने वाले लोग ज़्यादा संसाधन होने के बावजूद अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज लोग यह पक्का करने की कोशिश कर रहे हैं कि भारत आगे न बढ़े. झूठी बातें गढ़ी जा रही हैं, झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं और लोगों को गुमराह करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं.

दुनिया के कल्याण के लिए भारत का मजबूत होना जरूरी

उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों के पास आबादी, ताकत, आर्थिक मजबूती और संगठनात्मक क्षमता है, फिर भी हमें अपने मूल्यों के आधार पर मजबूती से खड़े रहना होगा. भागवत ने जोर देकर कहा कि भारत की तरक्की न सिर्फ़ खुद भारत के लिए, बल्कि दुनिया के कल्याण के लिए भी ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि दुनिया के लिए भी एक मजबूत भारत ज़रूरी है. महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी की ऐतिहासिक लड़ाई का ज़िक्र करते हुए RSS प्रमुख ने कहा कि यह भारत के सभ्यतागत प्रतिरोध का प्रतीक था.

महाराणा प्रताप ने समाज के लिए लड़ी लड़ाई

भागवत ने कहा कि हमारा इतिहास गुलामी का इतिहास नहीं है. यह उन लोगों के ख़िलाफ़ संघर्ष का इतिहास है जिन्होंने हमें गुलाम बनाने की कोशिश की. उन्होंने आगे कहा कि महाराणा प्रताप का संघर्ष “धर्म, संस्कृति और आत्म-सम्मान” की रक्षा के लिए किए गए प्रतिरोध का प्रतीक था. हल्दीघाटी की लड़ाई की 350वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी. वह अत्याचारों के ख़िलाफ़, धर्म- संस्कृति और अपनी ज़मीन की आज़ादी के लिए लड़ रहे थे. भागवत ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन और आदर्शों के बारे में और गहराई से अध्ययन करने और उन्हें बेहतर ढंग से समझने की ज़रूरत है.

ऐतिहासिक हस्तियों से सीखने की जरूरत

उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें उन ऐतिहासिक हस्तियों से सीखने की ज़रूरत है जो मुश्किल हालात में भी डटे रहे. उन्होंने कहा कि अच्छा शासन स्थापित करने और लोगों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए हमें ऐसे उदाहरणों से प्रेरणा लेने की ज़रूरत है. भागवत ने कहा कि भारत की ताकत सिर्फ़ संख्या या भौतिक संसाधनों में नहीं, बल्कि उसके सांस्कृतिक मूल्यों में है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में हम मज़बूती से कैसे खड़े रहें? महाराणा प्रताप ने हमें यह दिखाया. कहा कि हमें भारत की प्रगति के लिए मिलकर काम करना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि अलग-अलग पहचानें होती हैं, लेकिन एकता के लिए एक जैसा होना ज़रूरी नहीं है, एकता के लिए आपसी तालमेल और एक-दूसरे के प्रति सम्मान ज़रूरी है.

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News Source: PTI

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