Captain Smit: देश के जांबाज पायलट कैप्टन स्मित के साहस और सूझबूझ की पूरे दुनिया में सराहना हो रही है. विमान में सवार यात्रियों की जान बचाने के लिए संकट की घड़ी में कैप्टन स्मित ने जिस बहादुरी और तत्परता का परिचय दिया, उसे लेकर देशभर से उन्हें सम्मान और शुभकामनाएं मिल रही हैं. इसी क्रम में प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू ने भी कैप्टन स्मित के साहसिक कार्य की सराहना करते हुए उन्हें 21 लाख रुपये की सम्मान राशि अर्पित की है. मोरारी बापू ने यह राशि ‘श्री हनुमंत कृपा प्रसाद’ के रूप में कैप्टन स्मित को अर्पित की. बापू ने कहा कि कैप्टन स्मित जैसे देश के सपूत के साहस और शौर्य की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है. उन्होंने संकट की घड़ी में बिना किसी देरी के साहसिक निर्णय लेते हुए करीब 180 यात्रियों की जान बचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया.
‘देश का नाम रोशन किया’
मोरारी बापू ने कैप्टन स्मित के इस अद्भुत और साहसिक कार्य को देश के लिए गौरव का विषय बताया. उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित ने न केवल यात्रियों की जिंदगी बचाई, बल्कि अपने साहस और कर्तव्यनिष्ठा से पूरे देश का नाम रोशन किया है. उनके इस कार्य की गूंज देश के साथ-साथ पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है. कैप्टन स्मित के साहस को देखते हुए उन्हें किस तरह सम्मानित किया जाए, इस संबंध में मोरारी बापू के मन में भी विचार आया. हालांकि, सम्मान राशि को लेकर बापू के मन में सहज संकोच भी था कि कहीं यह कदम किसी प्रकार का अविवेक न माना जाए. लेकिन कैप्टन स्मित के असाधारण साहस और उनके कार्य की व्यापक सराहना को देखते हुए उन्होंने उन्हें 21 लाख रुपये की राशि अर्पित करने का निर्णय लिया.
गुजरात सरकार देगी ‘गौरव पुरस्कार’
कैप्टन स्मित के सम्मान में इससे पहले भी विभिन्न स्तरों पर आर्थिक पुरस्कारों की घोषणा की जा चुकी है. दंताली आश्रम के पूज्य सच्चिदानंदजी की ओर से कैप्टन स्मित के लिए 25 लाख रुपये की सम्मान राशि घोषित की गई है. इसके अलावा गुजरात सरकार की ओर से भी ‘गौरव पुरस्कार’ के तहत 25 लाख रुपये की राशि घोषित की गई है. वहीं एक फार्मास्यूटिकल कंपनी की ओर से भी कैप्टन स्मित को 1 करोड़ रुपये की राशि देने की घोषणा की गई है. इन सभी सम्मानों के बीच मोरारी बापू की ओर से दी गई 21 लाख रुपये की राशि को हनुमंत कृपा प्रसाद के रूप में देखा जा रहा है.
बापू ने एक बार फिर कैप्टन स्मित के साहसिक और मानवता से जुड़े इस कार्य की हृदयपूर्वक सराहना की और उनके परिवार को भी शुभकामनाएं दीं. कैप्टन स्मित का यह साहसिक कदम बताता है कि संकट की घड़ी में एक पायलट की जिम्मेदारी केवल विमान उड़ाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए सही समय पर लिया गया एक साहसिक निर्णय सैकड़ों जिंदगियां बचा सकता है. कैप्टन स्मित ने अपने कर्तव्य, साहस और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए एक मिसाल कायम की है.
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