Home Top News अमेरिका ने ब्रिटेन के एयरबेस से वापस बुलाए B-1 बॉम्बर विमान, आतंकी हमले का अलर्ट

अमेरिका ने ब्रिटेन के एयरबेस से वापस बुलाए B-1 बॉम्बर विमान, आतंकी हमले का अलर्ट

by Preeti Pal 5 October 2026, 8:09 AM IST (Updated 5 October 2026, 8:10 AM IST)
5 October 2026, 8:09 AM IST (Updated 5 October 2026, 8:10 AM IST)
US Pulls Air Force Bombers

US Pulls Bombers: अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने सभी बॉम्बर विमान हटा लिए हैं. अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन के लिए इस एयरबेस का इस्तेमाल किया था. अमेरिका ने यह फैसला एयरबेस पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी होने के बाद लिया है. एक मीडिया रिपोर्ट ने अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए बताया गया है कि अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड में तैनात सभी लंबी दूरी के बॉम्बर विमानों को वापस अमेरिका में उनके होम बेस पर भेज दिया है. यह कदम एक अज्ञात नए खतरे के बाद उठाया गया है, जबकि UK एयरबेस को निशाना बनाने की कथित ईरानी साजिश की जांच चल रही है.

‘ईरान के बारे में कुछ फैसले लेने हैं’

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें नए हमले भी शामिल हैं. जबकि उन्होंने अमेरिकियों से शुरू में वादा किया था कि यह अभियान कुछ हफ्तों तक ही चलेगा. ट्रंप ने शनिवार को ओहायो में एक रैली के लिए व्हाइट हाउस से निकलते समय पत्रकारों से कहा, “ईरान के बारे में मुझे कुछ फैसले लेने हैं. ईरान को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया गया है. इसलिए एकमात्र सवाल यह है या तो यह आसान तरीका होगा, या मुश्किल तरीका.”

ईरान पर हमलों के लिए इस्तेमाल होते रहे बॉम्बर विमान

RAF फेयरफोर्ड का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल अमेरिकी B-1 बॉम्बर विमानों को तैनात करने के लिए किया जाता रहा है और यह अमेरिकी ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के लिए एक ऑपरेटिंग लोकेशन के तौर पर काम करता है, जो लंबी दूरी के हमलों को मैनेज करने के लिए जिम्मेदार है. यह कदम उन लोगों की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद उठाया गया है जिन पर उस एयरबेस को निशाना बनाने की कथित ईरानी साजिश में शामिल होने का आरोप है.

बिटेन का ईरान पर आरोप

ब्रिटिश अधिकारियों ने तेहरान पर हमला करने का शक जताया है, हालांकि ईरान ने इससे इनकार किया है. तेहरान ने इन आरोपों के बाद तेहरान में ब्रिटिश राजदूत को भी तलब किया. ब्रिटिश पुलिस ने 27 सितंबर को RAF फेयरफोर्ड के पास आतंकवाद और विस्फोटक से जुड़े अपराधों के शक में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. लंदन इलाके के रहने वाले 23 से 25 साल की उम्र के इन ब्रिटिश नागरिकों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया. पुलिस ने पुष्टि की कि घटनास्थल पर मौजूद तीन वैन में कोई विस्फोटक नहीं मिला. उनकी रिहाई की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आलोचना की और कहा, “मैं ऐसा नहीं करता.” कथित साजिश के सिलसिले में गुरुवार को 25 वर्षीय ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया.

भारतीय पायलट की बहादुरी के मुरीद हुए नेतन्याहू, मच्छार से फोन पर बोले- ‘आप पूरी दुनिया के हीरो’

News Source: ANI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?