Home Top News इनामी नक्सली का दावाः वैचारिक मतभेद से चरमराया आंदोलन, कई और नेता कर सकते हैं आत्मसमर्पण

इनामी नक्सली का दावाः वैचारिक मतभेद से चरमराया आंदोलन, कई और नेता कर सकते हैं आत्मसमर्पण

by Sanjay Kumar Srivastava 17 October 2025, 3:43 PM IST (Updated 23 January 2026, 3:38 PM IST)
17 October 2025, 3:43 PM IST (Updated 23 January 2026, 3:38 PM IST)
CM Devendra Fadnavis

Naxal Movement: भूपति उर्फ सोनू ने कहा कि नक्सल आंदोलन के भीतर गंभीर वैचारिक मतभेद हैं. नक्सल आंदोलन का कोई भविष्य नहीं है.

Naxal Movement: 60 कार्यकर्ताओं के साथ आत्मसमर्पण करने वाले 6 करोड़ के इनामी नक्सली नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ ​​भूपति ने खुलासा किया है कि नक्सल आंदोलन के भीतर दरारें चौड़ी हो गई हैं. अभी कई और लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं. सभी लोग मुख्य धारा में आना चाहते हैं. 70 वर्षीय सीपीआई (माओवादी) नेता वेणुगोपाल राव उर्फ ​​भूपति उर्फ सोनू ने कहा कि नक्सल आंदोलन के भीतर गंभीर वैचारिक मतभेद हैं. नक्सल आंदोलन का कोई भविष्य नहीं है. नक्सल आंदोलन को बड़ा झटका देते हुए ​भूपति उर्फ सोनू ने बुधवार को गढ़चिरौली में 60 अन्य नक्सलियों के साथ महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़नवीस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था.

नक्सलियों ने माना- सशस्त्र संघर्ष समाधान नहीं

नक्सल आंदोलन में दो गुट उभरे हैं – एक सोनू, सतीश और राजमन मंडावी के नेतृत्व में शांति वार्ता का समर्थन करता है और दूसरे का नेतृत्व देवजी, हिडमा और प्रभाकर करते हैं जो इस कदम का विरोध करते हैं. नक्सली सोनू ने कहा कि सीपीआई (माओवादी) पार्टी के भीतर आंतरिक दरार पैदा हो गई है. एक अधिकारी ने बताया कि विशेष बलों के दबाव के बाद नक्सलियों ने सशस्त्र संघर्ष के समापन की वकालत की. हालांकि तेलंगाना स्थित संगठन के अन्य तेलुगु नेता सशस्त्र अभियान जारी रखने पर जोर देते हैं. नक्सलियों का मानना ​​​​है कि भारी नुकसान और जनता से अलगाव के कारण एक लंबा युद्ध टिकाऊ नहीं है. अधिकारी ने बताया कि सोनू ने दावा किया है कि तेलंगाना में कुछ माओवादियों को राज्य का संरक्षण प्राप्त है.

भूपति पर था 6 करोड़ का इनाम

सोनू को एफआरए (वन अधिकार अधिनियम), पेसा पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम और भूमि पट्टों (भूमि स्वामित्व दस्तावेज या शीर्षक विलेख) के वितरण जैसी सरकारी नीतियों का समर्थन करने के लिए सुधारवादी माना जाता है. अधिकारी ने कहा कि अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के 70 से अधिक नक्सली अभी भी सीपीआई (माओवादी) से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि 12 में से आठ केंद्रीय समिति के सदस्य भी उस राज्य से हैं. भूपति, जिस पर छह राज्यों – महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा – द्वारा घोषित लगभग 6 करोड़ रुपये का इनाम था, ने 54 हथियार डाल दिए. जिनमें सात एके -47 और नौ इंसास राइफलें शामिल थीं.

ये भी पढ़ेंः नक्सलवाद पर बड़ा प्रहार: नेपाल के पशुपति से आंध्र प्रदेश के तिरुपति तक लाल गलियारे की योजना ध्वस्त

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