Assam flood: बीते कई दिनों से भारी बारिश की वजह से असम में बाढ़ आ गई है. नदियां उफान पर बह रही हैं. बारिश और बाढ़ से प्रदेश के 15 से अधिक जिले प्रभावित हुए हैं और कई क्षेत्रों में भयंकर बाढ़ से हाहाकार वाली स्थिति देखी गई है. इस साल असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या कुछ समय पहले तक 66 थी, लेकिन हाल ही में दो और लोगों की मौत ने इस संख्या में बढ़ोतरी करके इसे 68 कर दी है. मतलब कि असम में बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 68 लोगों की जान जा चुकी है.
हालांकि, अब राहत वाली खबर सामने यह आई है कि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रही है. जी हां, न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, असम में बाढ़ की स्थिति में रविवार को और सुधार हुआ.
5.24 लाख लोग हुए प्रभावित
मिली जानकारी के अनुसार, असम के पांच जिलों में 524 लाख से अधिक लोग अभी भी प्रभावित हैं, जबकि दो और मौतों के साथ इस वर्ष की बाढ़ में मरने वालों की संख्या 68 हो गई है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और शिवसागर जिलों में 5,24,700 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. रविवार देर रात जारी बुलेटिन में कहा गया है कि चराइदेव जिले में बाढ़ के पानी में डूबने से पिछले 24 घंटों के दौरान दो और लोगों की जान चली गई.
असम में शनिवार से बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है, जब छह जिलों में लगभग 6.55 लाख लोग प्रभावित हुए थे. एएसडीएमए ने कहा कि प्रशासन चार जिलों में 354 राहत शिविर और सहायता वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जिनमें 37,724 विस्थापित लोगों की देखभाल की जा रही है.
असम में 763 गांव पानी में डूबे
मिली जानकारी के मुताबिक, आधिकारिक बुलेटिन में कहा गया है कि सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा और पुलिस जैसी कई एजेंसियों ने ऊपरी असम के विभिन्न हिस्सों से कई लोगों को बचाया है.
इसमें कहा गया है कि अभी पूरे असम भर में 763 गांव पानी में डूबे हुए हैं और 48,742.09 हेक्टेयर फसल क्षेत्र क्षतिग्रस्त हो गया है. बुलेटिन में कहा गया है कि राज्य के विभिन्न जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है.इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है.
एएसडीएमए ने बताया कि नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है. इसमें आगे कहा गया है कि व्यापक बाढ़ के कारण असम भर में 88,240 घरेलू पशु और मुर्गी पालन प्रभावित हुए हैं. कई पशुओं की जान जा चुकी है. हालांकि, इनकी संख्या की अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
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News Source: PTI
