Home Top News कौन हैं नंदन नीलेकणि, जिन्हें PM ने सौंपा परीक्षा सुधार का जिम्मा, आधार में निभाई बड़ी भूमिका

कौन हैं नंदन नीलेकणि, जिन्हें PM ने सौंपा परीक्षा सुधार का जिम्मा, आधार में निभाई बड़ी भूमिका

by Neha Singh 27 July 2026, 8:32 AM IST (Updated 27 July 2026, 8:35 AM IST)
27 July 2026, 8:32 AM IST (Updated 27 July 2026, 8:35 AM IST)
Nandan Nilekani

Nandan Nilekani: सीजेपी के आंदोलन के बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार करने के लिए केंद्र सरकार कई बड़े कदम उठा रही है. पेपर लीक को लेकर छात्रों की चिंता दूर करने के लिए एक और बड़ा फैसला करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की है. यह टास्क फोर्स एग्जाम सिस्टम को लीकप्रूफ बनाने के लिए सुधारों की सिफारिश करेगी. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो मैसेज में कहा कि सरकार टास्क फोर्स के सुझावों को लागू करेगी, जिससे यह पक्का होगा कि परीक्षा व्यवस्था भरोसेमंद हो और टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल से ट्रांसपेरेंसी आएगी.

ये दिग्गज होंगे टास्ट फोर्स का हिस्सा

NTA द्वारा आयोजित एग्जाम के लिए किए जाने वाले सुधारों पर टास्क फोर्स में डोमेन एक्सपर्ट्स का एक बहुविषयक समूह शामिल होगा. इस टास्ट फोर्स का नेतृत्व इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि करेंगे. नीलेकणि के अलावा, टास्क फोर्स के अन्य सदस्यों में ISRO के पूर्व चेयरमैन एस सोमनाथ, इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व डायरेक्टर तपन डेका, IIT चेन्नई के डायरेक्टर वी कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट अमृत लाल मीणा शामिल हैं.

नीलेकणि ने IIT बॉम्बे से की इंजीनियरिंग

नंदन मोहनराव नीलेकणि भारत के सबसे जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स में से एक हैं. उनका जन्म 2 जून, 1955 को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हुआ था. उन्होंने IIT बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया और 1978 में मुंबई में पाटनी कंप्यूटर सिस्टम्स से अपना करियर शुरू किया. इसके बाद, 1981 में उन्होंने एन.आर. नारायण मूर्ति और पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर इंफोसिस की शुरुआत की. उन्होंने इंफोसिस में कई अहम पदों पर काम किया और 2002 में कंपनी के CEO बने.

आधार-UPI में अहम भूमिका निभाई

कॉर्पोरेट दुनिया के अलावा, लोक प्रशासन में नंदन नीलेकणि का सबसे बड़ा योगदान भारत का आधार प्रोजेक्ट माना जाता है. 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें कैबिनेट मिनिस्टर के रैंक के साथ UIDAI का चेयरमैन बनाया. UIDAI के चेयरमैन के तौर पर, उन्होंने आधार को बनाने और लागू करने का काम लीड किया. आज, आधार दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम है और भारत के डिजिटल गवर्नेंस इकोसिस्टम की रीढ़ बन गया है.

इसके अलावा, नंदन नीलेकणि ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के डेवलपमेंट में भी अहम भूमिका निभाई. आज, UPI देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा माध्यम बन गया है और इसे भारत की बड़ी टेक्नोलॉजिकल उपलब्धियों में से एक माना जाता है.

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News Source: PTI

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