PM Modi in Sweden: पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में, भारत सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के मूल मंत्र पर काम कर रहा है और सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ, यह रिफॉर्म एक्सप्रेस पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रही है.”
PM Modi in Sweden: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड से अपनी पांच देशों की यात्रा के अगले चरण में स्वीडन (Sweden) पहुंचे हैं. यूरोप के इस देश से भारत के रिश्तों को और भी मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री का यह दौरा खास माना जा रहा है. इस बीच पीएम मोदी को स्वीडन ने अपने यहां का सबसे सर्वोच्च सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया.
पीएम मोदी ने इस सम्मान को ग्रहण करने के बाद कहा, “यह स्वीडन में हमारे उन सभी मित्रों के प्रति भी एक ट्रिब्यूट है, जिन्होंने भारत और स्वीडन के बीच संबंधों को मजबूत किया है और एक सुदृढ़ नींव रखी है. हमारे दोनों राष्ट्रों के बीच मित्रता निरंतर बढ़ती रहे.” इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने वहां की दिग्गज कंपनियों को भारत में निवेश करने का आमंत्रण (न्योता) दिया है. स्वीडिश कंपनियों के भारत में आने और निवेश करने से यहां रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे.
स्वीडिश कंपनियों को इन क्षेत्रों में निवेश का मौका
रविवार को गोथेनबर्ग में वोल्वो ग्रुप द्वारा गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसमें पीएम मोदी के अलावा स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, वरिष्ठ यूरोपीय उद्योग जगत के नेता और प्रमुख यूरोपीय और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कि भारत की “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पूरी गति से चल रही है, स्वीडिश कंपनियों से मैन्यूफैक्चरिंग, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का आग्रह किया.
पीएम मोदी ने दूरसंचार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सहित पांच खास क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं पर प्रकाश डाला और कहा कि वे भारत को ग्लोबल रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर बनाने में मदद कर सकते हैं. प्रधानमंत्री ने जिन अन्य क्षेत्रों में सहयोग की मांग की, उनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, डीप टेक मैन्यूफैक्चरिंग, एआई, ग्रीन एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी, शहरी परिवर्तन, स्वास्थ्य सेवा और लाइफ साइंस शामिल हैं.
रिफॉर्म एक्सप्रेस पूरी गति से आगे बढ़ रही – पीएम मोदी
पीएम मोदी ने यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन (ईआरटी) को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सभी कंपनियों के लिए अवसर मौजूद हैं और आश्वासन दिया कि आने वाले वर्षों में भारत की प्रमुख परियोजनाओं में उन्हें शामिल करने के लिए एक संस्थागत प्रणाली सहित विभिन्न कदम उठाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी इनोवेशन की अगली लहर भारत में सह-निर्मित होनी चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में, भारत सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के मूल मंत्र पर काम कर रहा है और सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ, यह रिफॉर्म एक्सप्रेस पूरी गति से आगे बढ़ रही है.” उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कि भारत और स्वीडन लोकतंत्र, पारदर्शिता, इनोवेशन और स्थिरता के साझा मूल्यों से जुड़े हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडन की इनोवेशन और स्थिरता में मौजूद शक्तियों को भारत के विशाल आकार, प्रतिभा और विकास की गति के साथ संयोजित करने का आह्वान किया.
FTA को जल्द से जल्द लागू करने की कोशिश- प्रधानमंत्री मोदी
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में बढ़ती गति का स्वागत किया, जिसमें ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता का सफल समापन भी शामिल है. उन्होंने कहा, “हमने सरकारों के स्तर पर एक महत्वाकांक्षी और रणनीतिक एजेंडा निर्धारित किया है… जैसा कि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा था, यह सभी समझौतों की जननी है. हम इसे जल्द से जल्द लागू करने की कोशिश कर रहे हैं.” बता दें कि इस साल जनवरी में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए थे.
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News Source: PTI
