Home Latest News & Updates पड़ोसी से परेशान एक्टर सलमान खान गए बॉम्बे HC, इस मामले में लगाई न्याय की गुहार, अगली सुनवाई 6 जुलाई को

पड़ोसी से परेशान एक्टर सलमान खान गए बॉम्बे HC, इस मामले में लगाई न्याय की गुहार, अगली सुनवाई 6 जुलाई को

by Sanjay Kumar Srivastava 11 June 2026, 4:30 PM IST (Updated 11 June 2026, 4:31 PM IST)
11 June 2026, 4:30 PM IST (Updated 11 June 2026, 4:31 PM IST)
पड़ोसी से परेशान मशहूर एक्टर सलमान खान गए बॉम्बे हाईकोर्ट

Salman Khan: बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि सोशल मीडिया का मतलब यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति मानहानि करने वाला कंटेंट पोस्ट कर सकता है, चाहे वह मशहूर हस्तियों के खिलाफ ही क्यों न हो. कोर्ट ने सलमान खान के पनवेल फार्महाउस के पड़ोसी से अभिनेता के खिलाफ की गई अपनी पोस्ट को हटाने पर विचार करने को कहा. जस्टिस शर्मिला देशमुख की सिंगल बेंच ने सवाल किया कि संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी शिकायतें रखने के बजाय कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर ऐसा कंटेंट क्यों अपलोड करेगा. केतन कक्कड़ की प्रॉपर्टी महाराष्ट्र के नवी मुंबई इलाके में पनवेल में खान के फार्महाउस से सटी हुई है.

मानहानि वाले वीडियो अपलोड करने का आरोप

उन्होंने आरोप लगाया था कि एक्टर ने अपने फार्महाउस के निर्माण के दौरान पर्यावरण नियमों का उल्लंघन किया और पड़ोसी की प्रॉपर्टी तक जाने का रास्ता रोक दिया. कक्कड़ ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस मामले में अधिकारियों से संपर्क किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. बाद में खान ने कक्कड़ के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया. सलमान खान का आरोप था कि कक्कड़ ने सोशल मीडिया पर एक्टर की फार्महाउस से जुड़ी गतिविधियों के बारे में वीडियो और अन्य कंटेंट अपलोड किए थे.

उन्होंने दावा किया कि ये पोस्ट मानहानि करने वाले थे. एक्टर ने कोर्ट से मांग की कि वह कक्कड़ को अपलोड किए गए मानहानि वाले वीडियो हटाने और आगे ऐसी टिप्पणी करने से रोकने का आदेश दे. जब सिविल कोर्ट ने ऐसा आदेश देने से इनकार कर दिया तो वे हाईकोर्ट गए. हाईकोर्ट में अपनी याचिका में खान ने कहा कि कक्कड़ द्वारा अपलोड किए गए पोस्ट न केवल मानहानि करने वाले थे, बल्कि उनके खिलाफ सांप्रदायिक रूप से भड़काने वाले भी थे. गुरुवार को जस्टिस शर्मिला देशमुख के सामने इस याचिका पर सुनवाई हुई. उन्होंने सवाल किया कि लोग अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों के पास ले जाने के बजाय सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और कंटेंट क्यों अपलोड करते हैं.

बदनाम करने का अधिकार किसी को नहीं

जस्टिस देशमुख ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि किसी के पास सोशल मीडिया का एक्सेस है, इसका मतलब यह नहीं है कि वे किसी आम नागरिक या सेलिब्रिटी को बदनाम करने के लिए उनके बारे में वीडियो अपलोड कर सकते हैं. सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो क्यों अपलोड किए जाएं? कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सिर्फ यह तय करने में अदालती समय बर्बाद किया जाना चाहिए कि कोई खास सोशल मीडिया पोस्ट मानहानि करने वाला है या नहीं और इसलिए उसे हटाया जाना चाहिए या नहीं. बेंच ने कक्कड़ को कंटेंट हटाने पर विचार करने का सुझाव दिया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 जुलाई की तारीख तय की.

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News Source: PTI

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