Home Top News हाईकोर्ट के आदेश पर CID के सामने पेश हुए सांसद अभिषेक बनर्जी, दो हफ्ते बाद फिर सुनवाई

हाईकोर्ट के आदेश पर CID के सामने पेश हुए सांसद अभिषेक बनर्जी, दो हफ्ते बाद फिर सुनवाई

by Sanjay Kumar Srivastava 11 June 2026, 8:40 PM IST (Updated 11 June 2026, 8:41 PM IST)
11 June 2026, 8:40 PM IST (Updated 11 June 2026, 8:41 PM IST)
हस्ताक्षर धोखाधड़ी मामला: हाईकोर्ट के आदेश पर CID के सामने पेश हुए TMC सांसद अभिषेक बनर्जी

Signature Forgery Case: कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत दी. कोर्ट ने उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के चुनाव से जुड़े कथित हस्ताक्षर धोखाधड़ी के मामले में तीन हफ़्ते के लिए किसी भी कठोर कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की.
जस्टिस कौशिक चंदा ने बनर्जी को गुरुवार शाम 6 बजे तक पूछताछ के लिए CID हेडक्वार्टर ‘भवानी भवन’ में पेश होने का निर्देश दिया था. आदेश का पालन करते हुए TMC महासचिव शाम करीब 5:50 बजे वहां पहुंचे. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि एजेंसी भविष्य में पूछताछ के लिए बनर्जी को 24 घंटे का नोटिस देकर बुला सकती है. जस्टिस चंदा ने कहा कि मामले की सुनवाई दो हफ़्ते बाद फिर होगी.

फर्जी हस्ताक्षर की जांच कर रही एजेंसी

बनर्जी ने पार्टी विधायकों के हस्ताक्षर में कथित धोखाधड़ी की जांच के सिलसिले में राज्य CID की किसी भी सख्त कार्रवाई से सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था. CID उस शिकायत की जांच कर रही है जो दो बागी TMC विधायकों ने विधानसभा सचिवालय में दर्ज कराई थी. उनका आरोप है कि पार्टी के उस प्रस्ताव पर उनके जाली हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें बालीगंज के विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया था. विधानसभा सचिवालय ने दो विधायकों रिताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा की शिकायत पर कोलकाता पुलिस में FIR दर्ज कराई थी. बाद में राज्य के गृह सचिव ने जांच CID को सौंप दी.

राज्य के वकील ने अदालत को बताया कि CID ने डायमंड हार्बर के सांसद को तीन बार बुलाया था, लेकिन उन्होंने अलग-अलग कारण बताते हुए जांच एजेंसी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया. जांच एजेंसी की सख्त कार्रवाई से सुरक्षा की बनर्जी की याचिका का विरोध करते हुए अतिरिक्त एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार ने कहा कि प्रस्ताव का मूल दस्तावेज़, जिसकी एक फोटोकॉपी स्पीकर को सौंपी गई थी, TMC के राष्ट्रीय महासचिव के पास था. उन्होंने आगे कहा कि कम से कम पांच विधायकों ने दावा किया कि दस्तावेज़ पर मौजूद हस्ताक्षर उनके नहीं थे.

बनर्जी से हिरासत में पूछताछ जरूरीः CID

मजूमदार ने तर्क दिया कि जब तक मूल प्रस्ताव बरामद नहीं हो जाता, तब तक जांच आगे नहीं बढ़ सकती, और इसीलिए बनर्जी से हिरासत में पूछताछ ज़रूरी है. इसके बाद अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि आरोपी को ऐसा कोई दस्तावेज़ पेश न करने का अधिकार है जो उसके खिलाफ जा सकता है. अदालत में अभिषेक बनर्जी का पक्ष रखते हुए वकील अयान बनर्जी ने कहा कि नोटिस का मकसद उनसे पूछताछ करना नहीं, बल्कि प्रस्ताव से जुड़े दस्तावेज़ हासिल करना है. यह बताते हुए कि बनर्जी जांच में सहयोग करने को तैयार हैं, उनके वकील ने अनुरोध किया कि उन्हें गिरफ्तारी सहित किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा दी जाए.

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News Source: PTI

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