Home Top News अमेरिका के सामने भारत का स्पष्ट रुख, रुबियो से बातचीत में एस. जयशंकर ने रखें ये 5 बिंदु

अमेरिका के सामने भारत का स्पष्ट रुख, रुबियो से बातचीत में एस. जयशंकर ने रखें ये 5 बिंदु

by Amit Dubey 24 May 2026, 9:53 PM IST
24 May 2026, 9:53 PM IST
S Jaishankar

S Jaishankar: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत की चार दिवसीय यात्रा पर हैं. 23 मई को वे अमेरिका से सीधे भारत के कोलकाता पहुंचे थे. वहां पर उन्होंने सेंट टेरेसा मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय मदर हाउस और शहर में स्थित चिल्ड्रन्स होम का दौरा किया. उसके बाद शनिवार को ही मार्को रुबियो नई दिल्ली आ गए और यहां पर सबसे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. आज रविवार को रुबियो के भारत दौरे का दूसरा दिन है. उन्होंने आज अपने समकक्ष और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मुलाकात की और कई मुद्दों पर बातचीत की.

इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों को लेकर भी चर्चा हुई. इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर भी बातचीत हुई. इस बीच अमेरिका के सामने भारत ने अपना स्पष्ट रुख दिखाया. जी हां, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री के सामने भारत का रुख स्पष्ट करते हुए पांच बिंदुओं का जिक्र किया. आइए इसके बारे में जानते हैं.

मैं पांच बिंदु रखना चाहूंगा- एस. जयशंकर

मिली जानकारी के अनुसार, भारत और अमेरिका ने रविवार को अपने तनावपूर्ण संबंधों में सुधार के संकेत देने की कोशिश की, जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो ने व्यापार, वीजा, ऊर्जा सुरक्षा, सीमा पार आतंकवाद और पश्चिम एशिया संघर्ष के जैसे जटिल मुद्दों पर खुलकर चर्चा की.

बता दें कि पिछले साल अगस्त में भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लगाने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्षों को कम करने में अपनी भूमिका के बारे में विवादास्पद बयान देने के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में भारी गिरावट देखी गई थी.

इस बीच आज अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने प्रेस को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, “मैं भारत का व्यापक रुख स्पष्ट करना चाहता हूं…और यहां मैं पांच बिंदु रखना चाहूंगा. उन्होंने कहा-

  1. हम संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करते हैं.
  2. हम सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार का समर्थन करते हैं.
  3. हम अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति पूर्ण सम्मान की मांग करते हैं.
  4. हम बाजार हिस्सेदारी और संसाधनों के दुरुपयोग के खिलाफ हैं.
  5. हम वैश्विक अर्थव्यवस्था को जोखिम मुक्त करने के लिए विश्वसनीय साझेदारी और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं (Resilient Supply Chains) के महत्व में विश्वास करते हैं.

भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार – रुबियो

भारत-अमेरिका संबंधों में आई भारी गिरावट के बाद अपने पहले व्यापक संवाद में, दोनों पक्षों ने मुख्य रूप से रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, उच्च प्रौद्योगिकी और आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती से बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया. रुबियो ने एस. जयशंकर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अमेरिका-भारत संबंधों में कोई कमी नहीं आई है. मैं समझता हूं कि कुछ लोग ऐसा क्यों कह सकते हैं. मैं पूरी तरह से नहीं समझता, लेकिन मैं समझता हूं कि कुछ लोग ऐसा क्यों कहते हैं. यह भारत के बारे में नहीं है. यह व्यापार के संदर्भ में संयुक्त राज्य अमेरिका के बारे में है.” उन्होंने आगे कहा, “भारत संयुक्त राज्य अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है, विश्व में हमारे सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारों में से एक है.”

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News Source: PTI

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