Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज 26वां दिन है. उनका स्वास्थ्य दिन-प्रतिदिन खराब होता जा रहा है. 20 जुलाई को दिल्ली में हुए बवाल के बाद भी उन्होंने अपना अनशन जारी रखा है. अब सोनम वांगचुक ने सरकार के सामने हड़ताल खत्म करने के लिए शर्त रखी है. सोनम वांगचुक ने बुधवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार उन्हें भरोसा दिलाए कि प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स पर कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की जाएगी और उनके खिलाफ कोई FIR या दूसरी सजा वाली कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वह अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर देंगे.
कम हुआ 11 किलो वजन
उन्होंने कहा कि भले ही अनशन के दौरान उनका वजन लगभग 11 kg कम हो गया है, लेकिन वह अपने काम पर लौटना चाहते हैं. गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल से एक वीडियो मैसेज में, वांगचुक ने कहा “मैं अभी भी जिंदा हूं. यह मेरे अनशन का 25वां दिन है. मेरा वजन लगभग 11 kg कम हो गया है. मेरी मसल्स कम हो गई हैं. लेकिन मैं ठीक हूं.” उन्होंने आगे कहा “मैं अपना काम शुरू करना चाहता हूं, लेकिन मैं सरकार से रिक्वेस्ट करता हूं कि वह स्टूडेंट्स पर दोबारा जोर-जबरदस्ती न करे और कोई चार्ज या FIR न करे. मुझे इसके लिए भरोसा चाहिए. अगर मुझे वह भरोसा मिलता है, तो मैं आज अपना अनशन तोड़ दूंगा. अगर कोई भरोसा नहीं मिलता है, तो मुझे इसे जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.”
AN APPEAL TO THE GOVERNMENT
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 22, 2026
regarding breaking my fast…
Once the assurance from govt come I will also appeal to the peacefully protesting students to halt the movement for now and enter into dialogue with the government pic.twitter.com/gR6S8woF5R
इससे पहले वे मंगलवार रात को केंद्रीय मंत्रियों जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने वांगचुक से हॉस्पिटल में मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि केंद्र NEET पेपर “लीक” के बाद आत्महत्या करने वाले स्टूडेंट्स के परिवारों को सही मुआवजा देने और परीक्षा में गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विचार करेगा.
भरोसा मिलने पर छात्रों से भी अपील करेंगे वांगचुक
मंत्रियों को लिखे लेटर में वांगचुक ने कहा, “उनका एकमात्र ‘अपराध’ एक निष्पक्ष और जवाबदेह एजुकेशन सिस्टम के लिए आवाज़ उठाना है.” X पर लेटर शेयर करते हुए उन्होंने कहा, “सरकार से मेरा अनशन तोड़ने की अपील…. सरकार से भरोसा मिलने के बाद, मैं शांति से प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स से भी अपील करूंगा कि वे अभी के लिए आंदोलन रोक दें और सरकार से बातचीत करें.” मैं जीना चाहता हूंमंत्रियों को लिखे लेटर में वांगचुक ने कहा, “उनका एकमात्र ‘अपराध’ एक निष्पक्ष और जवाबदेह एजुकेशन सिस्टम के लिए आवाज उठाना है.” X पर लेटर शेयर करते हुए उन्होंने कहा, “सरकार से मेरा अनशन तोड़ने की अपील…. सरकार से भरोसा मिलने के बाद, मैं शांति से प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स से भी अपील करूंगा कि वे अभी के लिए आंदोलन रोक दें और सरकार से बातचीत करें.”
‘मैं जीना चाहता हूं’
चलो संसद मार्च का जिक्र करते हुए, वांगचुक ने कहा कि पुलिस के अत्याचार और बेहिसाब बल प्रयोग के बावजूद यह शांतिपूर्ण था. उन्होंने आगे कहा कि अलग-अलग पॉलिटिकल पार्टियों के 65 MPs ने उन्हें लेटर लिखा है, जबकि उनमें से कई उनसे पर्सनली मिले हैं और उनसे अनशन खत्म करने की अपील की है. मैं जीना चाहता हूं. मैं अपने स्टूडेंट्स, एजुकेशन और उस काम पर लौटना चाहता हूं जिसने मेरी जिंदगी को डिफाइन किया है, लेकिन मैं उन नौजवानों की कीमत पर ऐसा नहीं कर सकता जिनके लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था. उन्होंने जोर देकर कहा कि एक लोकतंत्र का भविष्य “इस बात पर निर्भर नहीं करता कि वह उन लोगों के साथ कैसा बर्ताव करता है जो उससे सहमत हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि वह अपने नौजवान नागरिकों के साथ कैसा बर्ताव करता है जब वे हिम्मत, उम्मीद और पक्के यकीन के साथ बोलने की हिम्मत करते हैं.”
60 सांसदों का वांगचुक से अनशन खत्म करने का आग्रह, जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रखने की अपील
News Source: PTI
