Palghar News: महाराष्ट्र के पालघर में शिंदे गुट की शिवसेना के पदाधिकारियों पर एक अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है. आरोपियों में पार्टी के एक विधायक का बेटा भी शामिल है. बताया जा रहा है कि दही हांडी समारोह के दौरान घायल हुए ‘गोविंदाओं’ के मेडिकल बिल को लेकर नाराजगी के बाद अस्पताल में विवाद हुआ. आरोप है कि इस दौरान शिवसेना पदाधिकारियों ने अस्पताल के स्टाफ के साथ मारपीट और गाली-गलौज की. एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मामले में 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. वहीं, मामला दर्ज किए गए लोगों में शिवसेना के जिला प्रमुख कंदुन बालकृष्ण सांखे, शहर प्रमुख रामदास घरात और विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित गावित भी शामिल हैं.
मेडिकल बिल को लेकर शुरू हुआ विवाद
अधिकारी ने अस्पताल के बिलिंग रिसेप्शनिस्ट विवेक बाबुलिंगा (23) की शिकायत पर दर्ज FIR का हवाला देते हुए बताया कि यह घटना रिलीफ अस्पताल में हुई थी. यहां पर शिवसेना के केंद्रीय कार्यालय के बाहर दही हांडी कार्यक्रम में घायल हुए ‘गोविंदाओं’ को इलाज के लिए लाया गया था. उन्होंने कहा कि शनिवार रात मानव पिरामिड बनाते समय गिरने से घायल हुए ओंकार कलवाडकर, आकाश पाटिल, हितेश चौधरी, केशव ठाकुर और अनिकेत मह्मावंश को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था. वहीं, आधी रात तक मरीजों का इलाज के दौरान मेडिकल बिल 19,866 रुपये बना दिया गया, जिसमें से 10 हजार रुपये का भुगतान एक सहयोगी ने कर दिया.
रिसेप्शनिस्ट को जड़ा थप्पड़
शिवसेना कार्यकर्ताओं और हॉस्पिटल स्टाफ के बीच बहस उस वक्त शुरू हो गई, जब भीड़ ने मांग की कि बाकी रकम का भुगतान किए बिना वह मरीजों को छुट्टी दे दें. इसके बाद रात करीब 1:15 बजे सांखे और घरात की अगुवाई में 15-20 लोग कैजुअल्टी वार्ड में घुस आए. उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर लिजोमोल के साथ गाली-गलौज की और उसके बाद रिसेप्शनिस्ट बाबुलिंगा को थप्पड़ जड़ दिया. अधिकारी ने कहा कि उनका एक ग्रुप ICU में भी घुस गया, जिससे वहां भर्ती मरीजों की जान को खतरा पैदा हो गया और उन्होंने जबरदस्ती घायल एक गोविंदा को ICU से बाहर निकाल लिया.
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अभी तक नहीं हुई किसी की भी गिरफ्तारी
पालघर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि उन पर भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र मेडिकेयर सर्विस पर्सन्स एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशंस अधिनियम के तहत मारपीट, आपराधिक धमकी, जबरदस्ती घुसने, गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होने और अन्य अपराधों के आरोप लगाए गए हैं. हालांकि, अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है. वहीं, शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) ने शिवसेना पदाधिकारियों की निंदा करते हुए इसे चिकित्सा प्रणाली और कानून व्यवस्था पर हमला बताया है.
अस्पताल के स्टाफ के साथ बदसलूकी की
NCP (SP) के प्रवक्ता महेश तापसे ने आरोप लगाया कि पार्टी के पदाधिकारी अस्पताल में घुसे और इसके बाद अस्पताल के स्टाफ के साथ बदसलूकी की. साथ ही एक कर्मचारी को थप्पड़ भी मारा और अस्पताल के परिसर में तोड़फोड़ भी की. तापसे ने कहा कि घटना की जानकारी सामने आने के बाद पता चला है कि यह अचानक हुई घटना नहीं थी बल्कि सत्ता के अहंकार से उपजी सुनियोजित गुंडागर्दी थी. उन्होंने डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल की एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया, जहां पर सत्ताधारी शिवसेना के पदाधिकारियों ने अस्पताल में घुसकर स्टाफ के साथ मारपीट की थी.
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News Source: PTI
