Home Latest News & Updates 2027 की जंग: किंगमेकर बनीं महिला वोटर, योगी के 50 हजार वाले प्रस्ताव की चर्चा, अखिलेश ने भी खोला पत्ता

2027 की जंग: किंगमेकर बनीं महिला वोटर, योगी के 50 हजार वाले प्रस्ताव की चर्चा, अखिलेश ने भी खोला पत्ता

by Dheeraj Tripathi 14 August 2026, 7:46 PM IST (Updated 14 August 2026, 7:49 PM IST)
14 August 2026, 7:46 PM IST (Updated 14 August 2026, 7:49 PM IST)
Yogi government proposal regarding 50,000 amount

UP Politics : यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले महिला वोटरों को साधने की सियासत तेज हो गई है. बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी महिला वोटबैंक पर बड़ा दांव लगाने की तैयारी की चर्चा है. सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, योगी सरकार महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने वाली योजना पर विचार कर रही है.

प्रस्ताव के मुताबिक चुनाव से पहले 20 हजार रुपये और उसके बाद तीन किस्तों में 10-10 हजार रुपये दिए जाने की बात सामने आई है. इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर सीधा हमला बोला है. अखिलेश यादव ने 50 हजार रुपये की चर्चा को चुनावी जुमला बताते हुए सत्ता में आने पर महिलाओं को 40 हजार रुपये देने का वादा दोहराया है यानी 2027 से पहले महिला वोटर अब यूपी की सियासत के केंद्र में हैं.

महिलाओं को साधने के लिए योजना बनाई

यूपी की सियासत में महिला मतदाता लगातार निर्णायक भूमिका में हैं. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी महिला वोटरों को अपने पक्ष में मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है. सरकार महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान पहले ही कर चुकी है और अब अतिरिक्त आर्थिक सहायता के विकल्प पर भी मंथन चल रहा है. चर्चा है कि महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये की सहायता देने की योजना लाई जा सकती है. चुनाव से पहले 20 हजार और बाद में तीन किस्तों में 10-10 हजार रुपये देने का प्रस्ताव बताया जा रहा है.

पहले से ही चल रही कई सारी योजनाएं

योगी सरकार पहले से ही महिलाओं को केंद्र में रखकर कई योजनाएं चला रही है. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता दी जाती है. रिपोर्ट के मुताबिक, अब इस योजना की सहायता राशि और दायरा बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है. इसके अलावा महिला पेंशन, स्वयं सहायता समूहों, मुफ्त स्कूटर जैसे प्रस्तावित कार्यक्रम और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं के जरिए महिलाओं तक सरकार की सीधी पहुंच बढ़ाने की कोशिश दिखाई दे रही है.

सभी वर्गों का विकास करना सरकार का मकसद

बीजेपी की रणनीति सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है. महिला सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता को भी राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा बनाया जा रहा है. भाजपा प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता महिलाओं, युवाओं और किसानों का सशक्तिकरण और सबकी समृद्धि है. सरकार विभिन्न वर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाओं पर काम कर रही है. महिलाओं को भयमुक्त वातावरण देने के साथ उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण पर सरकार का जोर है.

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अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

बीजेपी के संभावित 50 हजार रुपये के दांव के सामने समाजवादी पार्टी ने भी महिला वोटरों के लिए अपना पहले किया वादा सामने रख दिया है. अखिलेश यादव ने योगी सरकार की योजना की चर्चा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बीजेपी ने महिलाओं को पहले 50 हजार रुपये देने की बात नहीं की, जबकि चुनाव के करीब अब इसका वादा किया जा रहा है. अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को 40 हजार रुपये दिए जाएंगे. अखिलेश यादव ने सरकार पर महिलाओं को आर्थिक सहायता के नाम पर चुनावी लाभ लेने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी के पास चुनाव में दिखाने के लिए कुछ नहीं है.

चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना

समाजवादी पार्टी ने संभावित आर्थिक सहायता के ऐलान को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं. सपा प्रवक्ता मनोज यादव का आरोप है कि यदि चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में पैसा देने की प्रक्रिया शुरू होती है तो यह चुनावी आचार संहिता और निष्पक्ष चुनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करेगा. उन्होंने बीजेपी पर महिलाओं की भावनाओं के साथ पैसा देकर वोट और परिवार का वोट प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया है.

महिला मतदाताओं का बढ़ा महत्व

दरअसल, यूपी की राजनीति में महिला मतदाताओं का महत्व लगातार बढ़ा है. बीजेपी की कोशिश है कि महिला लाभार्थियों के बीच सरकार की योजनाओं का सीधा असर दिखे और महिला वोटर पार्टी के साथ मजबूती से जुड़ी रहें. वहीं, समाजवादी पार्टी महिला वोटरों के साथ-साथ PDA पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है. ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक सहायता का मुद्दा बीजेपी और सपा के बीच एक नया सियासी मोर्चा खोल सकता है.

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