Cockroach Janata Party: भारत में अक्सर बयानों से राजनीतिक चर्चाएं शुरू होती हैं, लेकिन इस बार सिर्फ एक बयान ने पूरी सोशल मीडिया की राजनीति बदल दी है. 15 मई, 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कथित तौर पर जेन-जी की आलोचना करते हुए ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया. उनका यह बयान युवाओं के दिल पर लग गया. फिर क्या था पहले सोशल मीडिया पर मीम्स की बहार आई और देखते ही देखते युवाओं की आवाज बनकर उभरी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’. इंस्टाग्राम और एक्स पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से पेज बना, जिस पर फॉलोवर्स रोशनी की रफ्तार से बढ़ने लगे. अब यह सिर्फ एक आम क्रिटिक पेज नहीं है, बल्कि जेन-जी को रिप्रेजेंट करने वाला पेज बन गया है. यहां तक कि इसे बॉलिवुड स्टार्स और विपक्षी पार्टियों का भी समर्थन मिल रहा है.
सिर्फ 6 दिनों में एक्स पर 2 लाख फॉलोवर्स इससे जुड़ गए और इंस्टाग्राम पर तो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने भारतीय जनता पार्टी को भी पीछे छोड़ दिया. इंस्टाग्राम पर इसके 14 मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स हो गए हैं, जबकि पूरी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कही जाने वाली बीजेपी के केवल 8.8 मिलियन फॉलोवर्स ही हैं. आज यानी 21 मई, 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी का एक्स अकाउंट सस्पेंड हो गया. इसके बाद से एक्स पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नंबर वन पर ट्रेंड कर रही है. वहीं दूसरी ओर इंस्टाग्राम पर सिर्फ कॉकरोच की रील्स देखने को मिल रही हैं. CJP जनता से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रही है, जिसे जेन-जी सपोर्ट कर रहे हैं. इस खबर में आप कॉकरोच जनता पार्टी के बारे में हर डिटेल जानेंगे कि कैसे इसकी शुरुआत हुई, इस अनोखी पार्टी का संस्थापक कौन है और आखिर में पार्टी का एक्स अकाउंट क्यों सस्पेंड हो गया.
CJI के एक कमेंट से शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी
15 मई, 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक केस की सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने कथित तौर पर बेरोजगार और सोशल मीडिया पर एक्टिव युवाओं की तुलना “कॉकरोच” और “समाज के पैरासाइट” से की. उन्होंने कहा कि ये युवा, जिन्हें नौकरी नहीं मिल पाती, सोशल मीडिया, मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बन जाते हैं और फिर सिस्टम को टारगेट करते हैं. चीफ जस्टिस की इस बात से देश के युवाओं, खासकर Gen-Z में गुस्सा फैल गया. पहले तो जेन-जी नेसोशल मीडिया पर सीजेआई की जमकर आलोचना की और मीम्स बनाए, लेकिन अगले ही दिन, 16 मई को, अभिजीत दीपके ने इस बेइज्जती का जवाब देने का फैसला किया. उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट किया, “अगर आप हमें कॉकरोच कह रहे हैं, तो ठीक है. हम सभी ‘कॉकरोच’ के लिए एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च कर रहे हैं.”

हालांकि चीफ जस्टिस ने बाद में अपने बयान पर स्पष्टीकरण भी दिया. उन्होंने कहा- यह पूरी तरह बेबुनियाद है कि मैंने अपने देश के युवाओं की आलोचना की. मैं न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की मानव संसाधन क्षमता पर भी गर्व करता हूं. भारत का हर युवा मुझे प्रेरित करता है. यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि भारतीय युवाओं का मेरे प्रति गहरा सम्मान है और मैं भी उन्हें विकसित भारत के स्तंभ के रूप में देखता हूं.
कॉकरोच जनता पार्टी का मेनिफेस्टो
अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से अकाउंट लॉन्च किया. एक्स पर इसका हैंडल है @cjp2029. इतना ही नहीं कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट भी लॉन्च की गई, जिसकी टैगलाइन है- बेरोजगार और आलसी युवाओं की आवाज. यह सुनने में जितना फनी है, उससे भी ज्यादा हैरान करने वाला है पार्टी का मेनिफेस्टो, विजन और जॉइन करने की पात्रता.
मेनिफेस्टो में लिखा है– अगर पार्टी पॉवर में आती है, तो किसी भी चीफ जस्टिस को रिटायरमेंट के बाद इनाम के तौर पर राज्यसभा सीट नहीं दी जाएगी. अगर कोई भी सही वोट हटाया जाता है, तो चीफ इलेक्शन कमिश्नर को UAPA के तहत गिरफ्तार किया जाएगा, क्योंकि वोटिंग का अधिकार छीनना “आतंकवाद से कम नहीं” है. महिलाओं को संसद में बिना सीटें बढ़ाए 50% रिजर्वेशन मिलेगा. अडानी ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिकाना हक वाले सभी मीडिया हाउस के लाइसेंस कैंसल कर दिए जाएंगे. “गोदी मीडिया एंकरों” के बैंक अकाउंट की जांच की जाएगी. कोई भी MLA या MP जो एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाता है, उसे 20 साल तक चुनाव लड़ने और कोई भी सरकारी पद संभालने से रोक दिया जाएगा.

वेबसाइट पर पार्टी जॉइन करने की पात्रता में लिखा है- आप बेरोजगार और आलसी होने चाहिए. इसके साथ ही आपको प्रोफेशनली शिकायत करना आना चाहिए. यह वेबसाइट सीजेआई के बयान पर व्यंग्य करते हुए डिजाइन की गई है. सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसकी पॉपुलैरिटी इतनी तेजी से बढ़ी है कि लोग इसे इंटरनेट का नया डिजिटल प्रोटेस्ट मूवमेंट कहने लगे हैं.
कौन हैं अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर और एक प्रोफेशनल पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट हैं. असल में महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले अभिजीत ने पुणे में जर्नलिज्म की पढ़ाई की और फिर उन्होंने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन्स में मास्टर डिग्री हासिल की. उन्हें मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स का काफी एक्सपीरियंस है, उन्होंने 2020 और 2022 के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) की नेशनल सोशल मीडिया मैनेजर और दिल्ली सरकार के एजुकेशन डिपार्टमेंट में कम्युनिकेशन एडवाइजर के तौर पर काम किया.

16 मई 2026 को, उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी शुरू की, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर युवाओं के बारे में सुप्रीम कोर्ट के एक जज के कहे जाने वाले “कॉकरोच” कमेंट का विरोध करने के लिए सटायर और मीम्स का इस्तेमाल किया. दीपके अभी बेरोजगारी, ज्यूडिशियरी और सरकारी मशीनरी के खिलाफ अपने डिजिटल प्रोटेस्ट के लिए इंटरनेट पर छाए हुए हैं.
इन एक्टर्स और स्टार्स ने जॉइन की कॉकरोच जनता पार्टी
कॉकरोच जनता पार्टी ने एक नई मुहिम शुरू की, ‘मैं भी कॉकरोच’. इस मुहिम को न सिर्फ जेन-जी और युवाओं ने जॉइन किया बल्कि बड़े-बड़े बॉलीवुड स्टार्स और विपक्षी नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर इसके अकाउंट को फॉलो किया है, जिसकी वजह से CJP को और बूस्ट मिला. इस डिजिटल मूवमेंट के मीम्स और सटायर से इंस्पायर होकर फिल्म डायरेक्टर अनुराग कश्यप, कोंकणा सेन शर्मा, दिया मिर्जा, ईशा गुप्ता, फातिमा सना शेख, कॉमेडियन कुणाल कामरा और रौनक रजनी, उर्फी जावेद, अभिषेक निगम,
हिमांशी खुराना और पूरव झा ने CJP को फॉलो किया है.
कई विपक्षी नेताओं ने ट्विटर और इंस्टाग्राम पर पार्टी के साथ मजेदार बातचीत की ह, और पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई है. TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने CJP की एक पोस्ट को रीपोस्ट किया और मजाक में लिखा कि वह भी पार्टी में शामिल होना चाहती हैं. CJP ने उनका स्वागत “डेमोक्रेसी के लिए जरूरी फाइटर” के तौर पर किया. TMC नेता कीर्ति आजाद ने X पर पूछा कि पार्टी में शामिल होने के लिए क्या क्वालिफिकेशन चाहिए? इस पर CJP ने मजेदार जवाब दिया, “1983 का वर्ल्ड कप जीतना ही काफी बड़ी क्वालिफिकेशन है.” यहां तक कि सपा चीफ अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर “BJP बनाम CJP” पोस्ट करके इस आंदोलन को राजनीतिक रंग दे दिया.
क्यों सस्पेंड हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का एक्स अकाउंट
कॉकरोच जनता पार्टी के फॉलोवर्स लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं. इस बीच 21 मई को CJP का एक्स अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया. CJP का अकाउंट भारत सरकार की “कानूनी मांग” और आईटी एक्ट के तहत भारत में ब्लॉक (विथहेल्ड) कर दिया गया है. वहीं पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने अकाउंट सस्पेंड होने के बाद इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर सरकार पर आरोप लगाया कि पहले उनका पेज हैक करने की कोशिश की गई और आखिर में उसे सस्पेंड कर दिया गया. अभिजीत ने कहा ‘क्योंकि वे लगातार नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, इसलिए उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया.’ अभिजीत ने आरोप लगाया कि अकाउंट हैक न कर पाने पर कानूनी प्रक्रिया से अकाउंट बंद कर दिया गया. अगर कानूनी गड़बड़ियां मिलती हैं, तो भविष्य में उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी सस्पेंड हो सकता है. यह एक्शन तब हुआ जब इंस्टाग्राम पर CJP के फॉलोवर्स BJP से भी ज्यादा हो गए थे. एक्स अकाउंट सस्पेंड होने से पहले CJP के 2 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स थे. वहीं इंस्टाग्राम पर इसके 14 मिलियन से भी ज्यादा फॉलोवर्स हैं, जो हर घंटे बढ़ते जा रहे हैं.

क्या चुनाव लड़ेगी कॉकरोच जनता पार्टी
अभिजीत के आम आदमी पार्टी से पुराना कनेक्शन होने पर कयास लगाए जा रहे हैं कि वे भविष्य में चुनाव लड़ सकते हैं. इस पर अभिजीत ने साफ किया है कि यह कोई ट्रेडिशनल पॉलिटिकल पार्टी नहीं है, बल्कि देश के युवाओं की फ्रस्ट्रेशन और गुस्से से पैदा हुआ एक इंडिपेंडेंट डिजिटल मूवमेंट है. वे किसी मेनस्ट्रीम पॉलिटिकल पार्टी के साथ हाथ मिलाने या उनके बैनर तले चुनाव लड़ने नहीं जा रहे हैं. उनका कहना है कि इस मूवमेंट का मेन मकसद चुनाव के जरिए पावर हासिल करना नहीं है. वे नेशनल पॉलिटिकल एजेंडा को हिंदू-मुस्लिम या फालतू की बहस से हटाकर युवाओं के भविष्य से जुड़े असली मुद्दों, जैसे रोजगार, पेपर लीक, एजुकेशन, AI और टेक्नोलॉजी पर फोकस करना चाहते हैं. अभिजीत का मानना है कि देश का जेन-जी पॉलिटिकल रूप से बहुत समझदार और अवेयर है. वे अपने डेमोक्रेटिक अधिकारों के बारे में अच्छी तरह जानते हैं और बिना चुनाव लड़े भी शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीकों से सरकार से जवाबदेही की मांग कर सकते हैं.
ट्रेंडिंग या टिकाऊ
भारत का युवा कुछ दिन ट्रेंड फॉलो करने के बाद बोर हो जाता है और एक नया ट्रेंड शुरू कर देता है. इस तरह से सोशल मीडिया पर कुछ दिनों में ट्रेंड बदलते रहते हैं. इस समय सबसे ट्रेंडिंग है कॉकरोच जनता पार्टी. अभिजीत का कहना है कि उन्होंने कोई एक्शन प्लान नहीं बनाया है, लेकिन वे लोगों से बात करके एक स्ट्रैटेजी प्लान करेंगे. ऐसे में यह देखना होगा कि जेन-जी समेत सभी युवाओं का सिस्टम के प्रति गुस्सा, ह्यूमर और आलोचना टिकाऊ साबित होगा या एक पुराना ट्रेंड बनकर रह जाएगा.
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