Heat Wave: उत्तर प्रदेश में प्रचंड गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं. मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए राज्य में ‘रेड अलर्ट’ और उसके बाद ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. प्रदेश के कई हिस्सों में गंभीर लू और गर्म रातें होने की चेतावनी है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, किसी सक्रिय मौसम प्रणाली की अनुपस्थिति, साफ आसमान और शुष्क मौसम के कारण धूप का असर बढ़ गया है. साथ ही, मध्य भारत के ऊपर बने एंटीसाइक्लोन से आ रही गर्म हवा के कारण तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
रिकॉर्डतोड़ गर्मी से अभी राहत नहीं
मौसम कार्यालय ने बताया कि दक्षिणी उत्तर प्रदेश में गर्म और शुष्क पश्चिमी हवा के साथ-साथ मणिपुर तक फैली एक ट्रफ रेखा के प्रभाव से राज्य के उत्तरी भागों में प्रवेश करने वाली नम पूर्वी हवा के कारण गर्मी और आर्द्रता का स्तर बढ़ गया है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए विभाग ने 21 मई से 25 मई के बीच दिन के दौरान कुछ स्थानों पर लू चलने की भविष्यवाणी की है, जबकि 22 मई से 24 मई के बीच अलग-अलग स्थानों पर गर्म रात की स्थिति होने की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसी अवधि के दौरान कई स्थानों पर हीटवेव से लेकर गंभीर हीटवेव की स्थिति होने की संभावना है, साथ ही अलग-अलग स्थानों पर गर्म रात की स्थिति भी हो सकती है. मौसम कार्यालय ने बताया कि तेज सतही हवाओं के साथ-साथ राज्य भर में शुष्क मौसम की स्थिति जारी रहने की संभावना है.
भीषण गर्मी से धान की बुआई का काम रुका
बुधवार को देश में सबसे अधिक तापमान बांदा जिले में 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रयागराज में 46.4 डिग्री सेल्सियस, हमीरपुर में 46.2 डिग्री सेल्सियस और झांसी में 45.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अलीगढ़, वाराणसी और हरदोई समेत कई जिलों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा. भीषण गर्मी ने विभिन्न जिलों में कृषि गतिविधियों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है. बलिया जिले के सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र में किसानों ने कहा कि भीषण गर्मी के कारण धान की बुआई का काम रुक गया है. 45 वर्षीय किसान ब्रज भूषण सिंह ने कहा कि धान के बीज बोने के लिए खेत तैयार हैं, लेकिन बढ़ती गर्मी किसानों को खेती शुरू करने से हतोत्साहित कर रही है.
अलीगढ़ में घटा कारोबार
उन्होंने कहा कि अगर अभी बीज बोए जाएंगे तो लगातार सिंचाई की जरूरत पड़ेगी और आखिरकार इस गर्मी में फसल झुलस सकती है. ऐसी स्थिति में बुआई करने का कोई मतलब नहीं है. सिंह ने बताया कि उनके गांव में लगभग 50 किसानों ने अभी तक बुआई शुरू नहीं की है और फसल खराब होने के डर से खेत खाली पड़े हैं. अलीगढ़ में व्यापारियों ने चिंता व्यक्त की कि पिछले तीन दिनों में बढ़ते तापमान ने दिन के समय शहर के प्रमुख बाजारों में लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा कर दी है.
अलीगढ़ व्यापार मंडल के महासचिव राजेश भारद्वाज ने कहा कि 600 से अधिक दुकानों वाले शहर के सबसे पुराने और सबसे बड़े बाजार रेलवे रोड में व्यावसायिक गतिविधियों में भारी गिरावट देखी गई है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में लगभग 3 करोड़ रुपये का औसत दैनिक कारोबार घटकर लगभग 3 लाख रुपये हो गया है. उन्होंने कहा कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना के साथ स्थिति और खराब हो सकती है.
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News Source: PTI
