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बंगाल में सियासी घमासान : ममता का दावा- रैली में जाने से रोकने के लिए पुलिस और BJP ने की घेराबंदी

by Sanjay Kumar Srivastava 26 September 2026, 6:05 PM IST
26 September 2026, 6:05 PM IST
प. बंगाल में सियासी घमासान : ममता बनर्जी का दावा- रैली में जाने से रोकने के लिए पुलिस और BJP ने रोका रास्ता

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि उनके नेताओं को घरों में नजरबंद कर दिया गया था, जिससे वे सेरामपुर में शनिवार को होने वाली रैली में शामिल न हो सकें. ममता ने कहा कि बीजेपी सरकार TMC की रैली को फ्लाप करना चाहती थी. उन्होंने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने रैली स्थल तक जाने वाले रास्ते पर कब्ज़ा कर लिया था. उन्होंने पुलिस व बीजेपी सरकार पर TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाया.

घर में नजरबंद करने का आरोप

रैली स्थल के लिए निकलने से पहले उन्होंने कहा कि हमें घर में नज़रबंद कर दिया गया था. मुझे रैली स्थल पर जाने नहीं दिया जा रहा था. बनर्जी सेरामपुर पहुंचने के लिए उत्तरपाड़ा के बजाय डंकुनी और दिल्ली रोड से होते हुए दूसरे रास्ते से गईं. सेरामपुर जा रहे TMC नेताओं पर हुए कथित हमले का ज़िक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के गुंडों ने रैली स्थल तक जाने वाले रास्ते पर कब्ज़ा कर लिया था. वहां कोई पुलिसकर्मी नहीं था.

TMC विधायक की कार पर फेंके पत्थर और अंडे

कहा जा रहा है कि जब TMC विधायक कुणाल घोष रैली में शामिल होने के लिए सेरामपुर जा रहे थे, तो उनकी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गए. यह घटना उत्तरपाड़ा इलाके में हुई, जब काले झंडे लिए लोगों के एक समूह ने घोष की गाड़ी को घेर लिया और ‘गो बैक’ (वापस जाओ) के नारे लगाए. इस घटना के बाद उत्तरपाड़ा में केंद्रीय बल तैनात किए गए, जहां से TMC नेता सेरामपुर जा रहे थे. बनर्जी ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं अत्याचार के बराबर हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे अत्याचार अफ़्रीकी देशों में देखने को मिलते हैं. उत्तर प्रदेश और बिहार में भी, जहां BJP की सरकार है.

पश्चिम बंगाल बीजेपी ने आरोपों को किया खारिज

उन्होंने कहा कि रैली अदालत की अनुमति से आयोजित की जा रही थी. यह सुनिश्चित करना पुलिस और प्रशासन की ज़िम्मेदारी थी कि यह सुचारु रूप से हो. लेकिन पुलिस ने आंखें मूंद ली हैं. यह रैली सेरामपुर कोर्ट ग्राउंड में आयोजित थी. बैठक के लिए पुलिस से अनुमति न मिलने के बाद TMC ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था. उधर, पश्चिम बंगाल बीजेपी ने बनर्जी के आरोपों को बेबुनियाद बताया. पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि जब राज्य की जनता विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी और टीएमसी को पहले ही नकार चुकी है, तो बीजेपी उन पर हमला क्यों करेगी? घोष पर हुए हमले में बीजेपी का कोई भी कार्यकर्ता शामिल नहीं था.

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