Modi Government: मोदी सरकार में बड़े फेरबदल की आहट तेज हो गई है. जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे, रवनीत सिंह बिट्टू के राज्यसभा से बाहर होने और भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्तियों ने कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं को हवा दे दी है. ऐसे में सवाल है कि कौन-कौन मंत्रिमंडल में शामिल हो सकता है ? केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की खबरों के बीच एक केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन के मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफे और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद एक बार फिर मोदी कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं. इन चर्चाओं को उस वक्त और बल मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की.
8 से 12 नेताओं को शामिल करने की चर्चा
ऐसे में सत्ता के गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि किसी भी दिन कैबिनेट विस्तार या फेरबदल का ऐलान हो सकता है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मोदी मंत्रिमंडल में कम से कम 8 से 12 नेताओं को शामिल किया जा सकता है. उम्मीद की जा रही है कि महाराष्ट्र , उत्तरप्रदेश , पश्चिम बंगाल , असम और पंजाब से कुछ नेताओं को शामिल किया जा सकता है. कूछ मंत्रियों के पोर्टफोलियो में परिवर्तन भी किय्या जा सकता है. जिन नामों को मंत्रीमंडल में शामिल किए जाने की अटकलें लग रहीं हैं, उनमें बिहार के भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े सबसे प्रमुख नाम है. इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट के एक और नेता को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. नाम एकनाथ शिंदे को तय करना है.
इन मंत्रियों पर तलवार
उधर पश्चिम बंगाल से भाजपा सांसद सौमित्र खान और जगरनाथ सरकार को भी केंद्रीय कैबीनेट में जगह मिल सकती है. अटकलें भाजपा के मीडिया प्रभारी रहे और उत्तराखंड से सांसद अनिल बलूनी के नाम को लेकर भी लगाई जा रही है. खबर पंजाब से एक नेता को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की है. उधर कुछ मंत्रियों के विभाग में बदलाव हो सकता है. कई ऐसे मंत्री है जो परफार्मेंस के आधार पर ड्रॉप किए जा सकते है या फिर विभाग बदल सकता है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ड्रॉप हो सकते है तो वहीं पेपर लीक मामले को लेकर धर्मेंद्र प्रधान पर भी तलवार लटकी हुई है, क्योंकि पेपर लीक से मोदी सरकार की बहुत बदनामी हुई है.
बदल सकता है अश्विनी वैष्णव का विभाग
इसके साथ एल मुरुगन को भी हटाए जाने के कयास लगाए जा रहे है तो साथ ही हाई प्रोफाइल मंत्री अश्विनी वैष्णव का विभाग बदल सकता है. अश्वनी वैष्णव से सूचना प्रसारण मंत्रालय लिया जा सकता है. मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और जुएल ओरांव भी फेरबदल में हटाए जा सकते हैं. राव इंदरजीत सिंह को भी हटाए जाने की चर्चा है. राज्यमंत्री जतिन प्रसाद की जगह भी दूसरे को मौका मिल सकता है. हरियाणा के कृष्णपाल गुर्जर की जगह दूसरे को मंत्री बनाया जा सकता है.
कई नए चेहरों को मिल सकती है जगह
बिहार कोटे के सतीश चंद्र दुबे भी जा सकते हैं. राज्य मंत्री V somanna के भी हटाए जाने की संभावना है. राज्य मंत्री अजय टम्टा और सावित्री ठाकुर के नाम को लेकर भी अटकलें तेज हैं. सूत्रों के मुताबिक कुछ मंत्रियों को संगठन में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि कई नए चेहरों को सरकार में जगह मिल सकती है. भारत के राज्यों के राजनीतिक व सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए मंत्रियों का चयन किया जा सकता है. इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हाल ही में मंत्रालयों की कार्य-समीक्षा और रिपोर्ट तलब किए जाने को भी संभावित फेरबदल की बड़ी वजह माना जा रहा है.
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