Ranchi Protest: रविवार को झारखंड के रांची में चल रहा छात्र आंदोलन 16वें में दिन में पहुंच गया है. 6 प्रदर्शनकारियों का अनशन जारी है. अब तक छात्रों के डेलिगेशन और सरकार के प्रतिनिधिमंडल में पांच बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई सहमति नहीं बनी. शनिवार को प्रदर्शन के 15वें दिन, हेमंत सोरेन सरकार ने कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI, झारखंड छात्र मंच और आदिवासी छात्र संघ समेत अलग-अलग छात्र संगठनों के साथ बात की. इसके बाद रविवार को भी नए दौर की बातचीत का ऐलान किया गया.
आज 12 बजे होगी बात
सरकार ने शुक्रवार को JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के साथ बातचीत की, जो इस आंदोलन को लीड कर रहा है. जब पांच राउंड की बातचीत से भी कोई नतीजा नहीं निकला, तो सरकार ने रविवार दोपहर करीब 12 बजे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ छठे राउंड की बातचीत करने का फैसला किया. JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने सरकार पर “राजनीतिक चाल” चलने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद प्रदर्शन कर रहे छात्रों में फूट डालना और लोगों का ध्यान उनकी मुख्य मांगों से हटाना है. JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के लीडर रवींद्र पासवान ने दावा किया कि सरकार उन संगठनों से बातचीत करके आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिनकी “चल रहे प्रदर्शन में कोई भूमिका नहीं है.”
सुझाव के लिए जारी की ई-मेल आईडी
सरकारी पैनल ने सबसे पहले झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के लीडर देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले ग्रुप से मुलाकात की, जिनका इस मुद्दे पर अनशन सातवें दिन में प्रवेश कर गया. इसके बाद इसने NSUI, ACS और JCM के साथ अलग-अलग मीटिंग कीं. JCM ने 14वीं JPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा रद्द करने समेत पांच मांगें रखीं, जबकि NSUI ने छह मांगें रखीं, जिसमें शक के दायरे में आए सभी JPSC और JSSC परीक्षाओं की 90 दिनों के अंदर CID जांच और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरह झारखंड टेस्टिंग एजेंसी बनाना शामिल है. ACS नेता कार्तिक ओरांव ने भर्ती परीक्षाओं में आदिवासी और क्षेत्रीय भाषाओं को क्वालिफाइंग पेपर के तौर पर शामिल करने और जिन टेस्ट में गड़बड़ियां पाई गईं, उन्हें रद्द करने की मांग की. शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए उम्मीदवारों से सुझाव मांगने के लिए एक ईमेल ID जारी की है.
10 अगस्त को विधानसभा तक मार्च करेंगे छात्र
प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने यह भी घोषणा की है कि अगर सरकार रविवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो वे 10 अगस्त को विधानसभा तक मार्च करेंगे. इस बीच, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने शनिवार को स्टेडियम में एक अलग मंच बनाया, लेकिन उसके नेताओं ने कहा कि इस कदम को एक अलग आंदोलन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा, जिन पर शुक्रवार को बिरसा चौक के पास असेंबली मार्च के दौरान स्याही से हमला हुआ था, थोड़ी देर के लिए प्रदर्शन में शामिल हुईं और 14वीं JPSC और JSSC-CGL एग्जाम कैंसिल करने की मांग करते हुए नारे लगाए.
आर-पार के मूड में छात्र: मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत बेनतीजा
News Source: PTI
