CJP Protest : नीट पेपर लीक होने के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार उठ रही है. इसी मुद्दे को लेकर कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया गया और वह लगातार अपनी मांग पर अड़े हैं. प्रदर्शनकारी और सीजेपी का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए. साथ ही इनके दोषियों को भी जल्द से जल्द जेल में डालना चाहिए. सीजेपी लगातार शिक्षा मंत्री को पद छोड़ने पर जोर दे रही है.
RSS ने दया याचिकाएं लिखनी सिखाई
इस मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई, 2026 ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला. इस दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है. स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षा बलों ने युवाओं पर लाठीचार्ज कर दिया और आंसू गैस भी गोल दागे. इसी बीच तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा है. उन्होंने अपने सोसल मीडिया पोस्ट एक्स पर लिखा कि हो सकता है कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा पत्र लिखना न आता हो, क्योंकि RSS तो बस दया याचिकाएं लिखना सिखाता है.
‘इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड और ग्लूकोज लेने से इनकार…’, वांगचुक की हेल्थ पर डॉक्टरों का बड़ा अपडेट
जानें क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक ने पहली बार अपनी टिप्पणी की. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिलाया है. पीएम मोदी का यह बयान 20 जुलाई को CJP के संसद मार्च के एक दिन बाद आया है, जिसमें हिंसा भड़क गई थी और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ गया था. इस घटना में 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी और कई प्रदर्शनकारी चोटिल हुए थे. पुलिस ने 60 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया.
आज दिल्ली में NDA संसदीय दल की बैठक हुई. संसद पुस्तकालय भवन के G.M.C. बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NDA के अन्य नेता शामिल हुए थे. इस मीटिंग में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हुए और वे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बगल वाली सीट पर बैठे थे.इस बैठक में पीएम मोदी ने पहली बार नीट पेपर लीक मामले पर अपनी बात कही. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि छात्रों को लेकर सरकार संवेदनशील है. सरकार ने नीट पेपर पेपर लीक पर कार्रवाई की है. उन्होंने सख्ती के साथ कहा कि पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा दिलाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे यह भी कहा कि पेपर लीक पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी.
स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर
मंगलवार को सफदरजंग अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर हैं, लेकिन बार-बार चिकित्सीय सलाह के बावजूद वे इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड और ग्लूकोज लेने से इनकार कर रहे हैं. मालूम हो कि इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड एक खास लिक्विड पदार्थ होता है, जिसे सीधे मरीज की नस में ड्रिप या सुई के जरिए पहुंचाया (इंजेक्ट) जाता है. यह निर्जलीकरण को रोकने या उसका इलाज करने (Preventing or treating dehydration) के लिए किया जाता है. मंगलवार सुबह 9 बजे जारी हेल्थ बुलेटिन में अस्पताल ने कहा कि सभी जरूरी मेडिकल देखभाल दी जा रही है और उनकी क्लिनिकल स्थिति की लगातार और बारीकी से निगरानी की जा रही है.
‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं, दोषियों को…’, नीट पेपर लीक पर पहली बार क्या बोले पीएम मोदी?
