Ashok Choudhary: बिहार सरकार के मंत्री और पूर्व सीएम नीतीश कुमारी की पार्टी जदयू के राष्ट्रीय महासचिव अशोक चौधरी आज दिवंगत भरत तिवारी की फैमली से मिलने उनके गांव बिलौटी पहुंचे. प्रदेश के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पहुंचकर मंत्री ने भरत तिवारी के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की.
इस दौरान उन्होंने भरत तिवारी के पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि निष्पक्ष जांच के बाद न्याय सुनिश्चित किया जाएगा. मालूम हो कि पिछले महीने भोजपुर जिले में पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में भरत तिवारी को गोली लगी थी और उसके बाद उनकी मौत हो गई थी. जांच में बात सामने आई थी कि भरत को पांच गोली मारी गई थी. मामला तूल पकड़ा तो राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने 17 जून को हुई मुठभेड़ की न्यायिक जांच के आदेश दे दी. वहीं, आज अशोक चौधरी ने एनकाउंटर को गलत बताया. आइए जानते हैं पूरी खबर.
VIDEO | Bhojpur: Bihar Minister Ashok Chaudhary meets family members of Bharat Tiwari, who was allegedly killed in a police encounter.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 5, 2026
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भरत तिवारी के परिवार को न्याय मिलेगा- अशोक चौधरी
आज रविवार को बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की. मृतक के पैतृक गांव में शोक संतप्त परिवार से मिलने के बाद, मंत्री ने कहा कि उन्हें इस मामले के कई ऐसे पहलुओं के बारे में पता चला है जिनकी उन्हें पहले जानकारी नहीं थी और वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को घटनाक्रम से अवगत कराएंगे. उन्होंने कहा, “मैंने भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय मिलेगा. इस मामले के कई ऐसे पहलू हैं जिनकी जानकारी मुझे पहले नहीं थी, और अब मुझे उनसे अवगत कराया गया है. मैं मुख्यमंत्री को इन सभी मुद्दों पर जानकारी दूंगा और उन्हें मौजूदा स्थिति से अवगत कराऊंगा.”
वहीं, भरत तिवारी के परिवार से मिलने के लिए बिलौटी गांव जाते वक्त मीडिया से बात करते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, “एनकाउंटर गलत था, यह बात मैं बार-बार कहता रहा हूं… ऐसे अधिकारियों को निश्चित रूप से सजा मिलनी चाहिए.” परिवार से मिलने के बाद मंत्री ने कहा कि जांच के दौरान दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
VIDEO | Bihar Minister Ashok Chaudhary as he leaves for Bilauti village to meet Bharat Tiwari's family members, says, "The encounter was wrong, which I've been saying repeatedly…Such officers should definitely be punished."
— Press Trust of India (@PTI_News) July 5, 2026
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मुठभेड़ के दौरान एसडीएम क्या कर रहे थे?- मंत्री
मंत्री ने इस आरोप का खंडन करते हुए कि कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम का नेतृत्व करने वाले डीएसपी को प्रमोशन से पुरस्कृत किया गया था, चौधरी ने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी का तबादला किया गया था. उन्होंने कहा, “यह गलत प्रचार किया जा रहा है कि डीएसपी को पदोन्नति मिल गई है. कोई पदोन्नति नहीं दी गई है. उनका तबादला केवल इसलिए किया गया है ताकि जांच प्रभावित न हो.”
मंत्री ने कहा कि सरकार ने स्वयं अधिकारी के कामकाज को लेकर जनता की असंतुष्टि को स्वीकार किया था, जिसके कारण उनका तबादला हुआ. उन्होंने कहा कि स्थानीय उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) की भूमिका की भी जांच की जा रही है. मंत्री चौधरी ने कहा, “जब मुठभेड़ हुई, तब इलाके के एसडीएम मौके पर क्या कर रहे थे? इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.”
न्याय जरूर मिलेगा- अशोक चौधरी
चौधरी ने यह भी कहा कि वह न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष से बात करेंगे.उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा न्यायिक जांच का आदेश देना ही निष्पक्ष जांच के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने कहा, “अगर न्याय सुनिश्चित करने का इरादा ही न होता, तो न्यायिक जांच की कोई जरूरत ही नहीं होती. सरकार आईजी रैंक के किसी अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंप सकती थी. यह कोई राजशाही नहीं है, न ही ईरान जैसा देश है जहां सजा मनमानी होती है.” उन्होंने कहा, “हमारे यहां न्यायिक व्यवस्था है. इसमें थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन न्याय जरूर मिलेगा.”
मामले पर एक नजर
बता दें कि पुलिस के अनुसार, भरत तिवारी ने 17 जून को पुलिस अधिकारियों पर अवैध हथियार से गोली चलाई जब उन्होंने उसे गिरफ्तार करने का प्रयास किया. पुलिस ने कहा कि उन्होंने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, और तिवारी ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
हालांकि, उनके परिवार का आरोप है कि गोलीबारी से पहले उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था और दावा किया है कि उन्होंने अपना हथियार फेंक दिया था और पुलिस द्वारा गोली चलाने के समय वे निहत्थे थे. उन्होंने अपने दावे के समर्थन में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे कथित वीडियो का भी हवाला दिया है.
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News Source: PTI
