Home Top News भोजशाला में आज नहीं होगी जुमे की नमाज, मुस्लिम पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, MP HC के फैसले को चुनौती

भोजशाला में आज नहीं होगी जुमे की नमाज, मुस्लिम पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, MP HC के फैसले को चुनौती

by Neha Singh 22 May 2026, 8:51 AM IST
22 May 2026, 8:51 AM IST
Bhojshala Case in SC

Bhojshala Case in SC: मध्य प्रदेश के धार में भोजशाला में अब मुस्लिम समुदाय को नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं है. हाई कोर्ट ने 15 मई को ऐतिहासिक फैसले में भोजशाला कॉम्प्लेक्स को मंदिर घोषित कर दिया था. उस फैसले के बाद यह पहला शुक्रवार है जब वहां जुमे की नमाज नहीं पढ़ी जाएगी. वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष ने एमपी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. भोजशाला के आस-पास सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मंदिर-मस्जिद का विवाद

मुस्लिम पक्ष ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें कहा गया था कि राज्य के धार जिले में विवादित भोजशाला कॉम्प्लेक्स देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर था. हिंदू समुदाय भोजशाला को देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष 11वीं सदी के इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद कहता है. धार जिले में विवादित कॉम्प्लेक्स आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) द्वारा सुरक्षित है. मस्जिद के केयरटेकर, काजी मोइनुद्दीन द्वारा दायर अपील में हाई कोर्ट के 15 मई के आदेश को चुनौती दी गई है.

हिंदू पक्ष ने SC में कैविएट फाइल की

हाईकोर्ट के फैसले के अलावा, हिंदू पक्ष के पिटीशनर जितेंद्र सिंह विशेन ने 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट फाइल की, जिसमें रिक्वेस्ट की गई कि भोजशाला कॉम्प्लेक्स विवाद मामले में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ किसी भी अपील पर उनका पक्ष सुने बिना कोई ऑर्डर पास न किया जाए. विशेन की तरफ से अपील की गई कि नीचे साइन किए गए व्यक्ति को नोटिस दिए बिना ऊपर दिए गए मामले में कोई ऑर्डर पास न किया जाए.

एमपी हाईकोर्ट का फैसला

हिंदू पक्ष के लिए एक बड़ी जीत में, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने घोषित किया कि विवादित भोजशाला कॉम्प्लेक्स देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर और एक संस्कृत टीचिंग सेंटर था. कोर्ट ने कहा केंद्र और ASI इसके एडमिनिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट पर फैसला कर सकते हैं. हाई कोर्ट ने ASI के 7 अप्रैल, 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें मुसलमानों को हर शुक्रवार को भोजशाला कॉम्प्लेक्स के अंदर नमाज पढ़ने की इजाजत दी गई थी. मामले की सुनवाई कर रही हाई कोर्ट बेंच ने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय मस्जिद बनाने के लिए जिले में अलग जमीन देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार से संपर्क कर सकता है.

यह भी पढ़ें- भोजशाला में श्रद्धालुओं के लिए फ्री एंट्री की मांग, परिसर के नीचे हनुमान प्रतिमा का दावा

News Source: PTI

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