Hamza Burhan Murder: पुलवामा हमले के मास्टर माइंड हमजा बुरहान की गुरुवार को पाकिस्तान में गोली मारकर हत्या कर दी गई. उस पर अज्ञात बंदूकधारियों ने हमला किया. गोलीबारी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) स्थित मुजफ्फराबाद में हुई. अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है. हमजा बुरहान को पुलवामा हमले के प्रमुख मास्टर माइंडों में से एक माना जाता था. खुफिया एजेंसियों के अनुसार, बुरहान का भारत विरोधी गतिविधियों का एक लंबा इतिहास था और वह जम्मू-कश्मीर में युवाओं को आतंकवाद और कट्टरपंथ की ओर धकेलने के लिए जिम्मेदार था.
भारत ने 2022 में किया था आतंकी घोषित
बुरहान मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था. उसने सात साल पहले पाकिस्तान का दौरा किया और अल-बद्र आतंकवादी संगठन में शामिल हो गया. बाद में वह आतंकी समूह का ऑपरेशनल कमांडर बन गया. वह संगठन में आतंकवादियों की भर्ती भी करता था. इसके अतिरिक्त वह जम्मू-कश्मीर में युवाओं को हथियारों की आपूर्ति भी करता था. 2022 में भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित कर दिया. एजेंसियों का मानना था कि बुरहान पुलवामा और दक्षिण कश्मीर के अन्य हिस्सों में आतंक फैलाने के मास्टरमाइंड में से एक था. उनका मानना था कि बुरहान ने लोगों को भड़काने और युवाओं को भर्ती करने के लिए डिजिटल कट्टरपंथ मॉडल का इस्तेमाल किया, जिसमें बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया का उपयोग किया गया था.
2025 में पुलिस कुर्क कर चुकी है घर
हमज़ा बुरहान को अर्जुमंद गुलजार डार के नाम से भी जाना जाता था. वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल बद्र के शीर्ष कमांडरों में से एक था. वह सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में था. अगस्त 2025 में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अर्जमंद गुलजार के पिता के दो मंजिला घर को कुर्क कर लिया था. भारत सरकार ने 2022 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए हमजा बुरहान को आतंकवादी घोषित किया था.
युवाओं को संगठन में करता था शामिल
गृह मंत्रालय के अनुसार, बुरहान पाकिस्तान जाने के बाद से युवाओं को संगठन में शामिल होने और अल बद्र की आतंकी गतिविधियों के लिए वित्तीय मदद करने के लिए भी प्रेरित कर रहा था. पुलवामा की घटना भारत में सुरक्षाकर्मियों पर सबसे घातक हमला था, जो आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद द्वारा किया गया था. 14 फरवरी, 2019 को एक जैश आतंकवादी ने लेथपोरा में विस्फोटकों से भरी कार को सीआरपीएफ के काफिले में घुसा दिया था, जिसमें 40 कर्मी मारे गए. हमले के कुछ दिनों बाद भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक शुरू की, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया.
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News Source: LIVE TIMES TV
