Home Latest News & Updates दिल्ली BJP ने आपातकाल में जेल गये 115 सेनानियों का किया अभिनन्दन, CM रेखा बोलीं- संविधान हत्या दिवस

दिल्ली BJP ने आपातकाल में जेल गये 115 सेनानियों का किया अभिनन्दन, CM रेखा बोलीं- संविधान हत्या दिवस

by Kamlesh Kumar Singh 26 June 2026, 8:48 PM IST
26 June 2026, 8:48 PM IST
Delhi BJP felicitated 115 activists jailed Emergency

Delhi News : दिल्ली भाजपा ने शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की अध्यक्षता में एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान देश में लोकतंत्र की कि हत्या को लेकर एक सेमिनार का आयोजन किया गया. इस दौरान 115 लोकतांत्रिक सेनानियों का अभिनंदन किया गया. सेमिनार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ ही पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, लोकतंत्र सेनानी और भाजपा संसदीय दल के सदस्य सत्यनारायण जटिया और प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सम्बोधित किया.

भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण दिनों में से एक

इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज का दिन भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण दिनों में से एक हैं. हर साल जब हम रावण दहन करते हैं तो असत्य पर सत्य की और पाप पर पुण्य की जीत होती है. यह 25 जून का संविधान हत्या दिवस भी इसलिए याद किया जाता है कि आने वाली पीढ़ियों को इस बात का एहसास हो कि फिर इतिहास में अगर देश के किसी नेता ने ऐसा करने की कोशिश की तो देश के 140 करोड़ लोग ऐसा होने नहीं देंगे.

जंजीरों में जड़ने के बाद भी नहीं तोड़ पाए JP का साहस

रेखा गुप्ता ने कहा कि आज जो लोग जेब में संविधान लिए घूमते हैं और कहते हैं कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है. उन्होंने कहा कि ऐसे वाक्य कहने वाले लोग ये समझते हैं कि लोकतंत्र उनका दास है. कांग्रेस ने भारत के एक-एक लोकतांत्रिक सेनानी को जेल में डालकर अपमान करने का काम किया. कांग्रेस सरकार ने जय प्रकाश नारायण को लोहे की जंजीरों में जकड़ा, लेकिन उनके साहस को नहीं जकड़ पाई. मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी जेल में बंद होने के बावजूद उनकी लेखनी काम करती रही और लाखों लोकतंत्र सेनानियों की आवाज बनीं. वर्षों तक अपने परिवार से दूर रहने वाले लोकतंत्र सेनानियों ने यातनाएं सही, लेकिन देश प्रेम नहीं छोड़ा.

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आपातकाल का इतिहास न दोहराया जाए

इस मौके पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इतिहास की फितरत है वह दोहराता है और आपातकाल का इतिहास ना दोहराया जाए. यही वजह है कि आज प्रदेश अध्यक्ष के सानिध्य में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है और इसमें खासकर युवाओं को बुलाया गया है ताकि वह हकीकत से परिचित हो. साथ ही उन सेनानियों से मिले जिन्होंने आपातकाल की यातनाएं सहीं और उसके खिलाफ आवाज उठाईं. उन्होंने कहा कि जनता को हमें इस बात के लिए सचेत करना चाहिए कि जिनके हाथों में आपातकाल में सत्ता थी अगर वह दोबारा आए तो वह किस प्रकार से संविधान की हत्या करेंगे.

पीढ़ी दर पीढ़ी संविधान की हत्या की

स्मृति ईरानी ने कहा कि जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी संविधान की हत्या की, आज अगर सत्ता उनके पास चली जाए तो वह क्या हश्र करेंगे. इसका प्रमाण हम पहले देख चुके हैं. वह संसद में सड़क पर भ्रांतियां फैलाते हैं और बताने की कोशिश करते हैं कि वही संविधान के सच्चे संरक्षक है. इसलिए युवाओं को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि आपातकाल में क्या हश्र किया गया. पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश के संसद में शायद ही पहले ऐसी घटना हुई हैं कि यह व्यक्ति केरल राज्य से हैं और उनका नाम मास्टर सी. सदानंद हैं और उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी को चैलेंज देने की दुस्साहस किया. वह कम्युनिस्ट पार्टी जो कभी केन्द्र में रक्षक बनकर खड़ी रहती थी और उसके आवाज को बंद करने के लिए उनके पैरों को काट दिया गया. देश की संसद में ऐसा भयावह चित्र साक्षात प्रमाण है.

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