Health Tips: स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना काफी फायदेमंद माना जाता है. आयुष मंत्रालय ने योग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर अलग-अलग योगाभ्यासों की जानकारी साझा करता रहता है. इसी क्रम में मंत्रालय की ओर से साझा किए गए ‘घुटना संचालन’ के पोस्टर में इसे घुटनों और कूल्हे के जोड़ों को सक्रिय रखने में सहायक अभ्यास के तौर पर बताया गया है.
क्या है घुटना संचालन?
घुटना संचालन एक सरल योगाभ्यास है. जिसमें घुटनों को मोड़ते हुए शरीर को नियंत्रित तरीके से नीचे की ओर ले जाया जाता है और फिर वापस सीधी अवस्था में आया जाता है. इस दौरान शरीर का संतुलन बनाए रखना और सांसों की गति पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होता है. यह अभ्यास खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं और पैरों या घुटनों में सामान्य जकड़न महसूस करते हैं. हालांकि, अभ्यास हमेशा अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए.
कैसे करें घुटना संचालन? जानिए विधि
सबसे पहले सीधे खड़े होकर सांस लेते हुए दोनों भुजाओं को कंधों के स्तर तक सामने की ओर उठाएं. इसके बाद सांस छोड़ते हुए दोनों घुटनों को मोड़ें और शरीर को धीरे-धीरे आधी बैठी हुई स्थिति में लाएं. अंतिम स्थिति में दोनों घुटनों को मोड़कर शरीर का संतुलन बनाए रखें. इसके बाद सांस लेते हुए धीरे-धीरे शरीर को वापस सीधा करें. इस पूरी प्रक्रिया को एक चक्र मानकर दो बार दोहराएं. अभ्यास पूरा होने के बाद सामान्य स्थिति में लौटें और कुछ क्षण आराम करें. ध्यान रहें कि अभ्यास के दौरान सांस को सहज रखें और घुटनों पर अचानक या जरूरत से ज्यादा दबाव डालने से बचें.
क्या हो सकते हैं फायदे?
घुटने शरीर के महत्वपूर्ण भार-वहन करने वाले जोड़ों में शामिल हैं. चलने, बैठने, उठने और सीढ़ियां चढ़ने जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. ऐसे में घुटनों को सक्रिय रखना और उनकी सामान्य गतिशीलता बनाए रखना स्वस्थ शरीर के लिए बेहद जरूरी है.
घुटना संचालन जैसे हल्के योगाभ्यास के लाभ
- घुटनों और पैरों की गतिशीलता बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.
- शरीर को सक्रिय रखने में सहायक हो सकते हैं.
- पैरों में होने वाली सामान्य जकड़न को कम करने में मदद कर सकते हैं.
- योगाभ्यास से पहले शरीर को तैयार करने में उपयोगी हो सकते हैं.
- नियमित शारीरिक गतिविधि की आदत विकसित करने में मदद कर सकते हैं.
अभ्यास करते समय इन बातों का रखें ध्यान
घुटना संचालन करते समय अपनी क्षमता के अनुसार ही घुटनों को मोड़ें. शुरुआत में बहुत ज्यादा नीचे जाने या लंबे समय तक मुद्रा बनाए रखने की कोशिश न करें. साथ ही अगर किसी व्यक्ति को पहले से घुटने में तेज दर्द, सूजन, चोट या जोड़ों से जुड़ी गंभीर समस्या है.तो योगाभ्यास शुरू करने से पहले योग्य योग प्रशिक्षक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है. अभ्यास के दौरान दर्द या असहजता महसूस होने पर तुरंत रुक जाएं.
योग को बनाएं रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा
आयुष मंत्रालय के योग जागरूकता अभियानों का उद्देश्य लोगों को योग और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है. योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाकर व्यक्ति अपनी शारीरिक सक्रियता और स्वस्थ आदतों पर ध्यान दे सकता है. घुटना संचालन भी ऐसे ही सरल अभ्यासों में शामिल है. जिसे सही तकनीक और सावधानी के साथ योग दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है.
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